
नई दिल्ली। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस ने अपने विरोध प्रदर्शन को देशव्यापी स्तर पर तेज करने का ऐलान किया है। सोमवार को दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में कांग्रेस के महासचिवों, राज्य प्रभारियों, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों और फ्रंटल संगठनों के प्रमुखों की बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी वेणुगोपाल समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
बैठक के बाद कांग्रेस ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नाम से व्यापक अभियान चलाने की घोषणा की। पार्टी का कहना है कि यह अभियान SIR, मतदाता सूची में कथित बदलाव और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उसके सवालों को देशभर में उठाने के लिए चलाया जाएगा।
कांग्रेस ने 6 अक्टूबर को संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च करने का भी कार्यक्रम घोषित किया है। इसके बाद अक्टूबर और नवंबर में ब्लॉक, जिला और गांव स्तर तक कई चरणों में आंदोलन चलाने की योजना है।
6 अक्टूबर को संसद से चुनाव आयोग तक मार्च
कांग्रेस के मुताबिक, 6 अक्टूबर को दिल्ली में संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला जाएगा। पार्टी ने इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन बताया है।
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस इस प्रदर्शन के जरिए चुनाव आयोग और SIR को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराएगी। पार्टी नेतृत्व ने पुलिस से प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से होने देने की अपील भी की है।
कांग्रेस ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध जारी रखने की बात कही है और उनके पद से हटाए जाने की मांग को आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनाया है।
‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ होगा अभियान का नारा
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी नेताओं को कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर देशभर में अभियान तेज करने के निर्देश दिए।
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस का अभियान ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ आगे बढ़ेगा। पार्टी इस मुद्दे पर INDIA ब्लॉक के सहयोगी दलों को भी साथ लाने की कोशिश करेगी।
कांग्रेस का आरोप है कि SIR के दौरान मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं और इससे पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, चुनाव आयोग SIR को मतदाता सूची को अपडेट करने और अपात्र, मृत या डुप्लीकेट नामों को हटाने की प्रक्रिया के रूप में पेश करता रहा है।
10 से 20 अक्टूबर तक बाइक रैली और पदयात्रा
कांग्रेस ने आंदोलन के दूसरे चरण के लिए 10 से 20 अक्टूबर की अवधि तय की है। इस दौरान देशभर में ब्लॉक स्तर पर बाइक रैली, साइकिल रैली और पदयात्राओं का आयोजन किया जाएगा।
पार्टी के मुताबिक, इन कार्यक्रमों के दौरान मतदाता सूची और SIR से संबंधित अपने आरोपों को जनता के बीच ले जाया जाएगा। पर्चे भी बांटे जाएंगे।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा है कि इन प्रदर्शनों के दौरान CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे और कुछ स्थानों पर उनका पुतला जलाने की योजना भी है।
गांव-गांव चलेगा ‘वोट रक्षक’ अभियान
आंदोलन का अगला बड़ा चरण 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक चलाने की योजना है। कांग्रेस इसे गांव स्तर तक ले जाने की तैयारी कर रही है।
इस दौरान गांवों में ‘वोट रक्षक’ नाम से चौपाल आयोजित की जाएंगी। पार्टी कार्यकर्ता मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर लोगों से संपर्क करेंगे और कांग्रेस के मुताबिक, जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उनकी स्थिति की जानकारी जुटाने की कोशिश करेंगे।
कांग्रेस ने दावा किया है कि SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। यह संख्या और इसके कारणों को लेकर राजनीतिक दलों और चुनाव आयोग के बीच लगातार मतभेद बने हुए हैं।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में बड़ी रैली
कांग्रेस ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित करने की भी घोषणा की है।
पार्टी इसे देशव्यापी अभियान के बड़े राजनीतिक कार्यक्रम के तौर पर देख रही है। इसके जरिए SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ अपने विरोध को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करने की कोशिश की जाएगी।
इसके अलावा कांग्रेस ने नवंबर के अंत में दिल्ली में बड़े प्रदर्शन की भी तैयारी की है। पार्टी के अनुसार, 25 और 26 नवंबर को ‘चालो दिल्ली’ अभियान के तहत अलग-अलग स्थानों से यात्राएं दिल्ली पहुंचेंगी और संविधान दिवस के मौके पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
ज्ञानेश कुमार पर कांग्रेस के आरोप, चुनाव आयोग का अलग पक्ष
कांग्रेस ने CEC ज्ञानेश कुमार पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं और उनके इस्तीफे या हटाए जाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
यह विवाद ऐसे समय में और बढ़ा है जब 5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने Form 6 के किसी संशोधित संस्करण को मंजूरी नहीं दी थी। अदालत ने इस बदलाव को लेकर संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने कांग्रेस और राहुल गांधी के कुछ आरोपों को भ्रामक बताया है और Form 6 में बदलाव को लेकर अपना अलग पक्ष रखा है। इसलिए इस पूरे विवाद में कांग्रेस के आरोपों और चुनाव आयोग के जवाब—दोनों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
आगे क्या?
कांग्रेस का आंदोलन अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहने वाला है। पार्टी ने इसे संसद से सड़क, ब्लॉक स्तर से गांवों की चौपाल और फिर राष्ट्रीय स्तर की रैलियों तक ले जाने की रणनीति बनाई है।
6 अक्टूबर का चुनाव आयोग मार्च इस अभियान का तत्काल अगला बड़ा कार्यक्रम होगा, जबकि 10 अक्टूबर से शुरू होने वाला चरण इसे देशभर में संगठनात्मक स्तर पर फैलाने की कोशिश करेगा।

