
दुर्ग। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है। दुर्ग जिले में कांग्रेस ने प्रारंभिक मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के वार्ड बदलने का आरोप लगाया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भिलाई, रिसाली, भिलाई-चरोदा नगर निगम और जामुल नगर पालिका की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए हैं।
पत्रकार वार्ता में बघेल ने अलग-अलग वार्डों के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए पूछा कि जब वार्डों का परिसीमन नहीं हुआ है, तो एक वार्ड के मतदाताओं के नाम दूसरे वार्ड में कैसे स्थानांतरित हो गए? उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में हुए इन बदलावों की जांच होनी चाहिए और प्रभावित मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए।
भिलाई नगर निगम: सात वार्डों में मतदाता स्थानांतरण का दावा
भूपेश बघेल के मुताबिक, भिलाई नगर निगम की प्रारंभिक मतदाता सूची में कई वार्डों के मतदाताओं के नाम दूसरे वार्डों में स्थानांतरित किए गए हैं।
उनके द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार:
- वार्ड 3 से वार्ड 5 में 192 मतदाता।
- वार्ड 5 से वार्ड 3 में 493 मतदाता।
- वार्ड 9 से वार्ड 10 में 721 मतदाता।
- वार्ड 9 से वार्ड 11 में 556 मतदाता।
- वार्ड 15 से वार्ड 14 में 232 मतदाता।
- वार्ड 17 से वार्ड 18 में 316 मतदाता।
- वार्ड 59 से वार्ड 60 में 228 मतदाता।
बघेल ने इन बदलावों को लेकर निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाए और कहा कि बिना परिसीमन के इस तरह मतदाताओं के वार्ड बदलने का कारण स्पष्ट होना चाहिए।
रिसाली नगर निगम में भी बदलाव का आरोप
रिसाली नगर निगम की मतदाता सूची को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। बघेल के अनुसार, यहां तीन वार्डों में मतदाताओं के नाम स्थानांतरित किए गए हैं।
- वार्ड 3 से वार्ड 4 में 250 मतदाता।
- वार्ड 25 से वार्ड 24 में 358 मतदाता।
- वार्ड 26 से वार्ड 31 में 416 मतदाता।
भिलाई-चरोदा और जामुल में भी उठाया मुद्दा
भिलाई-चरोदा नगर निगम के संबंध में बघेल ने वार्ड 2 से वार्ड 3 में 202 और वार्ड 22 से वार्ड 23 में 304 मतदाताओं के नाम स्थानांतरित होने का दावा किया।
वहीं, जामुल नगर पालिका के वार्ड 20 से वार्ड 19 में 196 मतदाताओं के नाम स्थानांतरित किए जाने का मामला भी उठाया गया।
कांग्रेस का कहना है कि इन सभी निकायों की प्रारंभिक मतदाता सूची में सामने आए बदलावों की जांच कराई जानी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत वार्ड में दर्ज होने या मतदान के अधिकार को लेकर परेशानी की स्थिति न बने।
30 अक्टूबर तक आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया
भूपेश बघेल ने बताया कि प्रारंभिक मतदाता सूची पर आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की ओर से इन कथित गड़बड़ियों को लेकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्तियां दर्ज कराई जाएंगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आपत्तियों का उचित निराकरण नहीं किया गया और मतदाता सूची में सामने आई विसंगतियों को दूर नहीं किया गया, तो कांग्रेस इस मामले को लेकर हाईकोर्ट का रुख करेगी।
निर्वाचन अधिकारियों के सामने ये सवाल
इस पूरे मामले में अब निर्वाचन अधिकारियों से कुछ अहम सवालों के जवाब अपेक्षित हैं—
क्या संबंधित निकायों में वास्तव में वार्डों का परिसीमन हुआ है?
- मतदाताओं के नाम एक वार्ड से दूसरे वार्ड में स्थानांतरित करने का आधार क्या है?
- क्या ये बदलाव भौतिक सत्यापन, पते में परिवर्तन या किसी अन्य प्रक्रिया के तहत किए गए हैं?
- क्या प्रभावित मतदाताओं को इसकी सूचना दी गई है?
- कांग्रेस की ओर से दर्ज कराई जाने वाली आपत्तियों का निराकरण किस समय-सीमा में होगा?
फिलहाल, भूपेश बघेल द्वारा प्रस्तुत आंकड़े कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोप हैं। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि और निर्वाचन अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। मतदाता सूची की अंतिम स्थिति आपत्तियों के निराकरण और निर्वाचन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

