
दुर्ग | समोदा गांव | 29 अक्टूबर 2026
दुर्ग जिले के समोदा गांव के सरपंच अरुण गौतम के खिलाफ कलेक्टर और एसडीएम के संबंध में कथित अभद्र भाषा वाला WhatsApp स्टेटस लगाने के आरोप में FIR दर्ज की गई है। जेवरा सिरसा चौकी पुलिस ने शिकायत और प्रशासनिक ज्ञापन के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
वहीं, सरपंच अरुण गौतम ने आरोपों पर सफाई देते हुए कहा है कि WhatsApp पर रिश्तेदार से बातचीत के दौरान उनके आठ साल के बेटे ने गलती से एक मैसेज स्टेटस पर लगा दिया था। उनके मुताबिक, जानकारी मिलते ही उन्होंने स्टेटस हटा दिया। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि होना बाकी है।
क्या है पूरा मामला?
मामला दुर्ग जिले के जेवरा सिरसा चौकी क्षेत्र के ग्राम समोदा का है। शिकायतकर्ता जितेंद्र देशमुख (33), जो पेशे से सिविल इंजीनियर हैं, ने WhatsApp के माध्यम से प्रशासन से शिकायत की थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि सरपंच अरुण गौतम के मोबाइल नंबर से लगाए गए WhatsApp स्टेटस में जिले के कलेक्टर और एसडीएम के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था।
शिकायत के बाद अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM), दुर्ग ग्रामीण कार्यालय की ओर से 27 अक्टूबर 2026 को ज्ञापन क्रमांक 2358/वाचक/2026 जारी किया गया। इसमें संबंधित स्टेटस की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई और FIR दर्ज कराने के लिए कहा गया था।
पुलिस को 28 अक्टूबर को ज्ञापन प्राप्त हुआ। इसके बाद मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया।
पुलिस बोली- शिकायत और साक्ष्यों की जांच जारी
एएसपी शोभराज अग्रवाल के अनुसार, जेवरा सिरसा चौकी क्षेत्र में एक व्यक्ति के WhatsApp स्टेटस पर अधिकारियों के खिलाफ कथित अभद्र भाषा के इस्तेमाल की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया।
अब पुलिस शिकायत, उपलब्ध स्क्रीनशॉट और अन्य तथ्यों की जांच करेगी। जांच में यह स्पष्ट करने का प्रयास होगा कि विवादित स्टेटस किस परिस्थिति में लगाया गया था और मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई बनती है।
सरपंच की सफाई- आठ साल के बेटे ने गलती से लगाया स्टेटस
सरपंच अरुण गौतम ने आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वह एक रिश्तेदार से WhatsApp पर सामान्य बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान बातचीत में भेजे गए एक मैसेज को उनके आठ साल के बेटे ने गलती से स्टेटस पर लगा दिया।
सरपंच का दावा है कि जब उन्हें इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने तत्काल स्टेटस हटा दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गांव का सरपंच होने के कारण उनके खिलाफ पहले से कई मामले चल रहे हैं और विरोधी इस घटना को उनके खिलाफ मुद्दा बना रहे हैं।
यह सरपंच का पक्ष है। पुलिस जांच में इस दावे की पुष्टि होना अभी बाकी है।
शिकायतकर्ता ने पुराने मामलों का भी किया उल्लेख
शिकायतकर्ता जितेंद्र देशमुख ने सरपंच के खिलाफ पहले से चल रही कथित कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाइयों का भी जिक्र किया है। उनके अनुसार, सरपंच का नाम चौकी की गुंडा-बदमाश सूची में दर्ज है और उनके खिलाफ शांति भंग से संबंधित मामला भी है।
शिकायतकर्ता ने पंचायत राज अधिनियम की धारा 122 के तहत निर्वाचन शून्य होने और हाईकोर्ट से स्टे मिलने का दावा किया है। इसके अलावा, उन्होंने पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत अनियमितताओं से संबंधित प्रकरण का उल्लेख किया।
देशमुख के मुताबिक, सरपंच की पत्नी अन्नु गौतम को 6 लाख 67 हजार 160 रुपये की वसूली का नोटिस भी मिला है।
हालांकि, इन पुराने मामलों, न्यायालयीन आदेशों और वसूली नोटिस से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हो सकी है। इसलिए इन्हें शिकायतकर्ता के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
अफीम की कथित खेती के मामले में भी चर्चा में आया था समोदा
दुर्ग जिले का समोदा गांव मार्च 2026 में कथित अफीम की खेती के मामले को लेकर भी चर्चा में आया था। अब सरपंच के WhatsApp स्टेटस को लेकर FIR दर्ज होने के बाद गांव फिर सुर्खियों में है।
अब जांच पर टिकी नजर
फिलहाल इस मामले में FIR दर्ज हुई है, लेकिन आरोपों की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस विवादित स्टेटस, उपलब्ध साक्ष्यों और सरपंच के स्पष्टीकरण की जांच कर रही है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि स्टेटस किसने लगाया, किन परिस्थितियों में लगाया गया और मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई उचित होगी।

