
रायपुर। कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा से कथित तौर पर 25 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में आरोपी शोएब ढेबर की तलाश तेज हो गई है। रायपुर पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए बुधवार को शहर में कई संभावित ठिकानों पर एक साथ दबिश दी, लेकिन पुलिस टीमों के पहुंचने से पहले ही उसके वहां से निकल जाने की जानकारी सामने आई। अब पुलिस उसकी तलाश के साथ-साथ इस बात की भी जांच कर रही है कि कार्रवाई की गोपनीय जानकारी आरोपी तक कैसे पहुंची।
इसी बीच पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट में पदस्थ आरक्षक शिवम द्विवेदी को लाइन अटैच किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उस पर पुलिस की दबिश से संबंधित गोपनीय जानकारी लीक होने में भूमिका या लापरवाही का संदेह है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस कार्रवाई के विस्तृत आधार और सूचना लीक होने की पूरी प्रक्रिया को लेकर अभी सभी तथ्य सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर दबिश
पुलिस टीमों ने शोएब ढेबर की तलाश में पाम बेलाजिओ स्थित ठिकाने, बैरन बाजार स्थित पारिवारिक आवास समेत करीब आधा दर्जन संभावित स्थानों पर दबिश दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी के वहां से निकल जाने की जानकारी मिली।
दबिश के बाद पुलिस ने उसके संभावित नए ठिकानों, संपर्कों और आवाजाही से जुड़ी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। कुछ रिपोर्टों में उसके दूसरे राज्य में चले जाने की आशंका भी जताई गई है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
क्या पुलिस की कार्रवाई की जानकारी पहले ही पहुंच गई थी?
शोएब के पुलिस टीम के पहुंचने से पहले ठिकाने से निकल जाने के बाद पुलिस के भीतर से ही कार्रवाई की जानकारी लीक होने की आशंका सामने आई। इसी सिलसिले में आरक्षक शिवम द्विवेदी को लाइन अटैच किए जाने की जानकारी है।
रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस विभाग ने यह पता लगाने के लिए आंतरिक जांच शुरू की है कि छापेमारी से जुड़ी जानकारी किस स्तर से बाहर गई और वह आरोपी तक किस माध्यम से पहुंची। कुछ रिपोर्टों में आरक्षक के मोबाइल से शोएब को कॉल किए जाने की बात भी कही गई है, लेकिन इस संबंध में आधिकारिक जांच के अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं।
कोर्ट से दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति
इस मामले में शोएब ढेबर को पहले पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। बाद में उसे जमानत मिलने के बाद पुलिस ने उसकी दोबारा गिरफ्तारी के लिए अदालत का रुख किया। रिपोर्टों के मुताबिक सीजेएम कोर्ट से पुलिस को उसे दोबारा गिरफ्तार करने की अनुमति मिल चुकी है। इसके बाद उसकी तलाश में छापेमारी तेज की गई।

आनंद कुकरेजा को 25 करोड़ की धमकी का मामला
मामला कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को कथित तौर पर धमकी देकर 25 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक 14 सितंबर को कुकरेजा को विदेशी नंबर से WhatsApp के जरिए धमकी मिलने की शिकायत सामने आई थी। आरोप है कि रकम नहीं देने पर उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। जांच के दौरान शोएब ढेबर का नाम सामने आया।
पुलिस इस मामले में धमकी देने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल और सिम, आरोपियों के संपर्क तथा कथित रंगदारी मांगने के पीछे मौजूद नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
दो अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जानकारी
मामले के बीच पुलिस विभाग में गोपनीय सूचनाओं के लीक होने को लेकर अन्य कार्रवाई की जानकारी भी सामने आई है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार दो अन्य आरक्षकों को भी अलग मामले में लाइन अटैच किया गया है। हालांकि, इन कार्रवाइयों की परिस्थितियां और शोएब ढेबर मामले से उनका सीधा संबंध अलग-अलग जांच का विषय है।
फिलहाल पुलिस के सामने दो प्रमुख बिंदु हैं—शोएब ढेबर की गिरफ्तारी और पुलिस की दबिश की जानकारी लीक होने की जांच। आरोपी की तलाश जारी है और सूचना लीक होने के आरोपों पर विभागीय जांच के निष्कर्ष आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

