पुरानी जिलेवार रिपोर्ट के बजाय ताजा शपथपत्र पेश करने का निर्देश, दिसंबर में होगी अगली सुनवाई

बिलासपुर, 2 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन की मौजूदा प्रगति को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से ताजा जानकारी मांगी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पिछली जिलेवार रिपोर्ट के बजाय अब योजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी सक्षम अधिकारी के शपथपत्र के माध्यम से प्रस्तुत की जाए।
चीफ जस्टिस कृष्णा राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि केंद्र सरकार से राज्य का अंशदान मिलने के बाद जल जीवन मिशन के कार्यों में कितनी प्रगति हुई है और अब तक कितना काम पूरा किया जा चुका है, इसकी अद्यतन जानकारी अगली सुनवाई में अदालत के समक्ष रखी जाए। मामले की अगली सुनवाई दिसंबर 2026 के तीसरे सप्ताह में निर्धारित की गई है।
2024 में हाईकोर्ट ने लिया था स्वत: संज्ञान
जल जीवन मिशन से जुड़ा यह मामला वर्ष 2024 में हाईकोर्ट द्वारा स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई जनहित याचिका से संबंधित है। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य में योजना के क्रियान्वयन और उसकी प्रगति से संबंधित जानकारी अदालत के समक्ष प्रस्तुत की जाती रही है।
इस सुनवाई में कोर्ट ने योजना की मौजूदा स्थिति जानने पर जोर दिया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पिछली रिपोर्ट के बाद जमीन पर कितना काम आगे बढ़ा है।
पुरानी जिलेवार रिपोर्ट पर कोर्ट ने मांगी नई जानकारी
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव की ओर से 20 फरवरी 2025 को प्रस्तुत किए गए शपथपत्र का अवलोकन किया। इस शपथपत्र में जल जीवन मिशन की जिलेवार स्थिति का उल्लेख किया गया था।
हालांकि, अब कोर्ट ने राज्य सरकार को पुरानी रिपोर्ट के आधार पर जानकारी देने के बजाय योजना की वर्तमान स्थिति अदालत के सामने रखने का निर्देश दिया है।
यानी अगली सुनवाई में राज्य सरकार को यह बताना होगा कि फरवरी 2025 में प्रस्तुत स्थिति के बाद योजना के कार्यों में कितना बदलाव और प्रगति हुई है।
केंद्र से राज्य का अंशदान मिलने की जानकारी
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने अदालत को बताया कि इस बीच केंद्र सरकार ने योजना के कार्यों को पूरा करने के लिए राज्य का अंशदान जारी कर दिया है।
इसके बाद कोर्ट ने योजना की वास्तविक प्रगति की अद्यतन जानकारी मांगी है। अदालत ने विशेष रूप से यह जानकारी शपथपत्र के माध्यम से प्रस्तुत करने को कहा है।
दिसंबर में पेश होगी योजना की अद्यतन स्थिति
अब राज्य सरकार को दिसंबर 2026 में होने वाली अगली सुनवाई के दौरान जल जीवन मिशन की मौजूदा स्थिति की विस्तृत जानकारी अदालत के समक्ष रखनी होगी।
शपथपत्र में केंद्र से राशि मिलने के बाद योजना के काम में हुई प्रगति और अब तक पूरा किए गए कार्यों की स्थिति बताई जानी है। इससे अदालत के सामने योजना के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति और पिछली रिपोर्ट के बाद हुई प्रगति का अपडेट उपलब्ध होगा।
सुनवाई में इन अधिवक्ताओं ने रखा पक्ष
राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने पक्ष रखा। वहीं केंद्र सरकार की ओर से उप सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया रमाकांत मिश्रा और इंटरवेनर की ओर से अधिवक्ता चेतना शर्मा ने मामले में पक्ष रखा।
फिलहाल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को योजना की अद्यतन स्थिति सक्षम अधिकारी के शपथपत्र के साथ प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई दिसंबर 2026 के तीसरे सप्ताह में होगी।


