
राहुल गांधी का दावा- छत्तीसगढ़ चुनाव में भी हुई ‘वोट चोरी’, CEC ज्ञानेश कुमार पर उठाए सवाल
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार, 24 सितंबर को चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर कई सवाल उठाए। दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में करीब 55 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के चुनावों में ‘वोट चोरी’ हुई है। उन्होंने कहा कि उनके तकनीकी विशेषज्ञों ने छत्तीसगढ़ के चुनाव से जुड़ी चुनाव आयोग की कथित गलती पकड़ी है।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और CEC ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने ज्ञानेश कुमार की CEC के रूप में नियुक्ति का विरोध किया था, लेकिन उनकी आपत्ति को स्वीकार नहीं किया गया। राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त को कानून से ऊपर रखने की व्यवस्था की है।

छत्तीसगढ़ समेत इन राज्यों का लिया नाम
राहुल गांधी ने अपने आरोपों के दौरान छत्तीसगढ़, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात समेत कई राज्यों के चुनावों का जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि कुछ राज्यों में चुनावों के दौरान सरकारों के खिलाफ दिखने वाला सत्ता-विरोधी रुझान बाद में क्यों नजर नहीं आया। ये सभी आरोप फिलहाल राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को 2024 के लोकसभा चुनाव और उसके बाद हुए विधानसभा चुनावों से जोड़ते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए।
‘वोट चोरी के बाद कानून चोरी’
राहुल गांधी ने अपने तर्क को आगे बढ़ाते हुए कहा कि अगर कथित तौर पर गलत तरीके से मिले वोटों के आधार पर कोई उम्मीदवार चुनाव जीतता है और फिर संसद में जाकर कानून बनाता है, तो मामला केवल वोट तक सीमित नहीं रहता। उन्होंने इसे ‘वोट चोरी, कानून चोरी और संस्था चोरी’ के रूप में पेश किया।
2023 में BJP को 54 और कांग्रेस को 35 सीटें मिली थीं
छत्तीसगढ़ के 2023 विधानसभा चुनाव में 90 सीटों के परिणाम में BJP ने 54 सीटें, कांग्रेस ने 35 सीटें और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP) ने 1 सीट जीती थी। निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार BJP को 46.27% और कांग्रेस को 42.23% वोट मिले थे। Election Commission of India

इस तरह दोनों प्रमुख दलों के वोट शेयर में करीब 4.04 प्रतिशत अंक का अंतर था, जबकि सीटों में अंतर 19 का रहा। यह अंतर चुनाव परिणामों के विश्लेषण में अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों के परिणामों के संदर्भ में देखा जाता है। हालांकि, इन आंकड़ों से अपने आप किसी चुनावी गड़बड़ी की पुष्टि नहीं होती।
EVM और चुनावी प्रक्रिया पर पहले भी उठे सवाल
2023 के विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस की ओर से EVM और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने परिणाम स्वीकार करने और बाद में हार के कारणों की समीक्षा करने की बात कही थी, जबकि EVM को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए थे।

SIR और मतदाता सूची पर भी राहुल के सवाल
राहुल गांधी ने Special Intensive Revision (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल इस मुद्दे पर एकजुट हैं और मतदाता सूची से जुड़े मामलों पर मिलकर काम करेंगे। उन्होंने युवा मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में जुड़ने में कथित परेशानियों का भी उल्लेख किया।
चुनाव आयोग का पक्ष
राहुल गांधी के आरोपों के बीच चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि पिछले एक साल में आयोग के फैसले पूरे आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं और अलग-अलग अधिकारियों की टिप्पणियां संस्थागत विचार-विमर्श का हिस्सा हैं। फिलहाल राहुल गांधी द्वारा छत्तीसगढ़ चुनाव में कथित ‘वोट चोरी’ और तकनीकी विशेषज्ञ द्वारा चुनाव आयोग की कथित गलती पकड़े जाने संबंधी दावे राजनीतिक आरोप हैं। इन दावों के समर्थन में राहुल गांधी द्वारा बताई गई तकनीकी सामग्री या स्वतंत्र जांच के निष्कर्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध स्रोतों से स्थापित नहीं होते।

