
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 सितंबर को CNN, MS NOW और Politico के पत्रकारों को व्हाइट हाउस से प्रतिबंधित करने की घोषणा की थी। ट्रंप ने इन मीडिया संस्थानों पर उनके प्रशासन और अमेरिका को लेकर “फेक न्यूज”, “फिक्शन” और “झूठ” प्रकाशित करने का आरोप लगाया था।
ट्रंप ने कहा था कि मीडिया संस्थानों को राष्ट्रपति और प्रशासन की कवरेज के दौरान लगातार गलत या काल्पनिक खबरें प्रकाशित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि भविष्य में अन्य मीडिया संस्थानों पर भी इसी तरह की कार्रवाई की जा सकती है।

ट्रंप ने Politico को लेकर यह आरोप भी लगाया था कि जो बाइडन प्रशासन के दौरान अमेरिकी सरकार ने उसके सब्सक्रिप्शन पर करीब 80 लाख डॉलर खर्च किए थे। Politico ने इस दावे को गलत बताया था।
कोर्ट के आदेश के बाद बहाल हुई एंट्री
CNN, MS NOW और Politico ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ अदालत का रुख किया। 24 सितंबर को अमेरिकी जिला जज टिमोथी केली ने तीनों मीडिया संस्थानों के पत्रकारों के व्हाइट हाउस प्रेस पास तत्काल बहाल करने का आदेश दिया। यह अस्थायी आदेश 14 दिनों तक प्रभावी रहेगा, जब तक अदालत की ओर से कोई दूसरा आदेश नहीं आता।
अदालत के आदेश के बाद तीनों संस्थानों के पत्रकारों को व्हाइट हाउस में दोबारा प्रवेश दिया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।

