
रायपुर/नई दिल्ली, 4 नवंबर 2026। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में जांच एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता मिलने की खबर सामने आई है। ऐप के सह-संस्थापक और प्रमुख आरोपी रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किए जाने की सूचना है। यह घटनाक्रम सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत प्रत्यर्पित कर लाए जाने के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है।
हालांकि, इस गिरफ्तारी की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हिंदुस्तान टाइम्स की 4 नवंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय जांच एजेंसियों को अनौपचारिक माध्यमों से रवि उप्पल की गिरफ्तारी की जानकारी मिली है। UAE सरकार की ओर से भारत को अब तक कोई औपचारिक सूचना नहीं दी गई है। भारतीय अधिकारी आधिकारिक माध्यमों से जानकारी जुटाने और उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में लगे हैं।
सौरभ चंद्राकर के बाद अब रवि उप्पल पर शिकंजा
महादेव ऑनलाइन बुक सट्टेबाजी नेटवर्क के दो प्रमुख प्रमोटरों में सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के नाम शामिल हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों ने मिलकर इस प्लेटफॉर्म को देशभर में फैले कथित अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क के रूप में विकसित किया था।
सौरभ चंद्राकर को हाल ही में ओमान से भारत प्रत्यर्पित किया गया है। अब रवि उप्पल की दुबई में गिरफ्तारी की खबर ने मामले में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम जोड़ दिया है।
हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में एक भारतीय सरकारी अधिकारी ने अनौपचारिक सूचना के आधार पर गिरफ्तारी की पुष्टि की और कहा कि एजेंसियां उसे जल्द से जल्द UAE से भारत लाने का प्रयास करेंगी। हालांकि, प्रत्यर्पण की औपचारिक प्रक्रिया और उसकी समय-सीमा अभी स्पष्ट नहीं है।

कौन है रवि उप्पल? भिलाई से दुबई तक पहुंचा कथित सट्टेबाजी नेटवर्क
रवि उप्पल छत्तीसगढ़ के भिलाई का निवासी है। ED के जांच दस्तावेजों के मुताबिक, वह महादेव ऑनलाइन बुक का सह-संस्थापक और सौरभ चंद्राकर का कारोबारी सहयोगी रहा है।
जांच एजेंसी के अनुसार, जहां सौरभ चंद्राकर नेटवर्क के प्रचार और संचालन से जुड़े काम देखता था, वहीं रवि उप्पल कथित तौर पर वित्तीय नेटवर्क, हवाला के जरिए रकम पहुंचाने और सट्टेबाजी पैनल संचालकों के साथ समन्वय का काम संभालता था।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में ED के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि उप्पल की पूछताछ से कथित धन के लेन-देन की कड़ियां और अवैध कमाई के लाभार्थियों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। ये जांच एजेंसी के आरोप और आकलन हैं, जिनकी पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होनी बाकी है। India News +1
2023 में भी दुबई में हिरासत, 45 दिन बाद हो गया था रिहा
रवि उप्पल के खिलाफ इंटरपोल ने अक्टूबर 2023 में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। इसके बाद दिसंबर 2023 में दुबई अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया था।
लेकिन वह करीब 45 दिनों के भीतर रिहा हो गया। इसके बाद ED ने जनवरी 2024 में UAE को उसके प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक अनुरोध भेजा था।
नवंबर 2025 में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, उप्पल UAE छोड़कर किसी अज्ञात स्थान पर चला गया था। जांच एजेंसियों को उसके वानुआतु में रहने की जानकारी मिली थी। बाद में वह फिर दुबई लौट आया। 2 नवंबर 2026 को हिंदुस्तान टाइम्स ने रिपोर्ट किया था कि भारतीय एजेंसियां उसके दुबई में होने की सूचना के आधार पर प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज कर रही हैं।
ED के मुताबिक, सैकड़ों करोड़ के हवाला लेन-देन में थी भूमिका
महादेव ऐप मामले में रवि उप्पल की भूमिका को लेकर ED की जांच का प्रमुख हिस्सा कथित हवाला नेटवर्क है।
ED के अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, उप्पल सट्टेबाजी से प्राप्त रकम को हवाला चैनलों के जरिए पहुंचाने और नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित अवैध कमाई किन लोगों और संस्थाओं तक पहुंची।
ED ने पहले आरोप लगाया था कि महादेव ऑनलाइन बुक का संचालन फ्रेंचाइजी पैनल और शाखाओं के नेटवर्क के जरिए होता था। इस नेटवर्क से प्राप्त रकम को म्यूल बैंक खातों, वित्तीय लेयरिंग और हवाला के माध्यम से विदेश भेजा जाता था।
अब भारत लाने की कोशिश, जांच में खुल सकते हैं कई वित्तीय राज
CBI और ED के लिए रवि उप्पल की संभावित गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह कथित नेटवर्क के वित्तीय संचालन से जुड़ा प्रमुख आरोपी है।
जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई में कुछ अहम पहलुओं पर ध्यान रहेगा:
- सट्टेबाजी से प्राप्त रकम का पूरा वित्तीय नेटवर्क।
- हवाला के जरिए भारत से विदेश भेजी गई कथित रकम।
- देशभर में सक्रिय सट्टेबाजी पैनलों के संचालकों की भूमिका।
- कथित अवैध कमाई के अंतिम लाभार्थियों की पहचान।
- नेटवर्क को संरक्षण देने के आरोपों की जांच।
CBI ने जुलाई 2026 में महादेव ऐप से जुड़े मामलों में अतिरिक्त आरोपपत्र दाखिल करने और सौरभ चंद्राकर तथा रवि उप्पल के खिलाफ अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत करने की जानकारी दी थी।
सबसे अहम सवाल: क्या रवि उप्पल भी भारत लाया जाएगा?
सौरभ चंद्राकर के भारत प्रत्यर्पण के बाद अब रवि उप्पल की दुबई में गिरफ्तारी की खबर ने महादेव ऐप मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। लेकिन फिलहाल दो बातें स्पष्ट होना बाकी हैं—पहली, UAE सरकार की ओर से गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि और दूसरी, उसके प्रत्यर्पण की औपचारिक प्रक्रिया।
यदि गिरफ्तारी की पुष्टि होती है और प्रत्यर्पण की मंजूरी मिलती है, तो भारतीय जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर महादेव सट्टेबाजी नेटवर्क के वित्तीय संचालन और कथित लाभार्थियों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर सकती हैं।
फिलहाल रवि उप्पल की दुबई में गिरफ्तारी की खबर मीडिया रिपोर्ट और भारतीय एजेंसियों को मिली अनौपचारिक जानकारी पर आधारित है। UAE की आधिकारिक पुष्टि और भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया का इंतजार है।

