झीरम पीड़ित परिवारों से राहुल गांधी की मुलाकात, आगे की कानूनी लड़ाई पर बनी रणनीति

झीरम घाटी पीड़ित परिवारों के साथ राहुल गांधी की दिल्ली में बैठक
नई दिल्ली में राहुल गांधी ने झीरम घाटी मामले के पीड़ित परिवारों और छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की।

नई दिल्ली, 26 सितंबर 2026। झीरम घाटी मामले को लेकर कांग्रेस ने आगे की कानूनी लड़ाई जारी रखने के संकेत दिए हैं। शनिवार को नई दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और झीरम घाटी घटना से प्रभावित परिवारों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। बैठक में हालिया NIA अदालत के फैसले, जांच से जुड़े सवालों और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर चर्चा हुई।

एक ही टेबल पर पीड़ित परिवार और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

बैठक में छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज मौजूद रहे।

पीड़ित एवं प्रभावित परिवारों की ओर से उमेश पटेल, अनिता योगेंद्र शर्मा, जितेंद्र मुदलियार, छविंद्र कर्मा, शिव सिंह ठाकुर और मलकीत सिंह गैंदू समेत अन्य सदस्य बैठक में शामिल हुए। रिपोर्टों के अनुसार प्रतिनिधिमंडल में करीब 15 लोग शामिल थे।

NIA कोर्ट के फैसले के बाद अब अगली कानूनी लड़ाई पर फोकस

झीरम घाटी मामले में जगदलपुर की विशेष NIA अदालत ने 5 सितंबर 2026 को 10 आरोपियों को दोषी ठहराया था। इसके बाद 16 सितंबर को सभी 10 दोषियों को मृत्युदंड सुनाया गया। यह फैसला 25 मई 2013 को हुए झीरम घाटी हमले से जुड़े मामले में आया, जिसमें वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं समेत कई लोगों की मौत हुई थी।

फैसले के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया अभी खत्म नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोषियों की ओर से मृत्युदंड के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

इसी बीच पीड़ित परिवारों और कांग्रेस नेताओं की राहुल गांधी के साथ हुई बैठक में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर चर्चा हुई।

भूपेश बघेल बोले- न्याय की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी
बैठक के बाद भूपेश बघेल ने कहा कि झीरम घटना, NIA की जांच और अदालत के हालिया फैसले से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई। उनके मुताबिक, पीड़ित परिवारों की ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर भी चर्चा की गई। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, बघेल ने कहा कि पीड़ित परिवारों को लगता है कि उन्हें अभी पूरा न्याय नहीं मिला है।

कांग्रेस पहले ही संकेत दे चुकी है कि वह NIA अदालत के फैसले के बाद मामले को उच्च न्यायालय में आगे ले जाने सहित कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। 19 सितंबर को रायपुर में हुई पार्टी की बैठक में भी वरिष्ठ विधि विशेषज्ञों से राय लेने और आगे की रणनीति तैयार करने पर चर्चा हुई थी।

2013 की घटना से जुड़ा है मामला

25 मई 2013 को बस्तर के दरभा क्षेत्र में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर माओवादी हमला हुआ था। हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं सहित बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। मामले की जांच बाद में NIA ने की और अब 13 साल से अधिक समय बाद विशेष NIA अदालत ने 10 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड सुनाया है।

राहुल गांधी के साथ हुई बैठक के बाद अब झीरम मामले में कांग्रेस और पीड़ित परिवारों की अगली कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी

Nagendra sahu
Nagendra sahu
नागेन्द्र साहू छत्तीसगढ़ के भिलाई से हैं। उन्होंने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक (BJMC) और वर्धा स्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (MJ) की शिक्षा प्राप्त की है। पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वीडियो एडिटिंग ( Ex- भिलाई Times Sr Editor ) और डिजिटल कंटेंट में भी विशेषज्ञता के साथ वर्तमान में रेखांकित न्यूज़ का संचालन कर रहे हैं।
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