
रायपुर/भिलाई, 26 सितंबर 2026। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अभिषेक कुमार को हैदराबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। CBI के मुताबिक, अभिषेक महादेव बुक के तहत ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के संचालन, अलग-अलग पैनलों के समन्वय, रकम जुटाने और दुबई में कथित सट्टेबाजी की कमाई से अचल संपत्तियां हासिल करने में सक्रिय रूप से शामिल था। गिरफ्तारी के बाद तलाशी में जांच एजेंसी ने कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की है।
दुबई से लौटते ही एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी
CBI के अनुसार, अभिषेक कुमार लंबे समय से वांछित था और दुबई से भारत लौटने के बाद 24 सितंबर को राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, हैदराबाद पर उसे गिरफ्तार किया गया।
हैदराबाद की अदालत ने CBI को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड दी। इसके बाद आरोपी को रायपुर लाया गया, जहां अदालत ने उसे दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर CBI को सौंपा।
CBI के मुताबिक महादेव नेटवर्क में क्या भूमिका थी?
जांच एजेंसी के मुताबिक अभिषेक कुमार की भूमिका सिर्फ पैनल संचालन तक सीमित नहीं थी। CBI ने उस पर महादेव बुक के तहत ऑनलाइन बेटिंग और जुए के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाने, विभिन्न पैनलों को कोऑर्डिनेट करने और नेटवर्क से जुड़े फंड की वसूली करने का आरोप लगाया है।
CBI का यह भी कहना है कि जांच में अभिषेक के सौरभ चंद्राकर और शुभम सोनी जैसे अन्य प्रमुख आरोपियों के साथ करीबी संबंध सामने आए हैं।
दुबई की संपत्तियों पर भी जांच
CBI के अनुसार, अभिषेक ने कथित सट्टेबाजी गतिविधियों से हासिल रकम से दुबई में अचल संपत्तियां हासिल कीं। गिरफ्तारी के बाद उसके पास से मिली सामग्री की भी जांच की जा रही है।
दूसरी ओर, स्थानीय रिपोर्टों में अभिषेक के दुबई में रियल एस्टेट कारोबार, क्लब और बड़ी संपत्ति से जुड़े कई दावे किए गए हैं। करीब 300 करोड़ रुपये की संपत्ति होने जैसे दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है, इसलिए इन्हें जांच एजेंसियों की पुष्टि के बिना तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
भिलाई से दुबई तक नेटवर्क की कड़ी
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, अभिषेक का संबंध भिलाई से बताया जा रहा है और उसके दुबई में रहते हुए छत्तीसगढ़ के युवाओं को कथित सट्टा नेटवर्क से जोड़ने की बात भी सामने आई है।
कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उसने खुर्सीपार और आसपास के युवाओं को दुबई बुलाकर पैनल संचालन से जुड़े काम में लगाया। इसी तरह दुर्ग-भिलाई से बड़ी संख्या में युवाओं के दुबई जाने और बाद में दूसरे देशों में शिफ्ट किए जाने की बातें भी सामने आई हैं। इन दावों की पूरी पुष्टि अभी जांच के स्तर पर है।
श्रीलंका में भी नेटवर्क से जुड़े लोगों पर कार्रवाई
महादेव नेटवर्क की जांच भारत से बाहर भी पहुंची है। स्थानीय रिपोर्टों में श्रीलंका में नेटवर्क से जुड़े करीब 150 लोगों के हाउस अरेस्ट का दावा किया गया है। हालांकि, इस संख्या और विशेष रूप से इन लोगों का अभिषेक या भिलाई के किसी विशेष ऑपरेटर से सीधा संबंध होने की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है।
CBI की जांच में आगे क्या?
अभिषेक की गिरफ्तारी के बाद CBI अब उसके कथित नेटवर्क, पैनल संचालन, फंड कलेक्शन और दुबई में संपत्तियों से जुड़े लेन-देन की जांच कर रही है।
CBI के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अलग-अलग थानों में दर्ज 13 FIRs जांच के लिए CBI को ट्रांसफर की गई थीं। एजेंसी ने अब तक 100 आरोपियों के खिलाफ आठ चार्जशीट दाखिल करने की जानकारी दी है।
इस मामले में सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल समेत अन्य प्रमुख आरोपियों की तलाश और उन्हें भारत लाने की प्रक्रिया भी जांच का हिस्सा बनी हुई है। CBI ने सात रेड कॉर्नर नोटिस और दो प्रत्यर्पण प्रस्ताव तैयार किए जाने की जानकारी दी है।

