वित्त मंत्री के बंगले का घेराव करने निकले D.Ed. अभ्यर्थियों को तूता में रोका

308 दिनों से आंदोलनरत होने का दावा, अभ्यर्थियों ने वित्त विभाग में लंबित बताई जा रही फाइल पर मांगा जवाब; वर्ष 2023 भर्ती के शेष पदों पर नियुक्ति और दूसरी सूची जारी करने की मांग


रायपुर। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2023 की सहायक शिक्षक भर्ती के शेष 2300 पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर डी.एड. अभ्यर्थियों ने एक बार फिर आंदोलन तेज कर दिया है। अभ्यर्थी वित्त मंत्री ओपी चौधरी के बंगले का घेराव करने के लिए तूता धरना स्थल से निकले, लेकिन पुलिस प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर उन्हें तूता में ही रोक दिया। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले 308 दिनों से नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

डी.एड. कोर टीम, छत्तीसगढ़ की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अभ्यर्थियों ने शेष पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने और दूसरी चयन सूची जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे पात्र अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर सरकार को स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।

2300 पदों पर नियुक्ति को लेकर उठाए सवाल

अभ्यर्थियों का दावा है कि वर्ष 2023 की सहायक शिक्षक भर्ती में 2300 पदों पर नियुक्ति का मुद्दा अब भी लंबित है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भर्ती से संबंधित पद और पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध हैं, तो नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने में देरी क्यों हो रही है?

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार शेष पदों पर नियुक्ति के संबंध में स्थिति स्पष्ट करे और नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करे। उन्होंने दूसरी सूची जारी करने की मांग भी दोहराई।

हालांकि, शेष पदों की वर्तमान स्थिति, भर्ती नियमों के तहत उनकी उपलब्धता और नियुक्ति प्रक्रिया में आ रही बाधाओं की स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित विभाग के आधिकारिक दस्तावेजों और शासन के पक्ष की जानकारी आवश्यक है।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी से जवाब मांग रहे अभ्यर्थी

डी.एड. अभ्यर्थियों ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी को अपनी मांगों के केंद्र में रखते हुए कहा कि नियुक्ति से संबंधित फाइल वित्त विभाग में लंबित बताई जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि फाइल की वर्तमान स्थिति क्या है और नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सरकार कब निर्णय लेगी?

अभ्यर्थियों ने वित्त मंत्री से फाइल की स्थिति स्पष्ट करने और शेष पदों पर नियुक्ति के लिए आवश्यक पहल करने की मांग की है।

यह दावा अभ्यर्थियों की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में किया गया है। फाइल वास्तव में किस स्तर पर लंबित है और निर्णय में देरी के क्या कारण हैं, इस संबंध में वित्त विभाग या राज्य सरकार का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

308 दिनों से जारी है आंदोलन

अभ्यर्थियों के अनुसार, वे पिछले 308 दिनों से नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने शिक्षक बनने के लिए लंबे समय तक तैयारी की, परीक्षा में हिस्सा लिया और मेरिट में स्थान प्राप्त किया, लेकिन नियुक्ति की प्रतीक्षा अब उनके लिए गंभीर समस्या बन गई है।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि लंबे समय तक नौकरी नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानियों और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। उनके परिवारों को भी नियुक्ति की उम्मीद है, लेकिन निर्णय में देरी से भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

पुलिस ने तूता में रोका, बंगले के घेराव की थी तैयारी

अभ्यर्थी तूता धरना स्थल से वित्त मंत्री के बंगले का घेराव करने के लिए निकले थे। हालांकि, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।

अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की कि उनके आंदोलन और समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए। उनका कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांग उठा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें नियुक्ति को लेकर स्पष्ट आश्वासन या ठोस निर्णय नहीं मिला है।

अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें

डी.एड. कोर टीम ने सरकार से मुख्य रूप से ये मांगें रखी हैं:

– वर्ष 2023 की सहायक शिक्षक भर्ती के शेष 2300 पदों पर नियुक्ति के संबंध में स्पष्ट निर्णय लिया जाए।
– पात्र अभ्यर्थियों की दूसरी सूची जारी करने की दिशा में कार्रवाई की जाए।
– वित्त विभाग में लंबित बताई जा रही फाइल की स्थिति सार्वजनिक की जाए।
– नियुक्ति प्रक्रिया में देरी के कारणों को स्पष्ट किया जाए।

सरकार के निर्णय का इंतजार

सहायक शिक्षक भर्ती के शेष पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर डी.एड. अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांग केवल नौकरी तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्षों की तैयारी, परीक्षा में प्रदर्शन और परिवारों की उम्मीदों से भी जुड़ी है।

अब इस मामले में राज्य सरकार और संबंधित विभागों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। भर्ती के शेष पदों की स्थिति, नियुक्ति प्रक्रिया में देरी के कारण और दूसरी सूची जारी किए जाने की संभावना पर आधिकारिक स्पष्टीकरण से ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

रेखांकित न्यूज़: इस मामले में सरकार और संबंधित विभागों का पक्ष सामने आने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।


Nagendra sahu
Nagendra sahu
नागेन्द्र साहू छत्तीसगढ़ के भिलाई से हैं। उन्होंने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक (BJMC) और वर्धा स्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (MJ) की शिक्षा प्राप्त की है। पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वीडियो एडिटिंग ( Ex- भिलाई Times Sr Editor ) और डिजिटल कंटेंट में भी विशेषज्ञता के साथ वर्तमान में रेखांकित न्यूज़ का संचालन कर रहे हैं।
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