भिलाई में मजदूर संगठनों का धरना: SIR में कथित गड़बड़ियों, UCC और आवास खाली कराने के नोटिस का विरोध

सेक्टर-6 के परिवार चौक पर करीब 100 प्रदर्शनकारी जुटे, महिला मजदूरों ने आवास बचाने की उठाई आवाज; केंद्र और भाजपा पर भी साधा निशाना

भिलाई के सेक्टर-6 परिवार चौक पर SIR, UCC और मजदूर आवास के मुद्दों को लेकर धरना-प्रदर्शन करते मजदूर संगठन के सदस्य।
भिलाई के परिवार चौक पर विभिन्न मांगों को लेकर मजदूर संगठनों का शांतिपूर्ण धरना।

भिलाई, 25 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के भिलाई में शनिवार, 24 अक्टूबर को सेक्टर-6 स्थित परिवार चौक पर मजदूर संगठनों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की पहल और सेक्टर-9 अस्पताल के पीछे स्थित मजदूर आवासों को खाली कराने के लिए जारी नोटिस के खिलाफ अपनी आवाज उठाई।

प्रदर्शन में करीब 100 मजदूर संगठन के सदस्यों के शामिल होने की जानकारी दी गई। इस दौरान केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की नीतियों की आलोचना की गई। प्रदर्शनकारियों ने लोकतांत्रिक अधिकारों, मतदाता सूची में नाम सुरक्षित रखने और मजदूर परिवारों के आवास की सुरक्षा से जुड़े सवाल उठाए।

SIR को लेकर जताई नाराजगी, मतदाता सूची से नाम काटने का आरोप

धरना-प्रदर्शन के दौरान SIR प्रक्रिया को लेकर मजदूर संगठनों ने गंभीर आपत्तियां दर्ज कराईं। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर मतदाताओं के नाम गलत तरीके से काटे जा रहे हैं, जिससे लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है।

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आशंका जताई कि यदि मतदाता सूची में गड़बड़ियां होती हैं और पात्र मतदाताओं के नाम हट जाते हैं, तो वे चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने से वंचित हो सकते हैं।

मजदूर संगठन के सदस्यों ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे लागू नहीं करने की मांग की। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया।

UCC को लेकर भाजपा और RSS पर निशाना

प्रदर्शनकारियों ने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code—UCC) के मुद्दे पर भी अपनी आपत्ति जताई। उनका आरोप था कि UCC के माध्यम से देश में एक विशेष वैचारिक दृष्टिकोण और नियमों को समाज पर लागू करने की कोशिश की जा रही है।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और RSS की विचारधारा की आलोचना की गई। वक्ताओं ने UCC को ब्राह्मणवादी मानसिकता से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि इसके जरिए संघ की विचारधारा के अनुरूप सामाजिक व्यवस्था स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।

मजदूर संगठनों ने सवाल उठाया कि यदि UCC लागू किया जाता है, तो इसका आम नागरिकों, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक समुदायों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कानून के सामाजिक परिणामों, व्यक्तिगत अधिकारों और समानता से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की।

प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि ऐसे किसी भी कानून या व्यवस्था पर निर्णय लेते समय आम जनता के अधिकारों और विभिन्न समुदायों की परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाए।

सेक्टर-9 अस्पताल के पीछे मजदूर आवासों का मुद्दा भी उठा

धरने का एक प्रमुख मुद्दा सेक्टर-9 अस्पताल के पीछे स्थित मजदूर आवासों को खाली कराने के लिए जारी नोटिस रहा। प्रदर्शन में शामिल महिला मजदूरों ने आवासों से बेदखली की आशंका पर चिंता जताई और सरकार तथा संबंधित अधिकारियों से उन्हें वहां से नहीं हटाने की मांग की।

महिलाओं ने कहा कि इन आवासों से जुड़े परिवारों के सामने रहने की जगह छिनने का खतरा है। ऐसे में किसी भी कार्रवाई से पहले उनके पुनर्वास और भविष्य की व्यवस्था पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, आवास से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में अभी भी विचाराधीन है। उनका आरोप था कि कानूनी लड़ाई जारी रहने के बावजूद उनकी समस्याओं पर उचित सुनवाई नहीं हो रही है।

मजदूर संगठनों ने मांग की कि मामले का समाधान होने तक मजदूर परिवारों को आवास से हटाने की कार्रवाई नहीं की जाए। उन्होंने प्रभावित परिवारों की स्थिति पर गंभीरता से विचार करने और उनकी समस्याओं का न्यायसंगत समाधान निकालने की अपील की।

धरने में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी

प्रदर्शन के दौरान महिला मजदूरों की भागीदारी विशेष रूप से दिखाई दी। उन्होंने आवास के मुद्दे पर अपनी चिंताएं रखीं और परिवारों के विस्थापन की आशंका को लेकर विरोध जताया।

उनकी प्रमुख मांग थी कि मजदूर परिवारों को उनके मौजूदा आवासों से हटाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाए। महिलाओं ने सरकार से प्रभावित परिवारों की स्थिति को समझने और उनकी आवास संबंधी चिंताओं पर ध्यान देने की अपील की।

इस तरह धरने में मतदाता सूची और UCC जैसे राजनीतिक एवं संवैधानिक मुद्दों के साथ मजदूरों के आवास और उनके परिवारों की सुरक्षा का सवाल भी प्रमुखता से सामने आया।

गणेश कुमार के इस्तीफे का मुद्दा भी चर्चा में

धरना-प्रदर्शन के दौरान गणेश कुमार के इस्तीफे का मुद्दा भी उठाया गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उनके पद, इस्तीफे के कारण और इस मामले में मजदूर संगठनों की सटीक मांग का विस्तृत विवरण नहीं है।

इसलिए इस्तीफे से जुड़े घटनाक्रम की पुष्टि और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही इस विषय पर स्पष्ट स्थिति सामने आ सकेगी।

शांतिपूर्ण तरीके से हुआ प्रदर्शन

मजदूर संगठनों ने सेक्टर-6 के परिवार चौक पर अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न मुद्दों पर अपनी आपत्तियां और मांगें रखीं तथा सरकार और संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की अपील की।

इस धरने में मतदाता सूची की शुद्धता, चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, UCC के संभावित प्रभाव और मजदूर परिवारों के आवास की सुरक्षा जैसे अलग-अलग मुद्दे एक साथ सामने आए।

प्रशासन और संबंधित पक्षों के जवाब का इंतजार

भिलाई में आयोजित इस प्रदर्शन के बाद अब SIR से जुड़ी शिकायतों, UCC को लेकर उठाई गई आपत्तियों और मजदूर आवासों के विवाद पर संबंधित अधिकारियों तथा अन्य पक्षों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच, आवास विवाद की वास्तविक कानूनी स्थिति और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े सवालों पर आधिकारिक जानकारी सामने आने से पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

फिलहाल, मजदूर संगठनों ने धरने के माध्यम से अपनी मांगें रखी हैं। इन मांगों पर प्रशासन और संबंधित पक्ष क्या रुख अपनाते हैं, इस पर आगे की स्थिति निर्भर करेगी।


Nagendra sahu
Nagendra sahu
नागेन्द्र साहू छत्तीसगढ़ के भिलाई से हैं। उन्होंने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक (BJMC) और वर्धा स्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (MJ) की शिक्षा प्राप्त की है। पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वीडियो एडिटिंग ( Ex- भिलाई Times Sr Editor ) और डिजिटल कंटेंट में भी विशेषज्ञता के साथ वर्तमान में रेखांकित न्यूज़ का संचालन कर रहे हैं।
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