CGPSC मुख्य परीक्षा के नतीजों पर अभ्यर्थियों की रैली, 30 सितंबर तक मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम

बिलासपुर में CGPSC मुख्य परीक्षा 2025 के परिणाम के विरोध में अभ्यर्थियों की रैली
CGPSC मुख्य परीक्षा-2025 के परिणाम और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर बिलासपुर में अभ्यर्थियों ने रैली निकाली।

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के परिणाम और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध अब सड़क पर पहुंच गया है। बिलासपुर में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने रैली निकालकर मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन, पुनर्गणना और चयन प्रक्रिया से जुड़ी अन्य मांगें उठाईं।

तेज बारिश के बीच भी अभ्यर्थी रैली में शामिल हुए। रैली गांधी चौक से शुरू होकर नेहरू चौक तक पहुंची। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने पोस्टर और बैनर के जरिए अपनी मांगें रखीं और आयोग व सरकार से मामले में हस्तक्षेप की मांग की।

1:3 अनुपात को लेकर उठे सवाल

अभ्यर्थियों का मुख्य सवाल मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू के लिए चयनित अभ्यर्थियों की संख्या को लेकर है। CGPSC ने राज्य सेवा परीक्षा-2025 के तहत 265 पदों के लिए मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी किया, जिसमें 608 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए चिन्हित किया गया।

अभ्यर्थियों का दावा है कि 1:3 के अनुपात के हिसाब से 795 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना चाहिए था। इस मुद्दे को लेकर इससे पहले भी सवाल उठाए गए हैं। 15 सितंबर को रायपुर में भी अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया था।

हालांकि, CGPSC की ओर से इस संख्या को लेकर स्पष्टीकरण दिया गया है। आयोग के मुताबिक नियमों के तहत सभी 795 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए चिन्हित करना जरूरी नहीं था और परिणाम के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन या पुनर्गणना का प्रावधान नहीं है।

पुनर्मूल्यांकन और मॉडल आंसर जारी करने की मांग

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना की मांग रखी है। इसके अलावा वे ओएमआर की कार्बन कॉपी उपलब्ध कराने, मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और मॉडल आंसर जारी करने की मांग कर रहे हैं।

अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा की पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया स्पष्ट होने से परिणाम को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान हो सकता है।

30 सितंबर तक का समय

अभ्यर्थियों ने सरकार और आयोग को 30 सितंबर तक उनकी मांगों पर कार्रवाई करने का समय दिया है। उनका कहना है कि यदि निर्धारित समय तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

इसी बीच, चयन प्रक्रिया को लेकर न्यायिक स्तर पर भी मामला सामने आया है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार 265 पदों के मुकाबले 608 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाए जाने के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है और कोर्ट ने आयोग से जवाब मांगा है।

265 पदों के लिए हुई है भर्ती प्रक्रिया

CGPSC ने विज्ञापन क्रमांक 06/2025 के तहत राज्य सेवा परीक्षा-2025 में 20 सेवाओं के कुल 265 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। मुख्य परीक्षा 6 से 9 जून 2026 तक आयोजित हुई थी। इसके बाद जारी परिणाम में 608 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए चिन्हित किया गया।

अब अभ्यर्थियों के प्रदर्शन और अदालत में चल रही प्रक्रिया के बीच इस विवाद पर आयोग और संबंधित पक्षों की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

Nagendra sahu
Nagendra sahu
नागेन्द्र साहू छत्तीसगढ़ के भिलाई से हैं। उन्होंने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक (BJMC) और वर्धा स्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (MJ) की शिक्षा प्राप्त की है। पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वीडियो एडिटिंग ( Ex- भिलाई Times Sr Editor ) और डिजिटल कंटेंट में भी विशेषज्ञता के साथ वर्तमान में रेखांकित न्यूज़ का संचालन कर रहे हैं।
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