
बिलासपुर। शहर के खपरगंज इलाके में 28 अगस्त को हुए हिंसक विवाद और पथराव के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे राम सिंह ठाकुर को पुलिस ने मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, राम सिंह पन्ना के बृजपुर थाना क्षेत्र के माकरी कुठार गांव में अपने दोस्त धीरेंद्र पटेल के घर छिपा हुआ था। बिलासपुर पुलिस की एसीसीयू टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से दबिश देकर उसे पकड़ा।
राम सिंह की गिरफ्तारी की पुष्टि एडिशनल एसपी सिटी पंकज पटेल ने की है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे बिलासपुर लेकर आई और कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया शुरू की।



28 अगस्त को खपरगंज में हुआ था विवाद
मामला 28 अगस्त की रात सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के खपरगंज इलाके का है। रिपोर्टों के मुताबिक, दो गुटों के बीच सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी और पुरानी रंजिश को लेकर विवाद शुरू हुआ था। देखते ही देखते मामला मारपीट और पथराव तक पहुंच गया।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। इसी दौरान पुलिस बल पर भी पथराव किया गया, जिसमें तारबाहर टीआई रवि तिवारी समेत 9 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की थी।

पन्ना में दोस्त के घर छिपा था राम सिंह
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद राम सिंह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। पुलिस की तकनीकी टीम उसकी लोकेशन और अन्य सुराग जुटा रही थी। इसी दौरान उसके मध्यप्रदेश में होने की जानकारी मिली।
इसके बाद एसीसीयू की टीम पन्ना पहुंची और माकरी कुठार में धीरेंद्र पटेल के घर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। इसी मामले में पुलिस ने पहले भी कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

दोनों पक्षों के खिलाफ दर्ज हैं मामले
पुलिस ने खपरगंज की घटना को लेकर दो अलग-अलग अपराध दर्ज किए हैं। शुरुआती कार्रवाई में दोनों मामलों में कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस ने लगातार कार्रवाई जारी रखी।
राम सिंह की गिरफ्तारी से पहले तक उसके खिलाफ दर्ज मामले में उसकी तलाश जारी थी। अब पुलिस उससे हिंसा में उसकी कथित भूमिका और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ करेगी।
गिरफ्तारियों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर है। कुछ ताजा रिपोर्टों में राम सिंह की गिरफ्तारी से पहले दोनों पक्षों से 29 गिरफ्तारियों का उल्लेख है, जबकि अन्य रिपोर्टों में कुल संख्या 30 बताई गई है। इसलिए इस आंकड़े को अंतिम पुलिस आंकड़ा मानने के बजाय जांच के आधिकारिक अपडेट के साथ देखना उचित होगा।

सोशल मीडिया वीडियो में किया था सरेंडर का दावा
घटना के बाद राम सिंह का एक सोशल मीडिया वीडियो भी सामने आया था। इसमें उसने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि वह पुलिस के सामने सरेंडर करेगा। उसने जेल में अपनी जान को खतरा होने की आशंका भी जताई थी।
हालांकि, पुलिस के मुताबिक वह सरेंडर करने के बजाय फरार रहा और बाद में पन्ना में अपने परिचित के घर से गिरफ्तार किया गया। उसके द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।
पुलिस की जांच जारी
राम सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस घटना के दौरान उसकी कथित भूमिका, अन्य आरोपियों से संबंध और हिंसा से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच करेगी। मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है।
मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है:SSP
एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया तकनीकी साक्ष्यों के जरिए उसकी लोकेशन मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में ट्रेस की गई, जिसके बाद टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के मुताबिक, इस मामले में दोनों पक्षों से अब तक करीब 30 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि, मामले की विवेचना अभी पूरी नहीं हुई है।
एसएसपी रजनेश सिंह के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस भी जुटाए जा रहे हैं। जब्त किए गए साक्ष्यों को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा गया है। एफएसएल रिपोर्ट मिलने के बाद विवेचना पूरी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में महत्वपूर्ण और पुख्ता साक्ष्य जुटाए गए हैं, जिससे मामले की विवेचना को मजबूती मिली है।

