विधायक रिकेश सेन की पहल पर पहुंची पुलिस; पटरियों के बीएसपी से संबंध और वैध दस्तावेजों की जांच जारी। सीबीआई जांच की मंजूरी के बीच फिर उठा संयंत्र से लोहा बाहर जाने का सवाल।

भिलाई, 11 अक्टूबर 2026। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) से कथित लोहा चोरी का मामला एक बार फिर चर्चा में है। भिलाई के छावनी क्षेत्र स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में पांडेय कबाड़ी के गोदाम पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है। यहां खड़े एक ट्रेलर में बड़ी मात्रा में रेल पटरियां लोड मिली हैं। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन की टीम को गोदाम में लोहा काटे जाने की सूचना मिली थी। टीम मौके पर पहुंची और पुलिस को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने जांच और जब्ती की कार्रवाई शुरू की।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रेलर में मिली रेल पटरियों को बीएसपी का बताया जा रहा है। हालांकि, इनका वास्तविक स्रोत, गोदाम तक पहुंचने का रास्ता और इनके परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि पटरियां कहां से लाई गई थीं और उन्हें किस उद्देश्य से गोदाम में रखा गया था।
विधायक रिकेश सेन ने उठाए सवाल
वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन के मुताबिक, छावनी क्षेत्र में बीएसपी का लोहा काटे जाने की सूचना मिलने के बाद उनकी टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद दुर्ग पुलिस को जानकारी दी गई। विधायक ने बताया कि गोदाम में बड़ी मात्रा में लोहा और काटकर अलग किए गए टुकड़े मिलने की जानकारी है। उन्होंने इस मामले में सीआईएसएफ के डीआईजी और दुर्ग के पुलिस अधीक्षक से भी चर्चा की है।
सेन का आरोप है कि बीएसपी से लोहा चोरी का सिलसिला लंबे समय से जारी है। उनका कहना है कि राज्य सरकार की ओर से मामले की सीबीआई जांच को मंजूरी दिए जाने और इस संबंध में राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने के बावजूद ऐसी घटनाओं की शिकायतें सामने आना गंभीर है।
सीबीआई जांच की मंजूरी के बाद फिर चर्चा में चोरी का मामला
बीएसपी से कथित स्क्रैप चोरी के मामले में छत्तीसगढ़ सरकार ने 25 सितंबर 2026 को सीबीआई जांच के लिए सहमति संबंधी अधिसूचना जारी की थी। यह कार्रवाई पुरानी भिलाई थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 277/2026 से संबंधित है। इससे पहले स्थानीय पुलिस की जांच में करीब 250 टन संदिग्ध लौह स्क्रैप बरामद होने और 21 लोगों की गिरफ्तारी की खबरें सामने आई थीं। जांच में संयंत्र से सामग्री बाहर ले जाने, परिवहन और निजी औद्योगिक इकाइयों तक कथित आपूर्ति की कड़ियों को खंगाला गया है।
ताजा कार्रवाई के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि छावनी के गोदाम में मिली रेल पटरियों का बीएसपी से कोई संबंध है या नहीं। यदि ऐसा संबंध सामने आता है, तो यह भी जांच का विषय होगा कि सामग्री संयंत्र से बाहर कैसे पहुंची और परिवहन के दौरान उसकी निगरानी किस तरह की गई।
नेटवर्क और संभावित मिलीभगत की जांच की मांग
विधायक रिकेश सेन ने दावा किया है कि बीएसपी से चोरी के कारण राष्ट्रीय संपत्ति को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने मांग की कि जांच केवल संदिग्ध लोहा बरामद करने तक सीमित न रहे, बल्कि यह भी पता लगाया जाए कि सामग्री संयंत्र से बाहर कैसे निकाली जाती है, उसे कौन खरीदता है और इस कथित नेटवर्क में किन लोगों की भूमिका है।
सेन ने पुलिस, सीआईएसएफ और बीएसपी के अधिकारियों-कर्मचारियों की संभावित मिलीभगत की जांच की भी मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और किसी व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही तय हो सकेगी।
फिलहाल छावनी स्थित गोदाम में मिली रेल पटरियों की मात्रा, उनके स्रोत और बीएसपी से संबंध की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। पुलिस की जांच और जब्ती की कार्रवाई से मामले में नए तथ्य सामने आ सकते हैं। साथ ही, बीएसपी स्क्रैप चोरी के व्यापक मामले में सीबीआई की जांच आगे बढ़ने पर भी नजर रहेगी।

