सुजल बरेठ का शव महाबीरपुर में एनएच-43 के पास पंचायत सड़क किनारे मिला, जबकि मां रजनी बरेठ की लाश केशवनगर की ममता कॉलोनी स्थित किराए के मकान में मिली। मोबाइल फोन गायब, 16 लाख रुपये के कथित बैंक ऋण की भी चर्चा; पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

सूरजपुर, 11 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक शिक्षिका और उनके 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। बेटे का खून से सना शव शनिवार, 10 अक्टूबर की सुबह जयनगर थाना क्षेत्र के महाबीरपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के पास कालीघाट के निकट पंचायत सड़क किनारे मिला था। बाद में उसकी पहचान विश्रामपुर के कार्मेल कान्वेंट स्कूल में कक्षा 12वीं के छात्र सुजल बरेठ के रूप में हुई। मामले की जांच के दौरान देर रात उसकी मां रजनी बरेठ का शव भी केशवनगर की ममता कॉलोनी स्थित उनके किराए के मकान में मिला। रजनी बेलटिकरी में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। दोनों की मौत के बाद पुलिस हत्या की आशंका सहित विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।

सड़क किनारे मिला था सुजल का शव
शनिवार सुबह महाबीरपुर में एनएच-43 के पास पंचायत सड़क किनारे गड्ढे में एक युवक का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। शव पर खून लगा हुआ था। सूचना मिलने पर जयनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शव की पहचान करने के लिए पुलिस ने आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। जांच के दौरान डॉग स्क्वॉड, फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) और साइबर सेल की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
इसी दौरान सुजल और उसकी मां रजनी से संपर्क नहीं हो पाने की जानकारी सामने आई। परिजनों से मिली जानकारी और अन्य जांच के आधार पर युवक के शव की पहचान सुजल बरेठ के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस और परिजन विश्रामपुर के केशवनगर स्थित उसके घर पहुंचे।

किराए के मकान में मिला शिक्षिका मां का शव
सुजल की पहचान होने के बाद पुलिस जब केशवनगर की ममता कॉलोनी स्थित मकान पहुंची, तो वहां उसकी मां रजनी बरेठ का शव मिला। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की और वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। देर रात पुलिस अधीक्षक सहित पुलिस का अमला मौके पर पहुंचा। रविवार सुबह तक मृतका के परिजन भी वहां पहुंच गए। दोनों शवों को पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
प्रारंभिक जानकारी में सुजल की मौत धारदार हथियार से हमला किए जाने और रजनी की मौत गला दबाए जाने की आशंका जताई गई है। हालांकि, मौत के कारणों और घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों की मौत के बीच क्या संबंध है और घटना किन परिस्थितियों में हुई।

15 साल से किराए के मकान में रह रही थीं रजनी
जानकारी के अनुसार, रजनी बरेठ मूल रूप से वर्तमान सक्ति जिले के मुक्ताराजा, बाराद्वार क्षेत्र की रहने वाली थीं। वह पिछले कई वर्षों से विश्रामपुर के केशवनगर की ममता कॉलोनी में अपने इकलौते बेटे सुजल के साथ किराए के मकान में रह रही थीं। मकान मालिक का नाम मनोज जायसवाल बताया गया है।
रजनी बेलटिकरी में प्रभारी प्रधान पाठक के पद पर कार्यरत थीं, जबकि सुजल बिश्रामपुर के कार्मेल कान्वेंट स्कूल में कक्षा 12वीं का छात्र था। जानकारी के मुताबिक, रजनी का पति से न्यायालय के माध्यम से तलाक हो चुका था और वह वर्ष 2020 से अलग रह रही थीं। मां-बेटे घर में साथ रहते थे।
नायरा पेट्रोल पंप के पास मिली स्कूटी, मोबाइल फोन अब तक गायब
जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि रजनी बरेठ की स्कूटी एनएच-43 पर स्थित नायरा पेट्रोल पंप के पास लावारिस हालत में मिली। वहीं, मां और बेटे के मोबाइल फोन भी अब तक बरामद नहीं होने की जानकारी है।
मोबाइल फोन बंद होने के कारण परिजन भी दोनों से संपर्क नहीं कर पा रहे थे। पुलिस स्कूटी मिलने की जगह, मोबाइल फोन की तलाश और घटना से पहले मां-बेटे की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। इन तथ्यों से घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में मदद मिल सकती है, लेकिन फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि स्कूटी और मोबाइल फोन का घटना से क्या संबंध है।
बैंक से 16 लाख रुपये का ऋण लेने की चर्चा
मामले में आर्थिक पहलू को लेकर भी चर्चा सामने आई है। बताया जा रहा है कि रजनी बरेठ ने कुछ दिन पहले बैंक से 16 लाख रुपये का ऋण लिया था। हालांकि, इस ऋण की जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि और घटना से उसके किसी संबंध का अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए इसे हत्या की वजह मानना उचित नहीं होगा।
पुलिस आर्थिक लेनदेन समेत अन्य संभावित पहलुओं की पड़ताल कर सकती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि घटना के पीछे कोई आर्थिक कारण था या नहीं। पुलिस किसी एक आशंका को आधार बनाकर जांच करने के बजाय उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर आगे बढ़ रही है।
दो दिन पहले तक परिजनों से हुई थी बातचीत
मृतका के मामा वीरेंद्र बरेठ सहित अन्य परिजन घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे। वीरेंद्र बरेठ के मुताबिक, दो दिन पहले तक परिवार के लोगों की रजनी और सुजल से बातचीत हुई थी। इसके बाद दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए। संपर्क नहीं हो पाने से परिजन चिंतित थे।
परिजनों के अनुसार, रजनी मूल रूप से सक्ति जिले के बाराद्वार क्षेत्र की निवासी थीं। मां-बेटे से अचानक संपर्क टूटने और बाद में दोनों के शव मिलने से परिवार सदमे में है। पुलिस परिजनों से भी जानकारी जुटा रही है, ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों को समझा जा सके।

संयुक्त पुलिस टीम कर रही जांच
मां-बेटे की संदिग्ध मौत के मामले में विश्रामपुर और जयनगर पुलिस की संयुक्त टीम जांच कर रही है। पुलिस दोनों घटनास्थलों से मिले साक्ष्यों का परीक्षण करने के साथ घर आने-जाने वाले लोगों, मां-बेटे के संपर्कों और घटना से पहले की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद से भी पड़ताल की गई है, जबकि साइबर सेल डिजिटल साक्ष्यों से जुड़ी जानकारी जुटाने में सहयोग कर रही है।
फिलहाल हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थलों से मिले साक्ष्य, मोबाइल फोन की तलाश और पुलिस जांच के बाद ही मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

