‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर INDIA गठबंधन, नागरिक समाज और आम नागरिकों से शामिल होने की अपील; मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपने की तैयारी। शनिवार के प्रदर्शन में पुलिस कार्रवाई को लेकर भी राहुल गांधी ने सवाल उठाए।

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर 2026। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार, 12 अक्टूबर को दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। उन्होंने विपक्षी दलों, नागरिक समाज संगठनों और आम नागरिकों से इस मार्च में शामिल होने की अपील की है। इस दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर कथित ‘वोट चोरी’ रोकने, मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) तत्काल बंद करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी।
राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट और वीडियो संदेश के जरिए मार्च की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सोमवार को लोग पार्टी, जाति, धर्म, समुदाय, राज्य और लैंगिक पहचान से ऊपर उठकर भारतीय नागरिक के रूप में मार्च में शामिल हों। उनके मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के प्रति प्रतिबद्धता जताना है।
तीन प्रमुख मांगों को लेकर निकलेगा मार्च
राहुल गांधी की घोषणा के मुताबिक, मार्च में तीन प्रमुख मांगें रखी जाएंगी। पहली, विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर कार्रवाई की जाए। दूसरी, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया रोकी जाए। तीसरी, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।
विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, इन आरोपों और SIR प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर संबंधित आधिकारिक पक्ष को भी ध्यान में रखना जरूरी है। मार्च के जरिए विपक्ष अपनी मांगें सीधे मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखने की तैयारी कर रहा है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को ‘चलो दिल्ली—मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ नाम दिया है। प्रतिभागियों के जुटने के लिए कनॉट प्लेस और बाराखंभा रोड के जंक्शन को निर्धारित स्थान बताया गया है।
शनिवार के प्रदर्शन में पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने शनिवार, 10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध के लिए पहुंचे युवाओं के साथ पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं ने मारपीट की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल युवा नफरत या गुस्से के बजाय लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रेम की भावना के साथ आए थे।
ये आरोप राहुल गांधी की ओर से लगाए गए हैं। शनिवार की पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के पक्षों में मतभेद हैं। इस बीच दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने और सुरक्षा प्रतिबंधों को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है।
शनिवार के प्रदर्शन में मौजूद नहीं थे राहुल गांधी
शनिवार को हुए प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी की दिल्ली में अनुपस्थिति को लेकर भी सवाल उठे थे। कांग्रेस की ओर से बताया गया था कि वह पहले से निर्धारित कार्यक्रम के तहत चेन्नई में विद्यार्थियों को संबोधित करने गए थे। बाद में राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए वीडियो जारी किया और रविवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च की घोषणा की।
सोमवार का मार्च ऐसे समय आयोजित किया जा रहा है, जब SIR प्रक्रिया, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष की मांगों और दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। अब देखना होगा कि मार्च में कितने विपक्षी दल और नागरिक संगठन शामिल होते हैं तथा ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है।
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