
30 अगस्त की समय-सीमा के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं होने का संघ का दावा, 5 अक्टूबर को भिलाई से दुर्ग तक न्याय यात्रा; 6 को शिक्षा मंत्री के निवास के सामने सत्याग्रह और 7 अक्टूबर से आमरण अनशन
दुर्ग, 5 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों की लंबित पदोन्नति का मामला अब आंदोलन के चरण में पहुंच गया है। टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक कल्याण संघ छत्तीसगढ़ ने पदोन्नति प्रक्रिया में हो रही देरी के विरोध में 5 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। संघ की ओर से 28 सितंबर को जारी आंदोलन संबंधी नोटिस और 30 सितंबर को दुर्ग के अनुविभागीय दंडाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को दिए गए अनुमति पत्र में आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा बताई गई है।
संघ का कहना है कि टीईटी आधारित पदोन्नति की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से कई बार समय-सीमा तय की गई, लेकिन निर्धारित समय के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। संघ ने दावा किया है कि इसी वजह से पात्र शिक्षकों में लगातार असंतोष बढ़ रहा है और अब सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करने के लिए चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया गया है। पदोन्नति में देरी को लेकर संघ पहले भी ज्ञापन और प्रदर्शन कर चुका है। 30 सितंबर को दुर्ग संभाग के सात जिलों से 500 से अधिक टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक संयुक्त संचालक शिक्षा कार्यालय पहुंचे थे।

मई से शुरू प्रक्रिया, कई बार बढ़ी समय-सीमा
संघ की ओर से शिक्षा मंत्री को भेजे गए 28 सितंबर के पत्र में कहा गया है कि शिक्षा विभाग द्वारा मई 2026 से पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू की गई थी। संघ के दस्तावेज के मुताबिक, लोक शिक्षण संचालनालय ने 15 मई 2026 को पत्र जारी कर प्रक्रिया 30 जून तक पूरी करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद 30 जून 2026 को एक और पत्र जारी कर समय-सीमा 15 अगस्त 2026 तक बढ़ाई गई। संघ का कहना है कि 10 अगस्त 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को 30 अगस्त तक पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए थे।
हालांकि, संघ के मुताबिक 30 अगस्त की समय-सीमा बीतने के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। संगठन का आरोप है कि समय-सीमा लगातार आगे बढ़ने के बावजूद पात्र शिक्षकों को पदोन्नति आदेश नहीं मिल पाए हैं। इसी को लेकर संघ ने सरकार और शिक्षा विभाग से प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग की है।
दुर्ग संभाग में भी पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर शिक्षकों की नाराजगी सामने आती रही है। सितंबर में शिक्षा संभाग दुर्ग की अंतिम वरिष्ठता सूची जारी नहीं होने को लेकर भी टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों ने सवाल उठाए थे।

5 अक्टूबर से आंदोलन, तीन चरणों में कार्यक्रम
संघ के 30 सितंबर के अनुमति आवेदन में 5 अक्टूबर से प्रस्तावित आंदोलन का कार्यक्रम स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है। इसके अनुसार, 5 अक्टूबर को भिलाई से दुर्ग तक शांतिपूर्ण पदोन्नति न्याय यात्रा निकाली जानी है।
इसके बाद 6 अक्टूबर को दुर्ग स्थित शिक्षा मंत्री के निवास के सामने शांतिपूर्ण सत्याग्रह का कार्यक्रम रखा गया है। संघ के अनुसार, यदि इसके बाद भी मांगों पर समाधान नहीं होता है तो 7 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
संघ ने अनुमति पत्र में प्रस्तावित कार्यक्रम में लगभग 15 हजार प्रतिभागियों के शामिल होने का अनुमान जताया है। पत्र में आंदोलन को पूरी तरह अहिंसक और शांतिपूर्ण रखने की बात कही गई है।

कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन को दिया आश्वासन
दुर्ग के अनुविभागीय दंडाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को भेजे गए पत्र में संघ ने आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर कई आश्वासन भी दिए हैं। संगठन ने कहा है कि सत्याग्रह के दौरान किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था का उल्लंघन नहीं किया जाएगा।
संघ के मुताबिक, आम जनता के आवागमन, यातायात व्यवस्था और सरकारी कामकाज में बाधा उत्पन्न नहीं की जाएगी। आंदोलन स्थल पर स्वच्छता, शांति और अनुशासन बनाए रखा जाएगा तथा प्रशासन की ओर से दिए गए दिशा-निर्देशों और निर्धारित शर्तों का पालन किया जाएगा।
संघ ने प्रशासन से 5 अक्टूबर से शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन आंदोलन करने की विधिवत अनुमति देने का अनुरोध किया है।

शिक्षकों का कहना- समय-सीमा तय होने के बाद भी नहीं मिली पदोन्नति
संघ का मुख्य तर्क यह है कि पदोन्नति प्रक्रिया को पूरा करने के लिए विभाग द्वारा स्वयं अलग-अलग समय-सीमाएं तय की गईं, लेकिन उन समय-सीमाओं के बावजूद प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। संगठन का कहना है कि इससे पदोन्नति के पात्र शिक्षकों के बीच असमंजस और नाराजगी की स्थिति बनी हुई है।
संघ ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि बार-बार समय-सीमा तय करने के बावजूद प्रक्रिया में देरी से शिक्षकों के कथित वैधानिक और सेवा संबंधी अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। इसी आधार पर संगठन ने 4 अक्टूबर तक पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने के लिए आवश्यक आदेश जारी करने की मांग की थी।
30 सितंबर को दुर्ग पहुंचे शिक्षकों ने भी इसी मुद्दे को उठाते हुए कहा था कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पदोन्नति प्रक्रिया में वास्तविक प्रगति और आदेश चाहिए।
अब सरकार और शिक्षा विभाग के अगले कदम पर नजर
टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों की पदोन्नति का मुद्दा पिछले कई महीनों से राज्य में चर्चा में है। अलग-अलग जिलों में शिक्षक संगठन वरिष्ठता सूची, पात्र-अपात्र सूची, डीपीसी और काउंसलिंग सहित पदोन्नति प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को जल्द पूरा करने की मांग करते रहे हैं।
अब 5 अक्टूबर से प्रस्तावित आंदोलन के साथ यह मामला फिर प्रमुखता से सामने आया है। संघ ने चरणबद्ध कार्यक्रम घोषित कर दिया है और 7 अक्टूबर से आमरण अनशन की चेतावनी दी है। ऐसे में आंदोलन को लेकर प्रशासन की अनुमति, सरकार की प्रतिक्रिया और लंबित पदोन्नति प्रक्रिया में आगे होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
नोट: ऊपर की खबर में पदोन्नति प्रक्रिया की समय-सीमा और देरी से जुड़े तथ्य संघ द्वारा दिए गए दस्तावेजों/दावों के आधार पर लिखे गए हैं। इन्हें विभाग की ओर से अंतिम रूप से स्वीकार किए गए तथ्य के रूप में नहीं प्रस्तुत किया गया है।

