16 साल से अंशकालीन, अब पूर्णकालिक वेतन की मांग; 43,301 स्कूल सफाई कर्मचारियों ने CM और शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन

छत्तीसगढ़ के अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारियों की पूर्णकालिक कलेक्टर दर पर वेतन की मांग
स्कूल सफाई कर्मचारियों ने पूर्णकालिक कलेक्टर दर पर वेतन और हड़ताल अवधि के मानदेय की मांग उठाई।

संघ बोला- स्कूलों में सिर्फ 2 घंटे का काम निर्धारित, लेकिन 90% संस्थानों में भृत्य नहीं होने से पूरे दिन करना पड़ता है काम; 15 जून से 12 सितंबर 2025 की हड़ताल अवधि का मानदेय देने की भी मांग

रायपुर/दुर्ग, 5 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में काम कर रहे अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। छत्तीसगढ़ अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी कल्याण संघ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को अलग-अलग पत्र सौंपकर अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालिक कलेक्टर दर पर वेतन देने और 15 जून 2025 से 12 सितंबर 2025 तक चली हड़ताल अवधि का मानदेय भुगतान करने की मांग की है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग संभाल रहे हैं।

संघ के 5 अक्टूबर को दिए गए पत्र के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में पिछले करीब 16 वर्षों से 43,301 अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं। संघ का कहना है कि इन कर्मचारियों के लिए स्कूलों में प्रतिदिन केवल दो घंटे सफाई कार्य निर्धारित है, लेकिन बड़ी संख्या में स्कूलों में भृत्य या चपरासी के नियमित पद नहीं होने के कारण सफाई कर्मचारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ती हैं।

संघ ने अपने पत्र में दावा किया है कि करीब 90 प्रतिशत स्कूलों में भृत्य नहीं होने के कारण कर्मचारियों को सफाई के अलावा स्कूलों से जुड़े अन्य कार्य भी करने पड़ते हैं। संगठन का कहना है कि व्यवहार में कई कर्मचारियों का काफी समय स्कूल में ही गुजरता है, जबकि इसके बदले उन्हें वर्तमान में लगभग 3,000 से 3,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है।

‘दो घंटे का काम तय, लेकिन जिम्मेदारियां ज्यादा’

कर्मचारी संघ ने सरकार के सामने अपनी स्थिति रखते हुए कहा है कि स्कूलों में स्वच्छता बनाए रखने में इन कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छ वातावरण तैयार करने में भी वे लगातार योगदान दे रहे हैं।

संघ के मुताबिक, स्कूल में शिक्षक और विद्यार्थियों के लिए साफ-सुथरा वातावरण उपलब्ध कराने के बावजूद कर्मचारियों को उनके काम के अनुपात में पर्याप्त पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है। संगठन ने इसे लंबे समय से चली आ रही समस्या बताते हुए अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालिक दर्जा देने और कलेक्टर दर के अनुसार वेतन भुगतान की मांग दोहराई है।

यह मांग नई नहीं है। इससे पहले भी राज्य के विभिन्न जिलों में स्कूल सफाई कर्मचारी इसी मुद्दे को लेकर आंदोलन, रैली और ज्ञापन दे चुके हैं। 2025 में भी प्रदेश के 43 हजार से अधिक अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारियों की ओर से पूर्णकालिक करने और कलेक्टर दर पर भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन की खबरें सामने आई थीं।

2025 की हड़ताल अवधि का मानदेय भी मांगा

इस बार संघ ने पूर्णकालिक कलेक्टर दर पर वेतन की मांग के साथ 15 जून 2025 से 12 सितंबर 2025 तक की हड़ताल अवधि का मानदेय देने की मांग भी उठाई है।

संघ के पत्र के अनुसार, कर्मचारी इस अवधि में अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे थे। बाद में आंदोलन स्थगित किया गया। संघ का दावा है कि उस दौरान मानदेय में वृद्धि और हड़ताल अवधि के भुगतान को लेकर आश्वासन दिया गया था, लेकिन संगठन के मुताबिक अपेक्षित कार्रवाई अब तक नहीं हुई है। इसी को लेकर मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री को फिर से पत्र सौंपा गया है।

भूपेश बघेल भी आंदोलन के समर्थन में पहुंचे

स्कूल सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भी समर्थन मिला। वे आंदोलन स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों से मिले और उनकी मांगों को लेकर समर्थन जताया। बघेल ने कहा कि स्कूलों में लंबे समय से काम कर रहे इन कर्मचारियों की स्थिति पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कर्मचारियों की कम मानदेय में लंबे समय से सेवाएं देने की स्थिति का उल्लेख करते हुए उनकी मांगों के निराकरण की आवश्यकता बताई।

मांगों के समर्थन में शिक्षक संगठनों के पत्र का भी हवाला

संघ ने अपने पत्र के साथ कुछ दस्तावेज भी संलग्न किए हैं। इनमें पूर्णकालिक कलेक्टर दर पर वेतन भुगतान और भृत्य के पदों में वरिष्ठता/समायोजन से संबंधित प्रस्तावित पत्र के साथ प्रधान पाठक संघ और शिक्षक संगठनों के समर्थन पत्र का उल्लेख किया गया है।

संघ का कहना है कि स्कूलों में लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों की मेहनत और सेवा को देखते हुए उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए। संगठन ने सरकार से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द निर्णय लेने की अपील की है।

सरकार के सामने दो प्रमुख मांगें

संघ के 5 अक्टूबर के पत्रों से उसकी मौजूदा मांगों का मुख्य स्वरूप स्पष्ट होता है। इसमें प्रमुख रूप से—

पहली मांग: अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारियों को पूर्णकालिक करते हुए कलेक्टर दर पर वेतन/मानदेय दिया जाए।

दूसरी मांग: 15 जून 2025 से 12 सितंबर 2025 तक की हड़ताल अवधि का मानदेय कर्मचारियों को भुगतान किया जाए।

इसके अलावा संघ लंबे समय से स्कूलों के युक्तियुक्तकरण के दौरान प्रभावित कर्मचारियों के समायोजन और सेवा से जुड़े अन्य मुद्दे भी उठाता रहा है। अलग-अलग मौकों पर संगठन ने नियमितीकरण और अन्य सेवा लाभों की मांग भी रखी है।

छत्तीसगढ़ के अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारियों की पूर्णकालिक कलेक्टर दर पर वेतन की मांग
स्कूल सफाई कर्मचारियों ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौपा

अब सरकार के निर्णय पर नजर

स्कूल शिक्षा विभाग ने अगस्त 2026 में अपनी उपलब्धियों की जानकारी देते हुए शिक्षकों की पदोन्नति, स्कूलों के युक्तियुक्तकरण और अन्य प्रशासनिक सुधारों का उल्लेख किया था। ऐसे में अब अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारियों की ओर से उठाई गई यह मांग विभाग के सामने एक अलग कर्मचारी कल्याण से जुड़ा मुद्दा है।

फिलहाल संघ की ओर से मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री को दिए गए पत्रों में मांगों को जल्द पूरा करने का अनुरोध किया गया है। इन मांगों पर सरकार की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

वसुमित्र दीवान, नायब तहसीलदार, दुर्ग

महत्वपूर्ण: 43,301 कर्मचारियों की संख्या, 3,000–3,500 रुपये मानदेय, 90 प्रतिशत स्कूलों में भृत्य नहीं होने तथा 2025 की हड़ताल अवधि के भुगतान से जुड़े आंकड़े और दावे संघ के पत्र में दिए गए हैं। इन्हें संघ के दावे के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है।


Nagendra sahu
Nagendra sahu
नागेन्द्र साहू छत्तीसगढ़ के भिलाई से हैं। उन्होंने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक (BJMC) और वर्धा स्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (MJ) की शिक्षा प्राप्त की है। पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वीडियो एडिटिंग ( Ex- भिलाई Times Sr Editor ) और डिजिटल कंटेंट में भी विशेषज्ञता के साथ वर्तमान में रेखांकित न्यूज़ का संचालन कर रहे हैं।
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