
17.5 किमी के नए रेलखंड पर सुरक्षा और तकनीकी जांच पूरी; रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद यात्री सेवा शुरू होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना अब एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गई है। परियोजना के अंतिम ताड़ोकी-रावघाट 17.5 किलोमीटर रेलखंड का रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) निरीक्षण और गति परीक्षण पूरा हो गया है। यह खंड सिंगल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉडगेज है।
इससे रावघाट तक यात्री रेल सेवा शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। अभी दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक यात्री ट्रेन संचालित हो रही है। नए सेक्शन के कमीशन होने के बाद इसे रावघाट तक बढ़ाया जा सकता है।
22 सितंबर को हुआ CRS निरीक्षण
22 सितंबर 2026 को CRS की टीम ने ताड़ोकी से रावघाट तक विशेष ट्रेन से रेलखंड का निरीक्षण किया। इस दौरान पटरी, पुल-पुलियों, विद्युतीकरण, सिग्नलिंग और अन्य तकनीकी व सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई। इसके साथ ही स्पीड ट्रायल के जरिए रेलखंड की परिचालन क्षमता और सुरक्षा मानकों को भी परखा गया।
हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक PIB जानकारी में 80 किमी प्रति घंटे की स्वीकृत परिचालन गति का उल्लेख नहीं है। आपके दिए विवरण में यह जानकारी रायपुर रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्यिक प्रबंधक दयानंद के हवाले से दी गई है।
रेलवे बोर्ड की मंजूरी का इंतजार
CRS की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब यात्री सेवा शुरू करने के लिए रेलवे बोर्ड की अनुमति अगला महत्वपूर्ण चरण है। आपके उपलब्ध विवरण के मुताबिक, रायपुर रेल मंडल ने यात्री ट्रेन के परिचालन की अनुमति के लिए रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेज दिया है।
बोर्ड से अनुमति मिलने के बाद वर्तमान दल्लीराजहरा-ताड़ोकी यात्री सेवा को रावघाट तक विस्तार देने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

95 किमी की परियोजना का अंतिम हिस्सा पूरा
दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना की कुल लंबाई करीब 95 किलोमीटर है। इसमें ताड़ोकी-रावघाट का 17.5 किमी हिस्सा अंतिम खंड है। इस हिस्से का निर्माण पूरा होने के साथ परियोजना का यह महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है।
रेलवे के मुताबिक, यह लाइन दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाकों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण है। यात्री सेवा शुरू होने पर रावघाट और आसपास के इलाकों की रेल कनेक्टिविटी बढ़ सकती है।
रायपुर और भिलाई तक आने-जाने में हो सकती है सुविधा
रावघाट तक यात्री ट्रेन पहुंचने से स्थानीय लोगों को रायपुर, भिलाई और प्रदेश के अन्य हिस्सों तक रेल मार्ग से आने-जाने का विकल्प मिलेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए यात्रा करने वाले लोगों को इससे सुविधा मिलने की उम्मीद है।
रेल लाइन का उपयोग क्षेत्र से जुड़े लौह अयस्क और अन्य माल परिवहन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दल्लीराजहरा-रावघाट परियोजना को भिलाई स्टील प्लांट के लिए लौह अयस्क आपूर्ति से भी जोड़ा गया है।
फिलहाल निगाहें रेलवे बोर्ड की मंजूरी पर हैं। अनुमति मिलने के बाद ही रावघाट तक नियमित यात्री ट्रेन चलाने की अगली प्रक्रिया पूरी होगी।

