
दुर्ग | प्रशासनिक खबर | 29 अक्टूबर 2026
दुर्ग जिला प्रशासन ने जनपद पंचायत दुर्ग के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) रूपेश कुमार पांडेय को निलंबन से बहाल कर दिया है। बहाली के बाद उन्हें जिला पंचायत बीजापुर में सहायक परियोजना अधिकारी (APO) के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए भारमुक्त कर दिया गया है। कलेक्टर कार्यालय दुर्ग से 28 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के बाद उनकी बीजापुर में पदस्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।
हालांकि, बहाली के बावजूद उनके खिलाफ विभागीय जांच जारी रहेगी। इस मामले में निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय निर्धारण, बहाली के लिए प्रस्तुत अभ्यावेदन और प्रशासनिक निर्णय के आधार को लेकर कुछ सवाल अब भी स्पष्ट होने बाकी हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद हुए थे निलंबित
रूपेश कुमार पांडेय का मामला उस समय चर्चा में आया था, जब सुशासन तिहार और जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान कथित अशिष्ट व्यवहार से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
इसके बाद दुर्ग संभागायुक्त के 1 जून 2026 के आदेश से उन्हें निलंबित किया गया था। अब जिला प्रशासन ने उन्हें बहाल करने का आदेश जारी किया है।
अभ्यावेदन पर विचार के बाद बहाली
कलेक्टर कार्यालय दुर्ग के 28 अक्टूबर 2026 के आदेश में उल्लेख है कि रूपेश कुमार पांडेय द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के बाद उन्हें निलंबन से बहाल किया गया।
पुराने पदस्थापना आदेश के आधार पर बीजापुर भेजे गए
रूपेश पांडेय की बीजापुर में पदस्थापना का मामला पहले भी न्यायालय तक पहुंचा था।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राज्य शासन ने 9 मई 2025 को पदोन्नति के बाद उन्हें जिला पंचायत बीजापुर में सहायक परियोजना अधिकारी के पद पर पदस्थ करने का आदेश जारी किया था। इस आदेश को उन्होंने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में रिट याचिका WPS क्रमांक 3841/2025 के माध्यम से चुनौती दी थी।
बताया गया है कि हाईकोर्ट ने 27 मई 2025 को अंतरिम स्थगन दिया था। बाद में 19 जून 2026 को याचिका को निष्प्रभावी मानते हुए समाप्त कर दिया गया और अंतरिम स्थगन भी समाप्त हो गया।
इसके बाद बहाली के साथ पुराने पदस्थापना आदेश के अनुपालन में उन्हें 28 अक्टूबर 2026 की अपराह्न से भारमुक्त कर दिया गया, ताकि वे जिला पंचायत बीजापुर में कार्यभार ग्रहण कर सकें।
बहाली के बाद भी विभागीय जांच जारी
रूपेश पांडेय की बहाली का अर्थ यह नहीं है कि उनके विरुद्ध चल रही विभागीय कार्रवाई समाप्त हो गई है। उपलब्ध आदेश के अनुसार, दुर्ग संभागायुक्त ने 22 अक्टूबर 2026 को उनके विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित की थी।
निलंबन अवधि का निराकरण विभागीय जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार किया जाएगा। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और संबंधित नियमों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए इन सवालों का जवाब जरूरी
इस पूरे मामले में कुछ बिंदुओं पर आधिकारिक जानकारी सामने आना महत्वपूर्ण है:
- निलंबन अवधि के दौरान रूपेश पांडेय का मुख्यालय कहां निर्धारित किया गया था?
- बहाली के लिए प्रस्तुत अभ्यावेदन में क्या आधार दिए गए थे?
- 28 अक्टूबर के आदेश के बाद बीजापुर में उनके कार्यभार ग्रहण की स्थिति क्या है?
- विभागीय जांच की वर्तमान स्थिति क्या है और इसे पूरा करने की समय-सीमा क्या है?
फिलहाल प्रशासनिक आदेश के तहत रूपेश पांडेय की बहाली और बीजापुर पदस्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। वहीं, विभागीय जांच जारी रहने के कारण मामले का अंतिम प्रशासनिक निष्कर्ष आना बाकी है।

