
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ विकसित करने की घोषणा की थी; तेलीबांधा को लेकर साहू समाज के विरोध और भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया के बाद अब सामने आई नई जानकारी
रायपुर, 8 अक्टूबर 2026। रायपुर के चर्चित तेलीबांधा चौक को लेकर पिछले दो दिनों से चल रही नाम बदलने की चर्चा पर फिलहाल विराम लगता नजर आ रहा है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, तेलीबांधा चौक की मौजूदा पहचान बरकरार रखी जाएगी और यहां ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ की तर्ज पर विकास और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी औपचारिक नाम परिवर्तन आदेश की जानकारी सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मूल घोषणा में भी तेलीबांधा चौक को ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक के रूप में विकसित’ करने की बात कही गई थी।
दरअसल, मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद यह चर्चा तेज हो गई थी कि रायपुर के तेलीबांधा चौक का मौजूदा नाम बदलकर सेवा ज्योति संकल्प चौक किया जा सकता है। इसके बाद साहू समाज की ओर से विरोध सामने आया और चौक का नाम बदले जाने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी भी दी गई। अब सामने आई जानकारी में कहा जा रहा है कि सरकार की योजना मौजूदा नाम को हटाने के बजाय चौक को नए स्वरूप में विकसित करने की है।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद शुरू हुई नाम बदलने की चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 7 अक्टूबर को रायपुर में विकसित भारत संकल्प सभा और सेवा ज्योति यात्रा का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के जिला मुख्यालयों समेत कुल 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ विकसित करने की घोषणा की।
इसी क्रम में उन्होंने रायपुर के तेलीबांधा चौक को भी ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के रूप में विकसित करने की बात कही। मुख्यमंत्री के आधिकारिक कार्यक्रम संबंधी विवरण में भी यही कहा गया है कि तेलीबांधा चौक को ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
हालांकि, घोषणा के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर इसे तेलीबांधा चौक का नाम बदलने के तौर पर देखा जाने लगा। इसी वजह से चौक के नाम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया सामने आने लगी।
साहू समाज ने जताई नाराजगी
तेलीबांधा नाम को लेकर साहू समाज की ओर से भी आपत्ति दर्ज कराई गई। प्रदेश साहू संघ युवा प्रकोष्ठ ने कहा कि चौक की पहचान को बदलने के बजाय विकास और सौंदर्यीकरण किया जाना चाहिए।
साहू समाज के युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत साहू ने कहा कि समाज विकास कार्यों का विरोध नहीं करता, लेकिन तेलीबांधा चौक की ऐतिहासिक और सामाजिक पहचान को बरकरार रखा जाना चाहिए। समाज की ओर से यह मांग भी रखी गई कि यदि ‘सेवा ज्योति चौक’ विकसित करना है तो इसके लिए किसी अन्य उपयुक्त स्थान का चयन किया जा सकता है।
यानी विवाद की मुख्य वजह विकास कार्य नहीं, बल्कि तेलीबांधा नाम की मौजूदा पहचान को लेकर पैदा हुई आशंका है।

भूपेश बघेल ने भी सरकार पर साधा निशाना
इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सोशल मीडिया के जरिए राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने 7 अक्टूबर को पोस्ट करते हुए कहा कि यदि तेलीबांधा चौक का नाम बदला गया तो यह तेली समाज के साथ अन्याय होगा।
बघेल ने तेलीबांधा को साहू समाज की आस्था, पहचान और गौरव से जुड़ा बताया और कहा कि समाज इस तरह के बदलाव को स्वीकार नहीं करेगा।
वहीं, कांग्रेस के अन्य नेताओं की ओर से भी नाम परिवर्तन की स्थिति में विरोध की बात कही गई है। कांग्रेस नेता धनेन्द्र साहू ने कहा कि तेलीबांधा नाम लंबे समय से इस स्थान की पहचान रहा है और इसे बरकरार रखा जाना चाहिए।
नाम बदलने और नए स्वरूप में विकसित करने में क्या अंतर है?
पूरे विवाद में सबसे महत्वपूर्ण बात मुख्यमंत्री की घोषणा के शब्द हैं। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में तेलीबांधा चौक का नाम बदलने की बात स्पष्ट रूप से नहीं कही गई है। इसमें चौक को ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक के रूप में विकसित करने’ की बात कही गई है।
इसी अंतर के कारण अब यह कहा जा रहा है कि तेलीबांधा चौक की मौजूदा पहचान को बनाए रखते हुए वहां सेवा ज्योति संकल्प अभियान की थीम के अनुरूप विकास कार्य किए जाएंगे। हालांकि, अंतिम रूप से चौक पर क्या नाम प्रदर्शित किया जाएगा और विकास के बाद आधिकारिक अभिलेखों में इसका नाम क्या रहेगा, इसे लेकर सरकार की ओर से विस्तृत आदेश या अधिसूचना सामने आना बाकी है।
38 स्थानों पर बनेंगे सेवा ज्योति संकल्प चौक
मुख्यमंत्री साय ने राज्य के कुल 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ विकसित करने की घोषणा की है। सरकार के मुताबिक इन चौकों को जनसेवा, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के संकल्प के प्रतीक के तौर पर विकसित किया जाएगा।
रायपुर में सेवा ज्योति यात्रा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर से शुरू होकर तेलीबांधा चौक तक पहुंची थी। मुख्यमंत्री ने इस यात्रा का नेतृत्व किया और बाइक रैली को भी हरी झंडी दिखाई।
फिलहाल क्या है स्थिति?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना ज्यादा सटीक होगा कि तेलीबांधा चौक के विकास की घोषणा हुई है, जबकि उसके मौजूदा नाम को औपचारिक रूप से बदलने का आदेश सामने नहीं आया है। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है कि चौक का नाम बरकरार रखते हुए इसे सेवा ज्योति संकल्प चौक की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
ऐसे में नाम परिवर्तन को लेकर उठा विवाद फिलहाल शांत होता दिखाई दे रहा है। हालांकि, अंतिम स्थिति सरकार की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक आदेश या विकास योजना के दस्तावेज से ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।
तेलीबांधा चौक विवाद: अब तक क्या हुआ?
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ विकसित करने की घोषणा की।
- रायपुर के तेलीबांधा चौक को भी इसी योजना में शामिल किया गया।
- घोषणा के बाद चौक का नाम बदले जाने की चर्चा शुरू हुई।
- साहू समाज ने तेलीबांधा नाम की ऐतिहासिक और सामाजिक पहचान का हवाला देते हुए विरोध जताया।
- पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी नाम बदलने की स्थिति में सरकार की आलोचना की।
- अब सामने आई जानकारी के अनुसार मौजूदा तेलीबांधा नाम बरकरार रखते हुए चौक का विकास किया जाएगा।
- हालांकि, नाम को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट करने वाला औपचारिक सरकारी आदेश अभी सामने आना बाकी है।

