
13 अक्टूबर 2024 की वारदात में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 28 सितंबर को चार आरोपियों को हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराया था; आज तय होगी सजा की अवधि
सूरजपुर, 8 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर के बहुचर्चित डबल मर्डर केस में आज यानी गुरुवार को सजा के बिंदु पर फैसला होने वाला है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 28 सितंबर को प्रधान आरक्षक के परिवार से जुड़े इस मामले में मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत चार आरोपियों को दोषी करार दिया था। अब अदालत इन दोषियों को कितनी सजा दी जाए, इस पर अपना फैसला सुनाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मामले में दोषी ठहराए गए चार आरोपियों में कुलदीप साहू, चंद्रकांत चौधरी उर्फ सीके, फूल सिंह उर्फ रिंकू और आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी शामिल हैं।
करीब दो साल बाद सजा के फैसले की घड़ी
यह मामला 13 अक्टूबर 2024 की रात का है। सूरजपुर में पदस्थ प्रधान आरक्षक की पत्नी और उनकी 11 वर्षीय बेटी की हत्या के बाद पूरे जिले में भारी आक्रोश देखने को मिला था। पुलिस जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहुंचा। करीब दो साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया में अभियोजन पक्ष की ओर से साक्ष्य और गवाह पेश किए गए।
28 सितंबर 2026 को फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल ने मामले में चार आरोपियों को दोषी करार दिया था। अदालत ने हत्या के साथ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट से जुड़े आरोपों में भी दोषसिद्धि की। सजा पर बहस और निर्णय के लिए 8 अक्टूबर की तारीख तय की गई थी।

कौन-कौन हैं दोषी?
अदालत ने जिन चार आरोपियों को दोषी माना है, उनमें मुख्य आरोपी कुलदीप साहू, चंद्रकांत चौधरी उर्फ सीके, फूल सिंह उर्फ रिंकू और आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी शामिल हैं।
मामले में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इनमें से सूरज साहू और नीलकेश्वर साहू को अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। इस तरह अब सजा का फैसला चार दोषियों को लेकर होना है।

क्या था पूरा मामला?
अभियोजन के मुताबिक, 13 अक्टूबर 2024 की रात यह वारदात हुई थी। प्रधान आरक्षक की पत्नी और उनकी नाबालिग बेटी की हत्या धारदार हथियार से की गई थी। जांच के दौरान नाबालिग से दुष्कर्म का मामला भी सामने आया और आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद मां-बेटी के शवों को वाहन से ले जाकर एक खेत में फेंक दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की और आरोपियों को गिरफ्तार किया। बाद में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई।
वारदात से पहले पुलिसकर्मियों से भी हुआ था विवाद
इस मामले में मुख्य आरोपी कुलदीप साहू से जुड़ी एक अन्य घटना पर भी अदालत ने अलग से फैसला सुनाया है। पुलिसकर्मियों को वाहन से कुचलने के प्रयास के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 29 सितंबर को कुलदीप साहू को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। यह सजा डबल मर्डर मामले की सजा से अलग है।
इसके अलावा पुलिस वाहन पर फायरिंग से जुड़े मामले में कुलदीप साहू, नीलकेश्वर साहू और सूरज साहू को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर दोषमुक्त किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

आज कोर्ट में क्या होगा?
आज की सुनवाई में अदालत उन चारों दोषियों के लिए सजा निर्धारित करेगी, जिन्हें पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है। पीड़ित पक्ष की ओर से मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी से कड़ी सजा की मांग किए जाने की बात सामने आई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित पक्ष के वकील ने मामले को अत्यंत गंभीर श्रेणी का बताते हुए अधिकतम सजा की मांग करने की बात कही है।
फिलहाल सबसे ज्यादा नजर मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत चारों दोषियों को मिलने वाली सजा पर है। अदालत के आदेश के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रत्येक दोषी को किन धाराओं में कितनी सजा दी जाती है।

