FLYDUBAI फ्लाईदुबई कॉकपिट में हमला: घायल भारतीय पायलट स्मित मच्छार ने बचाई 174 लोगों की जान

फ्लाईदुबई पायलट स्मित मच्छार और FZ1073 फ्लाइट में कॉकपिट घटना
फ्लाईदुबई की FZ1073 फ्लाइट में कॉकपिट की हिंसक घटना के दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार घायल हुए। विमान को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया।

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में 30 सितंबर 2026 को बीच आसमान में ऐसा संकट पैदा हुआ, जिसने विमान में सवार यात्रियों की जान खतरे में डाल दी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में पायलटों के बीच हिंसक घटना हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया। इसी दौरान विमान तेजी से नीचे जाने लगा और कुछ ही समय में करीब 14 हजार फीट की ऊंचाई गंवा बैठा।

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। इसके बाद केबिन क्रू, यात्रियों और विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने स्थिति को नियंत्रित करने में भूमिका निभाई। विमान को सऊदी अरब के तबूक की ओर डायवर्ट किया गया, जहां उसकी सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।

29 सेकंड में 14 हजार फीट नीचे आया विमान

फ्लाइट FZ1073 बोइंग 737 MAX 8 थी। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, विमान करीब 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। घटना के दौरान विमान ने अचानक तेज गति से नीचे की ओर गोता लगाया। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 29 सेकंड में विमान ने लगभग 14,000 फीट की ऊंचाई गंवा दी।

विमान ने आपातकालीन संकेत भी प्रसारित किए। इसके बाद स्थिति को संभालते हुए विमान को तबूक की ओर मोड़ा गया।

तबूक एयरपोर्ट के मुताबिक, विमान ने वहां सुरक्षित लैंडिंग की और दोनों पायलटों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। विमान में मौजूद सभी यात्री सुरक्षित थे।

कॉकपिट का दरवाजा खुला तो यात्रियों ने संभाला मोर्चा

घटना के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। रिपोर्टों के अनुसार, इसके बावजूद उन्होंने प्रतिरोध किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की।

इसके बाद केबिन क्रू और कुछ यात्रियों को कॉकपिट तक पहुंचने का मौका मिला। विमान में मौजूद ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी विमान को नियंत्रित करने में मदद की। अंततः कथित हमलावर को काबू में कर लिया गया।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि मच्छार की कार्रवाई से विमान में सवार 174 लोगों की जान बचाने में मदद मिली। उन्होंने भारतीय पायलट को “true hero” बताया।

भारतीय पायलट की हालत स्थिर

हमले में घायल कैप्टन स्मित मच्छार को तबूक के अस्पताल में भर्ती कराया गया। भारतीय दूतावास ने बताया कि उनकी हालत स्थिर है और उन्हें जरूरी चिकित्सा उपचार दिया जा रहा है। भारतीय मिशन उनके परिवार के संपर्क में है और मामले पर सऊदी अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। बाद की रिपोर्टों के अनुसार, मच्छार की इमरजेंसी सर्जरी भी हुई। उनकी आगे की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भारतीय अधिकारी और परिवार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं।

पीएम मोदी और ट्रंप ने भी की तारीफ

घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मच्छार को साहस और दृढ़ता के लिए सम्मानित करते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण साहस दिखाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस घटना का जिक्र करते हुए मच्छार को “हीरो” कहा। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने इस मामले पर नेतन्याहू से बात की थी।

फ्लाईदुबई ने क्या कहा?

फ्लाईदुबई ने आधिकारिक बयान में पुष्टि की कि FZ1073 के फ्लाइट डेक में एक घटना हुई थी। एयरलाइन के अनुसार, विमान में मौजूद ऑन-ड्यूटी फ्लाईदुबई क्रू ने स्थिति को नियंत्रित किया और विमान को तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा।

एयरलाइन ने यह भी कहा कि घटना के कारण और उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं हैं तथा मामले की औपचारिक जांच चल रही है। फ्लाईदुबई ने जांच पूरी होने से पहले किसी तरह की अटकल से बचने की अपील की है। संयुक्त अरब अमीरात की General Civil Aviation Authority (GCAA) ने भी कहा है कि यह एक सुरक्षा संबंधी घटना थी और इसकी परिस्थितियों तथा कारणों की जांच की जा रही है।

क्या था हमले का मकसद?

घटना के पीछे की वजह अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुई है। विभिन्न रिपोर्टों में को-पायलट पर विमान को नुकसान पहुंचाने या उसे क्रैश कराने की कोशिश का आरोप लगाया गया है, लेकिन फ्लाईदुबई और विमानन अधिकारियों ने अभी घटना के कारण या मकसद की पुष्टि नहीं की है। जांच जारी है। इसी वजह से घटना को लेकर सामने आ रही अलग-अलग रिपोर्टों और दावों को जांच के अंतिम निष्कर्ष के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार?

कैप्टन स्मित मच्छार भारतीय नागरिक हैं और मुंबई से जुड़े हुए हैं। वह जून 2022 से फ्लाईदुबई के बोइंग 737 बेड़े में कैप्टन के तौर पर कार्यरत हैं। इससे पहले उन्होंने करीब 11 साल तक स्पाइसजेट में काम किया था। उपलब्ध प्रोफाइल और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उनके पास बोइंग 737 विमान उड़ाने का लंबा अनुभव है और उनके कुल उड़ान अनुभव को करीब 9,750 घंटे से अधिक बताया गया है।

एक नजर में पूरा घटनाक्रम

  • फ्लाइट: FZ1073
  • रूट: दुबई → तेल अवीव
  • विमान: Boeing 737 MAX 8
  • घटना: कॉकपिट में हिंसक झड़प
  • भारतीय कैप्टन: स्मित मच्छार
  • आरोप: को-पायलट ने चाकू से हमला किया
  • विमान: अचानक हजारों फीट नीचे गया
  • डायवर्जन: तबूक, सऊदी अरब
  • यात्री: 174 लोगों को बचाए जाने का उल्लेख नेतन्याहू ने किया
  • कैप्टन की स्थिति: स्थिर, उपचार जारी
  • जांच: सऊदी और संबंधित विमानन अधिकारी कर रहे हैं

फिलहाल जांच एजेंसियां घटना के पूरे क्रम, हमले के मकसद और कॉकपिट में हुई गतिविधियों की जांच कर रही हैं। आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।


Nagendra sahu
Nagendra sahu
नागेन्द्र साहू छत्तीसगढ़ के भिलाई से हैं। उन्होंने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक (BJMC) और वर्धा स्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (MJ) की शिक्षा प्राप्त की है। पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वीडियो एडिटिंग ( Ex- भिलाई Times Sr Editor ) और डिजिटल कंटेंट में भी विशेषज्ञता के साथ वर्तमान में रेखांकित न्यूज़ का संचालन कर रहे हैं।
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