Flydubai FZ1073 Cockpit Attack: जुलाई में ही हमले की योजना बना चुका था ओमानी को-पायलट, जांच में बड़ा खुलासा


Dubai-Tel Aviv Flight Attack: 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 में भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर हुए हमले की जांच में एक के बाद एक नए खुलासे सामने आ रहे हैं। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर विमान को हथियार बनाकर इजरायल में हमला करने की योजना पहले ही बना ली थी।

Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली अधिकारियों ने बताया है कि अल-हम्मामी ने Flydubai में नौकरी के लिए आवेदन करने से पहले ही उन एयरलाइनों की तलाश शुरू कर दी थी, जो तेल अवीव के लिए उड़ानें संचालित करती हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने कथित तौर पर Ben Gurion Airport की जानकारी जुटाई थी।

जुलाई में ही हमला करने की तैयारी का दावा

जांच से जुड़े नए दावों के मुताबिक, अल-हम्मामी ने जुलाई में ही हमला करने की योजना बनाई थी। रिपोर्टों के अनुसार, वह विमान को इजरायल में किसी महत्वपूर्ण लक्ष्य से टकराने की साजिश रच रहा था।

‘द वीक’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जांचकर्ताओं को बताया गया कि अल-हम्मामी ने जून में Ben Gurion Airport की यात्रा के दौरान कथित तौर पर वहां की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी जुटाई थी। जुलाई में हमले की योजना बनाई गई थी, लेकिन अंतिम समय पर उसने इसे टाल दिया। रिपोर्ट के अनुसार, उस फ्लाइट में उसका एक परिचित क्रू सदस्य मौजूद था, जिसकी वजह से उसने कथित तौर पर योजना को स्थगित कर दिया।

बाद में 30 सितंबर की FZ1073 फ्लाइट में उसने कथित तौर पर योजना को अंजाम देने की कोशिश की।

नौकरी पाने से पहले ही चुनी थी तेल अवीव वाली एयरलाइन?

Reuters के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया है कि अल-हम्मामी ने Flydubai में नौकरी पाने से पहले उन एयरलाइनों की तलाश की थी जो तेल अवीव के लिए उड़ानें संचालित करती हैं। इसके बाद उसने Flydubai के लिए आवेदन किया।

इससे अब जांच का एक अहम सवाल यह बन गया है कि क्या उसने जानबूझकर ऐसी एयरलाइन चुनी थी, जिसके जरिए वह इजरायल जाने वाली उड़ान तक पहुंच सके?

रिपोर्टों के अनुसार, जांचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि अल-हम्मामी ने अकेले यह योजना बनाई थी या उसके किसी अन्य व्यक्ति अथवा चरमपंथी संगठन से संबंध थे। फिलहाल किसी बाहरी आतंकी संगठन से उसके संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।

Oman Air में पहले ही उठ चुके थे सवाल

अल-हम्मामी का पिछला रिकॉर्ड भी अब जांच के केंद्र में है।

The Wall Street Journal के मुताबिक, ओमान में उसके ऑनलाइन व्यवहार और कट्टरपंथी विचारधारा में कथित रुचि को लेकर पहले ही चिंता जताई गई थी। इसके बाद उसे Oman Air की फ्लाइंग ड्यूटी से हटाकर डेस्क जॉब दिए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, उसे एक डी-रेडिकलाइजेशन कार्यक्रम से भी गुजरना पड़ा था।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन चिंताओं की जानकारी अन्य एयरलाइनों या संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के साथ किस स्तर तक साझा की गई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, Flydubai ने फरवरी 2026 में अल-हम्मामी को नौकरी दी थी। लोगों के हवाले से प्रकाशित WSJ रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एयरलाइन ने उसका आपराधिक रिकॉर्ड चेक किया, लेकिन उसके पिछले रोजगार को लेकर Oman Air से संपर्क नहीं किया।

फ्लाइट में आखिर हुआ क्या था?

30 सितंबर को Flydubai की FZ1073 फ्लाइट दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। विमान में 170 से अधिक यात्री और क्रू सदस्य सवार थे।

उड़ान के दौरान को-पायलट अल-हम्मामी ने कथित तौर पर कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर इमरजेंसी क्रैश एक्स से हमला कर दिया। हमले के बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा। Reuters के मुताबिक, विमान ने करीब 14,000 फीट की ऊंचाई कुछ ही समय में खो दी थी।

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मछार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों और क्रू ने आरोपी को काबू किया।

विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने बाद में विमान का नियंत्रण संभाला और उसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।

UAE ने घटना को आतंकी प्रयास बताया

घटना के कुछ दिन बाद UAE अधिकारियों ने इसे आतंकी हमले का प्रयास बताया। अल-हम्मामी को सऊदी अरब में हिरासत में लिए जाने के बाद UAE को सौंप दिया गया है और जांच जारी है।

जांच एजेंसियां अब उसके डिजिटल रिकॉर्ड, पूर्व रोजगार, यात्रा इतिहास और संभावित संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं।

इजरायल की एविएशन सिक्योरिटी पर भी उठे सवाल

इस घटना ने इजरायल जाने वाली विदेशी एयरलाइनों के क्रू की सुरक्षा जांच को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली अधिकारियों के पास उड़ान से पहले क्रू की जानकारी मौजूद थी, लेकिन अल-हम्मामी को कथित तौर पर किसी सुरक्षा चेतावनी के तौर पर चिन्हित नहीं किया गया। अब यह जांच का विषय है कि पहले से मौजूद सूचनाओं के बावजूद वह तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट के कॉकपिट तक कैसे पहुंचा।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने विदेशी एयरलाइनों से जुड़े एविएशन सिक्योरिटी प्रोटोकॉल की समीक्षा के आदेश दिए हैं।

जांच अभी जारी, कई सवालों के जवाब बाकी

इस पूरे मामले में अभी कई अहम सवालों का जवाब मिलना बाकी है—क्या अल-हम्मामी ने अकेले यह साजिश रची थी, क्या किसी संगठन से उसका संपर्क था और सुरक्षा एजेंसियों के पास उसके बारे में पहले से मौजूद सूचनाएं Flydubai तक क्यों नहीं पहुंचीं?

फिलहाल जांच एजेंसियां इन पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। इसलिए हमले की कथित साजिश, उसके मकसद और उसके संभावित नेटवर्क से जुड़े दावों को जांच के निष्कर्ष आने तक आरोप या जांच में सामने आए दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

Nagendra sahu
Nagendra sahu
नागेन्द्र साहू छत्तीसगढ़ के भिलाई से हैं। उन्होंने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक (BJMC) और वर्धा स्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (MJ) की शिक्षा प्राप्त की है। पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वीडियो एडिटिंग ( Ex- भिलाई Times Sr Editor ) और डिजिटल कंटेंट में भी विशेषज्ञता के साथ वर्तमान में रेखांकित न्यूज़ का संचालन कर रहे हैं।
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