दुर्ग यूनिवर्सिटी के कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप हटाए गए, कई विवादों के बीच शासन का बड़ा फैसला


Durg University News: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप को उनके पद से हटाकर उच्च शिक्षा संचालनालय, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर में पदस्थ किया है। वहीं उनकी जगह शासकीय वी.वाई.टी. महाविद्यालय, दुर्ग के इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. अनिल कुमार पांडेय को प्रभारी कुलसचिव की जिम्मेदारी दी गई है। शासन का यह आदेश 29 सितंबर 2026 को जारी हुआ।

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग में कुलसचिव पद पर बड़ा प्रशासनिक बदलाव।

महिला कर्मचारी के वेतन से रकम ट्रांसफर कराने का आरोप

भूपेंद्र कुलदीप से जुड़ा सबसे गंभीर मामला विश्वविद्यालय की एक दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी की शिकायत से सामने आया। आरोप था कि महिला कर्मचारी से विश्वविद्यालय में निर्धारित काम के अलावा कुलसचिव के आवास पर घरेलू काम भी कराया गया और उसके वेतन की रकम का एक हिस्सा कथित तौर पर कुलसचिव के बेटे के खाते में ट्रांसफर कराया गया।

मामले की जांच के लिए बनाई गई फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी ने बैंक लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। रिपोर्टों के मुताबिक, फरवरी 2025 से जुलाई 2026 के बीच महिला कर्मचारी के खाते में करीब ₹1.77 लाख का भुगतान हुआ, जिसमें लगभग ₹1.49 लाख दूसरी ओर ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आई।
इसी मामले में अगस्त 2026 में FIR दर्ज की गई थी। पुलिस ने भूपेंद्र कुलदीप को गिरफ्तार भी किया था, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई। मामले की कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।

FIR के बाद वित्तीय अधिकार भी वापस लिए गए

मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने 29 अगस्त 2026 को भूपेंद्र कुलदीप के वित्तीय अधिकार वापस लेने का फैसला किया।
इसके बाद भुगतान संबंधी दस्तावेजों और बैंकिंग लेनदेन में कुलसचिव की भूमिका सीमित कर दी गई। वित्त अधिकारी के साथ दूसरे अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता की जिम्मेदारी अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. नीलू श्रीवास्तव को दी गई थी। विश्वविद्यालय के पिछले तीन वर्षों के वित्तीय लेनदेन के ऑडिट की मांग भी सामने आई थी।

सरकारी कार की मरम्मत को लेकर भी सवाल

कुलसचिव से जुड़ा दूसरा मामला विश्वविद्यालय की सरकारी कार CG-02-6681 से संबंधित है। वाहन की दुर्घटना के बाद उसकी मरम्मत और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने सवाल उठाए थे। रिपोर्टों के अनुसार, मामले में करीब ₹24 हजार के मरम्मत भुगतान, बीमा क्लेम और वाहन के इस्तेमाल से संबंधित प्रक्रियाओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया था। इस संबंध में उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।

PhD डिग्री को लेकर भी उठे सवाल

भूपेंद्र कुलदीप की PhD डिग्री भी विवादों में रही है। उनकी डिग्री को लेकर शिकायत के बाद संबंधित नियामक स्तर पर जांच की प्रक्रिया शुरू होने की रिपोर्ट सामने आई थी। शिकायत में PhD की अवधि, शोध गाइड की पात्रता और संबंधित नियमों के पालन को लेकर सवाल उठाए गए थे।

अब डॉ. अनिल पांडेय संभालेंगे जिम्मेदारी


दुर्ग में कुलसचिव पद पर बड़ा प्रशासनिक बदलाव

इन तमाम घटनाक्रमों के बीच शासन ने अब डॉ. अनिल कुमार पांडेय को हेमचंद यादव विश्वविद्यालय का प्रभारी कुलसचिव नियुक्त किया है। डॉ. पांडेय वर्तमान में शासकीय वी.वाई.टी. महाविद्यालय, दुर्ग में इतिहास विभाग के प्राध्यापक हैं।
वहीं भूपेंद्र कुमार कुलदीप को विश्वविद्यालय से हटाकर उच्च शिक्षा संचालनालय, नवा रायपुर में पदस्थ किया गया है।

Devesh Singh
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देवेश सिंह छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी हैं और डिजिटल मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे देश-दुनिया, राजनीति, प्रशासन, स्थानीय मुद्दों, कारोबार, टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े विषयों पर रिसर्च एवं कंटेंट तैयार करते हैं। तथ्यों की पड़ताल और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर जटिल विषयों को सरल, स्पष्ट और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। वर्तमान में वे डिजिटल न्यूज़ और मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
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