
दुर्ग। दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती, कृषि पंपों को पर्याप्त बिजली नहीं मिलने और स्मार्ट मीटर से बढ़े बिजली बिलों को लेकर ग्रामीणों का विरोध सामने आया है। बुधवार, 30 सितंबर को अंडा चौक में ग्रामीणों, किसानों, छात्र-छात्राओं और जनप्रतिनिधियों ने दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर का पुतला दहन कर प्रदर्शन किया। इसके बाद बिजली व्यवस्था से जुड़ी चार प्रमुख मांगों को लेकर जिला प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के मचांदूर से निकुम, अंडा से उरला और कुथरेल से नागपुरा तक कई गांवों में पिछले कई महीनों से अघोषित बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है। इसके साथ ही कृषि पंपों की विद्युत आपूर्ति प्रभावित होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पंचायत भवनों के कनेक्शन काटने का भी विरोध
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि बकाया बिजली बिल के कारण कुछ ग्राम पंचायत भवनों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इससे पंचायतों के शासकीय कामकाज पर असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जिन पंचायत भवनों के बिजली कनेक्शन बकाया बिल के कारण काटे गए हैं, उन्हें तत्काल दोबारा जोड़ा जाए, ताकि पंचायत स्तर के सरकारी कार्य प्रभावित न हों।
स्मार्ट मीटर और बढ़े बिजली बिलों पर उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान स्मार्ट मीटर का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। ज्ञापन में ग्रामीण उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने और उसके बाद बढ़े हुए बिजली बिल आने का आरोप लगाया गया है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि स्मार्ट मीटर लगाने और उससे जुड़े बढ़े हुए बिजली बिलों की वसूली पर रोक लगाई जाए तथा बिलों की जांच कराई जाए।

कृषि पंपों के लिए 24 घंटे बिजली की मांग
किसानों ने कृषि पंपों के लिए पर्याप्त और निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग भी रखी है। ज्ञापन में कृषि पंपों को दिन में 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का सीधा असर खेती और सिंचाई पर पड़ रहा है।

7 दिन का अल्टीमेटम, चक्काजाम की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को समस्याओं के समाधान के लिए सात दिन का समय दिया है। ज्ञापन में कहा गया है कि सात दिनों के भीतर मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो ग्रामीण उग्र आंदोलन और चक्काजाम करेंगे।
ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, दुर्ग कलेक्टर और छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण अभियंता को भी भेजे जाने का उल्लेख है।
प्रदर्शन में विधायक ललित चंद्राकर के खिलाफ पुतला दहन के जरिए नाराजगी जताई गई। हालांकि ज्ञापन में बिजली व्यवस्था और स्मार्ट मीटर को लेकर लगाए गए आरोप प्रदर्शनकारियों के हैं; संबंधित विधायक, बिजली वितरण कंपनी अथवा प्रशासन का पक्ष उपलब्ध दस्तावेज में दर्ज नहीं है।

