इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का हवाला देकर कांग्रेस ने उठाए निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल, भूपेश बघेल बोले- रिपोर्ट गलत है तो BJP मानहानि का केस क्यों नहीं करती
दुर्ग। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर देशभर में चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच सोमवार को दुर्ग में कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। जिला कांग्रेस के नेतृत्व में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन से कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग कर कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोका। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झूमाझटकी की स्थिति बनी।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार का प्रतीकात्मक पुतला भी जलाया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर मौजूद रहे और निर्वाचन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों तथा ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर नारेबाजी की।
यह रिपोर्ट रेखांकित खबर की ग्राउंड रिपोर्ट पर आधारित है। प्रदर्शन के दौरान नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों को उनके बयानों के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद बढ़ा विवाद
कांग्रेस नेताओं ने अपने प्रदर्शन के दौरान इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट का बार-बार हवाला दिया, जिसमें दावा किया गया था कि निर्वाचन आयोग के दो आयुक्तों—सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी—ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 मौकों पर आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में Form-6 में बदलाव, मतदाता डेटा तक पहुंच के केंद्रीकरण, मतदाता नाम हटाने और बहाल करने की प्रक्रिया समेत कई मुद्दों का उल्लेख किया गया था।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और उनके पद से हटाए जाने की मांग तेज की है। वहीं निर्वाचन आयोग की ओर से कहा गया है कि अलग-अलग राय संस्थागत निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हैं और SIR सहित आयोग के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

भूपेश बघेल ने कहा- रिपोर्ट गलत है तो मानहानि का केस क्यों नहीं?
प्रदर्शन के दौरान भूपेश बघेल ने रेखांकित खबर के रिपोर्टर से बातचीत में इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि यदि रिपोर्ट गलत है तो उसके खिलाफ मानहानि का मुकदमा क्यों नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में जिन दस्तावेजों और आपत्तियों का उल्लेख किया गया है, उनका जवाब दिया जाना चाहिए। बघेल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ FIR दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग भी दोहराई।
भूपेश बघेल ने अपने बयान में ज्ञानेश कुमार को “भस्मासुर” बताते हुए आरोप लगाया कि उनके नेतृत्व में देश और निर्वाचन संस्था को नुकसान पहुंच रहा है। यह बयान बघेल की ओर से लगाया गया राजनीतिक आरोप है।


कलेक्ट्रेट तक पहुंचने से पहले पुलिस ने रोका
कांग्रेस का मार्च कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहा था। पटेल चौक के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झूमाझटकी हुई।
पुलिस बल की मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट परिसर की ओर आगे बढ़ने से रोका गया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर मौजूद रहे।
स्थानीय रिपोर्टों में भी दुर्ग के पटेल चौक पर बैरिकेडिंग, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच खींचतान तथा पुतला दहन की जानकारी सामने आई है।

राकेश ठाकुर ने उठाया EVM का मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केवल मतदाता सूची और SIR का मुद्दा नहीं उठाया, बल्कि EVM को लेकर भी सवाल किए। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने अपने संबोधन में EVM से जुड़े कथित घोटाले और ‘वोट चोरी’ के आरोपों का मुद्दा उठाया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि निर्वाचन प्रक्रिया में मतदाता सूची से लेकर मतदान और परिणाम तक पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

धीरज बाकलीवाल ने 14 आपत्तियों का मुद्दा उठाया
दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने निर्वाचन आयोग के दो आयुक्तों द्वारा दर्ज की गई कथित 14 आपत्तियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यदि आयोग के भीतर ही महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठे हैं तो इनका सार्वजनिक और निष्पक्ष परीक्षण होना चाहिए।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों निर्वाचन आयुक्तों की आपत्तियों में नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता नाम हटाने और बहाल करने, Form-6 में बदलाव तथा मतदाता डेटाबेस के नियंत्रण जैसे विषय शामिल थे।

ज्ञापन में क्या मांग रखी गई?
कांग्रेस ने प्रदर्शन के बाद कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, दुर्ग के नाम ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित शिकायतों की जांच की मांग की।
ज्ञापन में मुख्य रूप से—
- SIR से संबंधित रिकॉर्ड की जांच,
- मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया की समीक्षा
- Form-6 और संबंधित दस्तावेजों की जांच
- मतदाता सूची से जुड़ी आपत्तियों और दावों की समीक्षा
- ‘वोट चोरी’ से जुड़े आरोपों की तथ्यात्मक जांच
निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित रिकॉर्ड राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों को नियमानुसार उपलब्ध कराने जैसी मांगें रखी गईं।

देशभर में CEC को लेकर राजनीतिक विवाद
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों का विरोध कई राज्यों तक पहुंचा है। विपक्षी दलों ने उनके इस्तीफे, जांच और कुछ मामलों में गिरफ्तारी की मांग भी उठाई है।
दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग ने रिपोर्ट में उठाए गए आंतरिक मतभेदों को संस्थागत विचार-विमर्श का हिस्सा बताया है और कहा है कि आयोग के फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

दुर्ग में कांग्रेस ने दर्ज कराया विरोध
दुर्ग का यह प्रदर्शन इसी व्यापक राजनीतिक विवाद की स्थानीय कड़ी के रूप में सामने आया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट घेराव कर निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता, मतदाता सूची और EVM से जुड़े सवालों को उठाया।
प्रदर्शन के दौरान पुतला दहन, पुलिस बैरिकेडिंग, झूमाझटकी और नेताओं के तीखे बयानों ने विरोध को चर्चा में ला दिया। कांग्रेस ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

