
नई दिल्ली/पटना/प्रयागराज, 28 सितंबर 2026। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान पिछले कुछ दिनों में तीन अलग-अलग मुद्दों पर दिए बयानों को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी ही सरकार से जवाबदेही की मांग की, चुनाव आयोग से चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करने को कहा और 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के उतरने की घोषणा की।
इन बयानों में एक साझा बात यह रही कि चिराग ने सरकार और संवैधानिक संस्था से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही और सार्वजनिक स्पष्टीकरण की बात कही। साथ ही, उत्तर प्रदेश को लेकर उनकी पार्टी ने अपनी चुनावी गतिविधि स्पष्ट कर दी है।
बिहार में कानून-व्यवस्था पर अपनी ही सरकार से जवाब मांगा
बिहार में हाल की घटनाओं को लेकर चिराग पासवान ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। 27-28 सितंबर के आसपास दिए बयान में उन्होंने कहा कि ऐसी सरकार का हिस्सा होने पर उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है, जहां अपराध की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने पुलिस और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि लोगों, खासकर महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराना सरकार की जिम्मेदारी है। इससे पहले 24 सितंबर को जमुई और समस्तीपुर की घटनाओं का उल्लेख करते हुए भी उन्होंने कहा था कि केवल आरोपियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है; यदि प्रशासनिक लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
हालिया घटनाओं के संदर्भ में चिराग के बयानों की स्वतंत्र रिपोर्टिंग भी हुई है। उन्होंने बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार से जवाबदेही की बात कही थी।
चिराग ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी सरकार का हिस्सा है, इसलिए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने की स्थिति में जवाबदेही से पीछे नहीं हट सकते।
चुनाव आयोग पर बोले- जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करें
25 सितंबर को चिराग पासवान ने चुनाव आयोग और Special Intensive Revision यानी SIR से जुड़े विवाद पर भी बयान दिया।
उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग के कामकाज और चुनावी प्रक्रिया को लेकर जनता के मन में सवाल या संदेह पैदा हो रहे हैं, तो आयोग और विशेष रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना चाहिए। उनके मुताबिक यह स्पष्टीकरण विपक्ष को जवाब देने के लिए नहीं, बल्कि मतदाताओं का भरोसा बनाए रखने के लिए होना चाहिए।
चिराग ने यह भी कहा कि विपक्ष का काम राजनीतिक सवाल उठाना है, लेकिन चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है। उनके इस बयान की स्वतंत्र रिपोर्टिंग भी 25 सितंबर को हुई।
SIR को लेकर विवाद क्या है?
चिराग का बयान ऐसे समय आया जब Indian Express की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR, मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने और बहाल करने तथा चुनावी डेटाबेस से जुड़े कुछ फैसलों पर कई बार आपत्ति दर्ज की थी।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इन मतभेदों को संस्थागत विचार-विमर्श का हिस्सा बताया है और कहा है कि आयोग के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए। आयोग ने अपने डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा और चुनावी डेटा की प्रक्रियाओं का भी बचाव किया है।
इसी पृष्ठभूमि में चिराग ने आयोग से अपनी स्थिति जनता के सामने स्पष्ट करने की मांग की। उनके अलावा NDA के कुछ अन्य सहयोगी नेताओं ने भी आयोग से स्पष्टीकरण और पारदर्शिता की बात कही है।
2027 में उत्तर प्रदेश चुनाव लड़ेगी LJP (रामविलास)
इसी बीच 27 सितंबर को प्रयागराज में आयोजित Youth Bole Toh कार्यक्रम में चिराग पासवान ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट किया।
उन्होंने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ेगी।
प्रयागराज कार्यक्रम में चिराग ने युवाओं से रोजगार सृजन, स्टार्टअप, शिक्षा और राजनीति में युवाओं की भागीदारी जैसे मुद्दों पर भी बातचीत की।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि LJP (रामविलास) उत्तर प्रदेश में BJP के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ेगी या स्वतंत्र रूप से। इसलिए पार्टी के चुनाव लड़ने की घोषणा को फिलहाल किसी गठबंधन से अलग होने या किसी दल के खिलाफ चुनाव लड़ने की घोषणा के रूप में देखना उचित नहीं होगा।
तीन बयान, तीन अलग-अलग मुद्दे
चिराग पासवान के हालिया बयानों को तीन हिस्सों में देखा जा सकता है।
बिहार में: उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी ही सरकार से कार्रवाई और जवाबदेही की मांग की।
चुनाव आयोग पर: उन्होंने SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आयोग से जनता के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा।
उत्तर प्रदेश में: उन्होंने 2027 विधानसभा चुनाव में LJP (रामविलास) के उतरने की घोषणा की, लेकिन BJP के साथ भविष्य के गठबंधन को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं की।
इसलिए फिलहाल उपलब्ध बयानों से इतना स्पष्ट है कि चिराग पासवान ने इन तीनों मुद्दों पर अपनी पार्टी का अलग रुख सार्वजनिक किया है। BJP या NDA से अलग होने की कोई घोषणा इन बयानों में नहीं की गई है।
आगे क्या होगा?
उत्तर प्रदेश में LJP (रामविलास) के चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद अब पार्टी के संगठनात्मक विस्तार, संभावित सीटों और गठबंधन को लेकर आगे के फैसलों पर नजर रहेगी। वहीं बिहार में कानून-व्यवस्था और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर चिराग की टिप्पणियां उनके राजनीतिक रुख का हिस्सा बनी हुई हैं।
फिलहाल तीनों घटनाक्रमों का अगला चरण अलग-अलग है—बिहार में सरकार की कार्रवाई, चुनाव आयोग की ओर से सार्वजनिक स्पष्टीकरण और उत्तर प्रदेश में LJP (रामविलास) की चुनावी रणनीति।

