
धमधा। ऋण माफी सहित विभिन्न मांगों को लेकर धमधा ब्लॉक के किसानों का आंदोलन गुरुवार को राजधानी रायपुर तक पहुंच गया। किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान मुख्यमंत्री निवास में ज्ञापन सौंपने के लिए रायपुर की ओर रवाना हुए। मुरमुंदा गांव के पास पुलिस ने किसानों को आगे बढ़ने से रोक दिया।
पुलिस और प्रशासन ने किसानों से बातचीत कर उन्हें आगे नहीं बढ़ने की समझाइश दी। इसके बाद किसानों की मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को रायपुर भेजने पर सहमति बनी।
मुरमुंदा में पुलिस ने रोका
मुरमुंदा में किसानों को रोके जाने के बाद पुलिस अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से रहने की अपील की। किसान नेताओं और प्रशासन के बीच बातचीत के बाद प्रतिनिधिमंडल के जरिए मांगें सरकार तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया।
किसानों का आंदोलन मुख्य रूप से ऋण माफी और वर्ष 2018 की ऋण माफी से जुड़े लंबित मामलों की जांच एवं निराकरण सहित अन्य मांगों को लेकर चल रहा है। इससे पहले भी किसान प्रशासन को ज्ञापन सौंप चुके हैं और क्रमिक भूख हड़ताल कर रहे हैं।
10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पहुंचा मुख्यमंत्री निवास
किसानों का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से प्रत्यक्ष मुलाकात नहीं हो सकी। किसानों ने मुख्यमंत्री के OSD/निज सचिव के सामने अपनी मांगें रखीं और ऋण माफी सहित लंबित मामलों के जल्द निराकरण की मांग की। किसान नेताओं का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और अब मांगों पर ठोस कार्रवाई चाहते हैं।
तीन दिन में कार्रवाई का आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल और प्रशासन के बीच चर्चा के दौरान किसानों को आगामी तीन दिनों में मामले में सार्थक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई है।
किसान नेताओं ने कहा कि तय समय में कार्रवाई होती है तो आगे की रणनीति उसी के अनुसार तय की जाएगी। मांगों का समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात भी कही गई है।
17 दिनों से जारी है क्रमिक भूख हड़ताल
धमधा में किसान पिछले 17 दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल पर हैं। 24 सितंबर को किसानों ने मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च करने का ऐलान किया था। इससे पहले आंदोलन के दौरान किसानों ने SDM को ज्ञापन सौंपकर वर्ष 2018 की ऋण माफी से जुड़े रिकॉर्ड की जांच और पात्र किसानों को योजना का लाभ देने की मांग की थी।
किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल ने कहा है कि यदि किसानों की मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएग।

