
रायपुर पहुंचे चिराग पासवान ने संगठन विस्तार का किया ऐलान, पिता रामविलास पासवान के पुराने समर्थक आधार को बताया अहम; कितनी सीटों पर लड़ेगी पार्टी, अभी तय नहीं
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में अब लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) यानी LJP (रामविलास) अपनी सक्रियता बढ़ाने की तैयारी में है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने रायपुर दौरे के दौरान संकेत दिया है कि उनकी पार्टी छत्तीसगढ़ में आगामी चुनावों में मैदान में उतरेगी। इसके लिए पहले राज्य में संगठन खड़ा करने और उसे बूथ स्तर तक मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा।
चिराग पासवान 4 अक्टूबर को रायपुर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने युवा संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया और छत्तीसगढ़ में पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों को विस्तार देने की बात कही। उन्होंने कहा कि जल्द ही राज्य में LJP (रामविलास) की राज्य इकाई बनाई जाएगी। इसके बाद संगठन के अलग-अलग स्तरों पर पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।
पहले संगठन, फिर चुनावी रणनीति
चिराग पासवान के बयान से यह स्पष्ट है कि पार्टी फिलहाल सीधे सीटों की संख्या घोषित करने के बजाय संगठन निर्माण पर जोर दे रही है। राज्य इकाई बनने के बाद जिला और दूसरे संगठनात्मक स्तरों पर विस्तार किया जाएगा।
पार्टी ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि छत्तीसगढ़ में वह कितनी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। सीटों के चयन और चुनावी रणनीति को लेकर अंतिम फैसला आगे संगठन के विस्तार और राजनीतिक परिस्थितियों के आधार पर लिया जाएगा।
इस लिहाज से LJP (रामविलास) की छत्तीसगढ़ में एंट्री को फिलहाल संगठन निर्माण के चरण के रूप में देखा जा रहा है, न कि किसी निश्चित सीट-बंटवारे या गठबंधन की घोषणा के रूप में।
रामविलास पासवान के समर्थक आधार पर नजर
छत्तीसगढ़ में पार्टी की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर चिराग पासवान ने अपने पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान के पुराने समर्थक आधार का उल्लेख किया।
चिराग का कहना है कि छत्तीसगढ़ में उनके पिता के समर्थकों की मौजूदगी रही है और पार्टी इसी आधार को आगे बढ़ाना चाहती है। उन्होंने राज्य में संगठन को भी मजबूत करने की बात कही।
हालांकि, यह अभी पार्टी नेतृत्व का राजनीतिक आकलन है। छत्तीसगढ़ में LJP (रामविलास) को वास्तविक चुनावी समर्थन कितना मिलता है, यह आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी प्रदर्शन के बाद ही स्पष्ट होगा।
युवाओं को जोड़ने पर भी फोकस
रायपुर में चिराग पासवान की मौजूदगी का एक प्रमुख कार्यक्रम युवा संवाद था। पार्टी राज्य में संगठन विस्तार के साथ युवाओं से सीधे संपर्क बढ़ाने की कोशिश भी कर रही है।
LJP (रामविलास) के लिए यह रणनीति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी अपने पारंपरिक समर्थन आधार के साथ नए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है। रायपुर का कार्यक्रम इसी व्यापक संगठन विस्तार अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
दूसरे राज्यों में भी बढ़ा रही राजनीतिक सक्रियता
छत्तीसगढ़ में पार्टी की सक्रियता को LJP (रामविलास) के व्यापक संगठन विस्तार अभियान के संदर्भ में भी देखा जा सकता है। पार्टी ने उत्तर प्रदेश समेत दूसरे राज्यों में भी आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन मजबूत करने की प्रक्रिया तेज की है।
उत्तर प्रदेश को लेकर पार्टी ने 403 विधानसभा सीटों तक संगठन खड़ा करने और चुनावी तैयारी की बात कही है। हालांकि अलग-अलग राज्यों में पार्टी की चुनावी रणनीति वहां की राजनीतिक परिस्थितियों और संबंधित राज्य इकाइयों की सलाह के आधार पर तय होने की बात चिराग पासवान ने कही है।
BJP के साथ गठबंधन पर अभी तस्वीर साफ नहीं
छत्तीसगढ़ में LJP (रामविलास) के चुनावी मैदान में उतरने के संकेत के बावजूद भाजपा के साथ संभावित गठबंधन या सीट शेयरिंग को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट घोषणा सामने नहीं आई है।
इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि LJP छत्तीसगढ़ में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी या किसी गठबंधन का हिस्सा बनेगी। पार्टी की प्राथमिकता फिलहाल संगठन खड़ा करने की है और चुनावी गठबंधन से जुड़े फैसले आगे की राजनीतिक परिस्थितियों के आधार पर लिए जाने की बात सामने आई है।
SIR पर भी बोले चिराग पासवान
रायपुर दौरे के दौरान चिराग पासवान से मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर भी सवाल किया गया। उन्होंने चुनाव आयोग से पारदर्शिता बनाए रखने और मतदाताओं की शंकाओं को दूर करने की जरूरत बताई। साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक इस मुद्दे पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक विपक्ष की आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए।
यानी रायपुर दौरा सिर्फ संगठन विस्तार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि चिराग पासवान ने चुनावी प्रक्रिया और आगामी राजनीतिक रणनीति से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी स्थिति रखी।
अब आगे क्या?
छत्तीसगढ़ में LJP (रामविलास) के लिए अगला कदम राज्य इकाई का गठन और पदाधिकारियों की नियुक्ति होगा। इसके बाद जिला और स्थानीय स्तर पर संगठन विस्तार की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
पार्टी के लिए असली चुनौती अपने पुराने समर्थन आधार को सक्रिय राजनीतिक समर्थन में बदलने और नए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की होगी। वहीं, चुनाव में कितनी सीटों पर उतरना है, किन क्षेत्रों को प्राथमिकता देनी है और गठबंधन को लेकर क्या रुख अपनाना है—इन सवालों के जवाब संगठन मजबूत होने के बाद सामने आएंगे।
फिलहाल चिराग पासवान के ऐलान से इतना स्पष्ट है कि LJP (रामविलास) अब छत्तीसगढ़ को अपने राजनीतिक विस्तार के अगले क्षेत्रों में शामिल कर रही है। इसका राज्य के आगामी चुनावी समीकरणों पर कितना प्रभाव पड़ेगा, यह पार्टी की जमीनी सक्रियता और चुनावी रणनीति सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

