खुर्सीपार के डबरापारा में रात 11 बजे पुलिस की कार्रवाई; बोलेरो मैक्स पिकअप के मॉडिफाइड हिस्से में छिपाकर रखी गई थी नकदी, दो लोगों से पूछताछ जारी

भिलाई/दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की है। खुर्सीपार थाना क्षेत्र के डबरापारा में एक बोलेरो मैक्स पिकअप वाहन के गुप्त चेंबर से 4 करोड़ रुपये नकद मिलने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, वाहन के पिछले हिस्से को मॉडिफाई कर उसमें विशेष चेंबर बनाया गया था, जिसमें नकदी छिपाकर रखी गई थी।
दुर्ग पुलिस कार्यालय की 26 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, सफेद रंग का पिकअप वाहन रायपुर से नागपुर की ओर जा रहा था। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने रात करीब 11 बजे वाहन को रोककर तलाशी ली। इस दौरान वाहन में सवार दो व्यक्तियों से पूछताछ की गई और गुप्त चेंबर से भारतीय मुद्रा बरामद हुई।
पुलिस अब बरामद रकम के स्रोत, स्वामित्व और परिवहन के उद्देश्य की जांच कर रही है। मामले में आयकर विभाग को भी सूचना भेजने की प्रक्रिया बताई गई है।

वाहन के पिछले हिस्से में बना था गुप्त चेंबर
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कार्रवाई के दौरान जिस वाहन को रोका गया, वह सफेद रंग का बोलेरो मैक्स पिकअप था। वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर CG 04 QU 5996 बताया गया है।
प्रारंभिक जांच में वाहन का पिछला हिस्सा मॉडिफाइड और पूरी तरह बंद मिला। पुलिस टीम ने जब वाहन की सघन तलाशी ली, तो उसके भीतर एक विशेष गुप्त चेंबर मिला। इसे खोलने पर उसमें छिपाकर रखी गई नकदी बरामद हुई।
पुलिस ने बरामद रकम की कुल राशि 4 करोड़ रुपये बताई है। हालांकि, प्रेस विज्ञप्ति में नोटों के मूल्यवर्ग, नकदी की पैकिंग और बरामदगी के दौरान तैयार की गई विस्तृत जब्ती सूची का विवरण नहीं दिया गया है।

वाहन में सवार दो लोगों से पूछताछ
पुलिस के अनुसार, पिकअप वाहन में दो व्यक्ति सवार थे। पूछताछ के दौरान उन्होंने अपने नाम भवेशभाई जीनाभाई डाभी और विष्णुदेव दुबे बताए।
प्रेस विज्ञप्ति में भवेशभाई जीनाभाई डाभी को वाहन चालक बताया गया है। दोनों से बरामद रकम के स्रोत, उसके वास्तविक स्वामित्व और नकदी को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के उद्देश्य के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि रकम किस व्यक्ति या संस्था की है, इसे कहां से लाया गया था और नागपुर में इसे किसे सौंपा जाना था। इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।

आयकर विभाग को दी जाएगी सूचना
दुर्ग पुलिस के अनुसार, बरामद नकदी के वित्तीय स्रोत और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की जांच के लिए आयकर विभाग को सूचना भेजी जा रही है।
जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि इतनी बड़ी रकम के परिवहन से संबंधित कोई वैध वित्तीय दस्तावेज, लेनदेन का रिकॉर्ड या अन्य प्रमाण मौजूद हैं या नहीं। साथ ही, रकम के स्वामित्व और उसके परिवहन से जुड़े व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
आयकर विभाग की जांच और पुलिस की वैधानिक कार्रवाई के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही बरामद रकम के संबंध में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
चार करोड़ की नकदी कहां से आई, जांच में सामने आएंगे तथ्य
इस कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण सवाल बरामद रकम के स्रोत और परिवहन के उद्देश्य को लेकर हैं। पुलिस ने फिलहाल नकदी के स्वामित्व या उसके किसी अवैध गतिविधि से जुड़े होने की पुष्टि नहीं की है।
केवल बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि रकम अपराध से अर्जित की गई थी। जांच में उपलब्ध दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और संबंधित व्यक्तियों के बयानों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मामले में नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद कई सवाल
खुर्सीपार क्षेत्र में गुप्त चेंबर से 4 करोड़ रुपये मिलने की इस घटना ने नकदी के परिवहन और उसके स्रोत को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। अब जांच का केंद्र यह होगा कि वाहन में रकम किसने रखी, मॉडिफाइड चेंबर का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया और परिवहन से जुड़े अन्य लोगों की कोई भूमिका है या नहीं।
फिलहाल, उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नकदी बरामद कर ली गई है और वाहन में सवार दोनों व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस और आयकर विभाग की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

