
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने उनके समर्थन में बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराने की व्यवस्था हुई और इसके लिए उन्हें पद्म सम्मान दिया जाना चाहिए।
बंगाल में लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से वोट देने का मौका मिला
शमीक भट्टाचार्य ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में लंबे समय बाद पश्चिम बंगाल के लोगों को बिना डर और दबाव के मतदान करने का अवसर मिला। उन्होंने चुनाव के दौरान हिंसा और भय के माहौल में कमी आने का दावा करते हुए CEC के काम की सराहना की।
उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया में ज्ञानेश कुमार की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। भट्टाचार्य ने उनके काम के लिए पद्म पुरस्कार दिए जाने की मांग की।
SIR और मतदाता सूची पर क्या है विवाद?
ज्ञानेश कुमार को लेकर यह बयान ऐसे समय आया है जब Special Intensive Revision (SIR) और मतदाता सूची से जुड़े चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर राजनीतिक विवाद तेज है। द इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR, नए मतदाताओं को जोड़ने, मतदाता नाम हटाने, Form 6 में बदलाव और मतदाता डेटाबेस से जुड़े मामलों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ आपत्तियों में दोनों आयुक्तों ने फैसलों और आदेशों के बारे में उन्हें जानकारी नहीं दिए जाने की बात भी कही थी।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इस रिपोर्ट के बाद आंतरिक मतभेद के निष्कर्ष को खारिज किया। आयोग के सूत्रों ने कहा कि अलग-अलग आयुक्तों की राय और टिप्पणियां संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा हैं तथा SIR समेत आयोग के सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति से लिए गए।
विपक्ष ने उठाए सवाल
रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में भी विपक्षी नेताओं ने ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर कार्रवाई और इस्तीफे की मांग की है। ये आरोप राजनीतिक दलों के दावे हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
इसके जवाब में बीजेपी नेताओं ने चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार के काम का बचाव किया है। शमीक भट्टाचार्य का पद्म सम्मान वाला बयान इसी राजनीतिक विवाद के बीच सामने आया है।

