महासमुंद में मानव तस्करी का खुलासा, 1.48 करोड़ कैश बरामद

महासमुंद में मानव तस्करी नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई
महासमुंद पुलिस ने मानव तस्करी और श्रमिकों के अवैध परिवहन से जुड़े कथित नेटवर्क के 10 ठिकानों पर छापेमारी कर 1.48 करोड़ रुपये से अधिक नकद बरामद किया।

महासमुंद, 25 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के महासमुंद में पुलिस ने मानव तस्करी, श्रमिकों के अवैध परिवहन और कथित बंधुआ मजदूरी से जुड़े एक नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा में नेटवर्क से जुड़े 10 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान 1 करोड़ 48 लाख 54 हजार 750 रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा मजदूरों के पलायन से जुड़े रजिस्टर-डायरियां, मोबाइल फोन और बैंकिंग से संबंधित दस्तावेज समेत कई सामान जब्त किए गए हैं।

पुलिस ने मामले में मुकेश चंद्राकर, नसीम बानो उर्फ लता सवर, मनीष गुप्ता, नंदकुमार मोहंती उर्फ नंदू और पीयूष अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मुकेश चंद्राकर को कथित नेटवर्क का प्रमुख आरोपी बताया जा रहा है।

अस्पताल के एक मेमो से खुली जांच की कड़ी

पुलिस के अनुसार, मामले की जांच 21 सितंबर 2026 को सरकारी अस्पताल से मिले एक मेमो के बाद शुरू हुई। इसमें एक नाबालिग से जुड़े शोषण और उसके गर्भवती होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को कथित मानव तस्करी और श्रमिकों के अवैध परिवहन से जुड़े नेटवर्क के सुराग मिले।

जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध लोगों और उनके ठिकानों की गतिविधियों के साथ-साथ मजदूरों को दूसरे राज्यों में भेजे जाने से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी जुटाई। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई।

कार्रवाई में जब्त मजदूर पलायन से जुड़े रजिस्टर, दस्तावेज और अन्य सामग्री।
छापेमारी के दौरान बरामद 1.48 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी।

एडवांस रकम देकर दूसरे राज्यों में भेजने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, नेटवर्क से जुड़े लोग आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और श्रमिकों को एडवांस रकम देने का लालच देकर दूसरे राज्यों में काम के लिए भेजते थे। जांच में मजदूरों को ईंट-भट्ठों और अन्य कामों के लिए छत्तीसगढ़ से बाहर ले जाने से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात कही गई है।

पुलिस का आरोप है कि कुछ मामलों में मजदूरों पर दबाव और धमकी का इस्तेमाल किया गया तथा उनकी आवाजाही को नियंत्रित किया गया। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और मामले में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

10 ठिकानों पर छापेमारी, दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त

महासमुंद पुलिस की कार्रवाई में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के करीब 10 ठिकानों को शामिल किया गया। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी के साथ मजदूरों से संबंधित रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज मिले।

पुलिस अब जब्त मोबाइल फोन, बैंक खातों, रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच का एक प्रमुख हिस्सा नेटवर्क से जुड़े लोगों, मजदूरों की आवाजाही और कथित आर्थिक लेन-देन की कड़ियों को जोड़ना है।

महासमुंद में कथित मानव तस्करी और श्रमिकों के अवैध परिवहन से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई।
फोटो 2: छापेमारी के दौरान बरामद 1.48 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी।

5 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी की भूमिका की जांच

मामले में गिरफ्तार आरोपियों में मुकेश चंद्राकर, नसीम बानो उर्फ लता सवर, मनीष गुप्ता, नंदकुमार मोहंती उर्फ नंदू और पीयूष अग्रवाल शामिल हैं। पुलिस मुकेश चंद्राकर को कथित नेटवर्क का प्रमुख आरोपी बता रही है।

पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे और दूसरे राज्यों में श्रमिकों को भेजने की पूरी व्यवस्था कैसे संचालित होती थी।

₹1.48 करोड़ से ज्यादा नकदी और ये सामान बरामद

छापेमारी में पुलिस ने कुल ₹1,48,54,750 नकद बरामद किए। इसके अलावा तलाशी में ये सामान भी मिला:

  • ₹1,48,54,750 नकद
  • मजदूर पलायन से जुड़े रजिस्टर और डायरियां
  • मोबाइल फोन
  • बैंक पासबुक और चेकबुक
  • एटीएम कार्ड
  • मॉर्गेज से जुड़े दस्तावेज
  • नोट गिनने की मशीन

पुलिस इन सामानों को मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर देख रही है।

पुलिस अब जब्त दस्तावेजों, मोबाइल फोन और बैंक खातों की जांच कर रही है

नाबालिगों और महिलाओं से जुड़े मामलों की भी जांच

पुलिस अब मानव तस्करी और श्रमिकों के अवैध परिवहन के साथ नाबालिगों, बाल मजदूरी और महिलाओं एवं नाबालिग बालिकाओं के कथित शोषण से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, जब्त मोबाइल फोन, बैंक खातों और दस्तावेजों के विश्लेषण से नेटवर्क के दायरे और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी सामने आ सकती है।

जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित नेटवर्क के जरिए कितने मजदूरों को दूसरे राज्यों में भेजा गया और इसके पीछे कितना आर्थिक लेन-देन हुआ।

छापेमारी में मजदूरों के पलायन से जुड़े रजिस्टर और दस्तावेज भी जब्त।

खल्लारी थाने में दर्ज है मामला

मामले में खल्लारी थाने में अपराध क्रमांक 104/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 143(2), 143(3), 143(4), 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है। विवेचना के दौरान संगठित अपराध से संबंधित धारा 111 भी जोड़ी गई है।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर पेश किए जाने की जानकारी दी है। फिलहाल मोबाइल फोन, बैंक खातों, दस्तावेजों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।


Nagendra sahu
Nagendra sahu
नागेन्द्र साहू छत्तीसगढ़ के भिलाई से हैं। उन्होंने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक (BJMC) और वर्धा स्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (MJ) की शिक्षा प्राप्त की है। पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वीडियो एडिटिंग ( Ex- भिलाई Times Sr Editor ) और डिजिटल कंटेंट में भी विशेषज्ञता के साथ वर्तमान में रेखांकित न्यूज़ का संचालन कर रहे हैं।
spot_imgspot_img

ट्रेंडिंग

खबर जो मायने रखती है

महादेव सट्टा ऐप का कथित सरगना सौरभ चंद्राकर ओमान से भारत लाया गया, सोमवार को रायपुर की विशेष अदालत में होगी पेशी

महादेव ऑनलाइन बुक ऐप मामले के प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर का ओमान से प्रत्यर्पण कर भारत लाया गया है। CBI उसे 2 नवंबर को रायपुर की विशेष अदालत में पेश करेगी।

अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन: हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में ली अंतिम सांस, 78 वर्ष की उम्र में हुआ निधन

छत्तीसगढ़ के अहिवारा से भाजपा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का शुक्रवार को हैदराबाद में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे लंबे समय से फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित थे।

मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप: भूपेश बघेल ने वार्डवार आंकड़े रखे, आपत्तियों के बाद हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुर्ग जिले के चार नगरीय निकायों की प्रारंभिक मतदाता सूची में मतदाताओं के वार्ड बदलने का आरोप लगाया है। कांग्रेस 30 अक्टूबर तक आपत्तियां दर्ज कराएगी।

छत्तीसगढ़ में EOW-ACB का बड़ा एक्शन: शराब, कोल और DMF मामलों में कई शहरों में छापेमारी

शराब, कोल लेवी और DMF मामलों की जांच के बीच EOW-ACB ने छत्तीसगढ़ के कई शहरों में एक साथ छापेमारी की। कारोबारियों और अन्य संबंधित लोगों के ठिकानों पर दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।