चेमल स्थित लौह अयस्क खदान में तीन पोकलेन मशीनों को आग लगाने का मामला; पुलिस के मुताबिक, घटना को नक्सली वारदात का रूप देने के लिए पर्चे छोड़े गए थे

कांकेर | 16 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में लौह अयस्क खदान की तीन पोकलेन मशीनों में आगजनी और घटनास्थल पर ‘लाल सलाम’ लिखे पर्चे मिलने के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला लोहत्तर थाना क्षेत्र के चेमल गांव के पास स्थित पुष्प स्टील एंड माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड की खदान का है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस की जांच में कथित तौर पर सामने आया है कि खदान को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध और अन्य विवादों के चलते आगजनी की साजिश रची गई। कुछ रिपोर्टों में मजदूरों की मांगों और जमीन विवाद को भी संभावित वजह बताया गया है। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल पर ‘लाल सलाम’ लिखे पर्चे छोड़ने का उद्देश्य वारदात को नक्सली घटना जैसा दिखाना हो सकता था। हालांकि, यह जांच से जुड़ा पुलिस का दावा है।

5 अक्टूबर की रात हुई थी आगजनी
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, खदान में आगजनी की घटना 5 अक्टूबर 2026 की रात हुई थी। खदान में सड़क निर्माण और खनन कार्य में इस्तेमाल होने वाली तीन पोकलेन मशीनों को आग लगाकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।
खदान प्रबंधन की ओर से 6 अक्टूबर को लोहत्तर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में मशीनों के पास ‘लाल सलाम’ लिखे पर्चे मिलने से नक्सली कनेक्शन की आशंका भी सामने आई थी।

नक्सली वारदात का रूप देने के लिए पर्चे छोड़ने का आरोप
घटना के बाद खदान में आगजनी और पर्चे मिलने को लेकर नक्सली कनेक्शन की आशंका जताई गई थी। अब पुलिस की जांच के आधार पर सामने आई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पर्चे छोड़कर घटना को नक्सली वारदात जैसा दिखाने की कोशिश की गई।
शुरुआती जांच में पुलिस ने सभी संभावित पहलुओं पर काम किया। बाद में पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, मामले में पर्चे छोड़ने और आगजनी की भूमिका की जांच की गई है।

खदान के विरोध और स्थानीय विवाद को वजह मान रही पुलिस
पुलिस से जुड़ी रिपोर्टों में घटना के पीछे खदान को लेकर स्थानीय विरोध की बात सामने आई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी अपने गांव के आसपास लौह खदान नहीं चाहते थे। दूसरी रिपोर्ट में मजदूरों की मांगों को लेकर प्रबंधन से नाराजगी और जमीन विवाद को भी घटना की संभावित वजह बताया गया है।
इन जानकारियों से संकेत मिलता है कि जांच में खदान से जुड़े स्थानीय विवादों पर भी ध्यान दिया गया। हालांकि, इन सभी पहलुओं की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में एक जैसी नहीं है। इसलिए आगजनी की वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जा सकेगा।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम
पुलिस की कार्रवाई से संबंधित रिपोर्टों में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार बताई गई है:
- सहदेव तुलावी
- प्रेम सिंह कोरेटी
- ओम प्रकाश कचलाम
- बृजलाल सलाम
- शिवलाल तुलावी
रिपोर्टों के अनुसार, सहदेव तुलावी को मामले का मुख्य आरोपी बताया गया है। आरोपी बोदेली और एडगुड गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।
विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आगजनी, संगठित अपराध, पहचान छिपाकर अपराध करने और जान से मारने की धमकी सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजे जाने की जानकारी रिपोर्टों में दी गई है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
नक्सली कनेक्शन की आशंका से शुरू हुई थी जांच
घटना के शुरुआती चरण में ‘लाल सलाम’ लिखे पर्चों के कारण नक्सली कनेक्शन की आशंका जताई गई थी। उस समय पुलिस ने घटना को आधिकारिक रूप से नक्सली वारदात घोषित नहीं किया था और सभी संभावित पहलुओं से जांच की बात कही थी।
अब पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का केंद्र आगजनी की कथित साजिश, पर्चे छोड़ने के पीछे की मंशा और खदान से जुड़े स्थानीय विवादों पर है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

