
भिलाई। रिफ्रेशर कोर्स के तहत सातवीं वाहिनी, भिलाई में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 150 जवानों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी और डिजिटल लेन-देन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई।
OTP और UPI फ्रॉड से बचाव के बताए तरीके
कार्यक्रम में रेंज साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के उप निरीक्षक डॉ. संकल्प राय ने साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ऑनलाइन फ्रॉड, OTP और UPI से संबंधित धोखाधड़ी, फर्जी लिंक और संदिग्ध फोन कॉल के जरिए होने वाले साइबर अपराधों से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए।
प्रशिक्षण के दौरान सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, PIN, पासवर्ड या बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
साइबर अपराध होने पर तत्काल शिकायत की सलाह
कार्यक्रम में साइबर अपराध का शिकार होने की स्थिति में बिना देरी शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि समय पर शिकायत मिलने से संबंधित एजेंसियों को आवश्यक तकनीकी एवं वैधानिक कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।
साइबर सुरक्षा को लेकर प्रतिभागियों को संदिग्ध कॉल, मैसेज और ऑनलाइन लेन-देन के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई।
अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक
कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस बल के अधिकारियों और कर्मचारियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना तथा डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित इस्तेमाल के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
कार्यक्रम सातवीं वाहिनी के कमांडेंट के मार्गदर्शन तथा सहायक सेनानी श्रीमती प्रज्ञा मेश्राम के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में रेंज साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के उप निरीक्षक डॉ. संकल्प राय ने साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि ऑनलाइन लेन-देन के दौरान सावधानी बरतें और OTP, PIN, पासवर्ड या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।

