5 अप्रैल 2022 की कथित WhatsApp बातचीत जांच का आधार; खैरागढ़ में रामनवमी के दौरान हुआ था ‘हमर भांचा राम’ कार्यक्रम, EOW ने चैट और अन्य साक्ष्यों को चार्जशीट में शामिल किया

रायपुर, 7 अक्टूबर 2026।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी मामले की जांच में अब कवि डॉ. कुमार विश्वास के एक कार्यक्रम का भी उल्लेख सामने आया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की ओर से पेश की गई छठी पूरक चार्जशीट में जांच एजेंसी ने विधायक देवेंद्र यादव और कथित मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी के बीच हुई WhatsApp बातचीत का हवाला देते हुए दावा किया है कि वर्ष 2022 में खैरागढ़ में आयोजित कुमार विश्वास के कार्यक्रम के लिए 25 लाख रुपए की व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई थी।
महत्वपूर्ण बात यह है कि चार्जशीट में किसी कार्यक्रम के लिए रकम की व्यवस्था का उल्लेख होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि डॉ. कुमार विश्वास को कथित अवैध धन की जानकारी थी या उन्होंने किसी अपराध में भूमिका निभाई। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, EOW ने इस रकम को लेकर हुई बातचीत और अन्य जांच सामग्री को अपने केस रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया है।
5 अप्रैल 2022 की WhatsApp चैट में 25 लाख का उल्लेख
जांच एजेंसी के मुताबिक, 5 अप्रैल 2022 को देवेंद्र यादव और सूर्यकांत तिवारी के बीच WhatsApp पर बातचीत हुई थी। इसी बातचीत में खैरागढ़ में रामनवमी के अवसर पर होने वाले डॉ. कुमार विश्वास के कार्यक्रम के लिए 25 लाख रुपए की व्यवस्था से संबंधित चर्चा का उल्लेख चार्जशीट में किया गया है।
इसके बाद 6 अप्रैल और 7 अप्रैल की बातचीत का भी जांच में उल्लेख है। रिपोर्टों के अनुसार, 7 अप्रैल को ‘दुर्ग ग्रुप’ नाम के WhatsApp समूह में नकद रकम मिलने और उसे आगे पहुंचाने से जुड़े संदेशों को भी जांच सामग्री में शामिल किया गया है। EOW ने इन डिजिटल बातचीत को जब्त दस्तावेजों और अन्य बयानों से मिलाकर जांच करने की बात कही है।
खैरागढ़ उपचुनाव के दौरान हुआ था कार्यक्रम
जिस कार्यक्रम का जिक्र चार्जशीट में आया है, वह वर्ष 2022 में खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव के दौरान आयोजित ‘हमर भांचा राम’ कार्यक्रम था। इसमें कुमार विश्वास ने प्रस्तुति दी थी।
उस समय इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद भी हुआ था। विपक्ष की ओर से चुनावी आचार संहिता और कार्यक्रम की अनुमति को लेकर सवाल उठाए गए थे। अब उसी कार्यक्रम से संबंधित कथित वित्तीय लेन-देन का उल्लेख कोल लेवी मामले की जांच में सामने आया है।
चार्जशीट में देवेंद्र यादव से जुड़ी अन्य रकम का भी उल्लेख
EOW की छठी पूरक चार्जशीट केवल कुमार विश्वास के कार्यक्रम तक सीमित नहीं है। रिपोर्टों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने देवेंद्र यादव और सूर्यकांत तिवारी के बीच हुई अन्य बातचीत तथा जब्त डायरी की प्रविष्टियों का भी उल्लेख किया है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, 9 अप्रैल 2022 की बातचीत के संदर्भ में जांच एजेंसी ने जब्त डायरी में देवेंद्र यादव के नाम से 35 लाख रुपए की प्रविष्टि मिलने का दावा किया है। जांच में नवाज नाम के व्यक्ति के जरिए रकम पहुंचाए जाने से संबंधित कथन का भी उल्लेख किया गया है।
हालांकि, इन सभी रकम और प्रविष्टियों को लेकर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अभी नहीं आया है। ये बातें जांच एजेंसी के आरोप और चार्जशीट में दर्ज सामग्री का हिस्सा हैं।
करीब 9,500 पन्नों की पूरक चार्जशीट
कोल लेवी मामले में EOW ने रायपुर की विशेष अदालत में करीब 9,500 पन्नों की छठी पूरक चार्जशीट पेश की है। इसमें कथित वित्तीय लेन-देन, जब्त डायरियों, WhatsApp चैट, बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अलग-अलग लोगों के बयानों को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, मामले में कोयला परिवहन से प्रति टन अवैध लेवी वसूले जाने और उस रकम के कथित नेटवर्क के जरिए आगे वितरण का आरोप है। ED की पूर्व जांच में भी कोयला परिवहन पर 25 रुपए प्रति टन की कथित अवैध वसूली और करीब 540 करोड़ रुपए के कथित अपराध से अर्जित धन का उल्लेख किया गया था।
कुमार विश्वास का नाम किस संदर्भ में आया?
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि चार्जशीट में कुमार विश्वास का नाम किस संदर्भ में आया है।
उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उनका नाम कार्यक्रम के आयोजन और उसके लिए 25 लाख रुपए की व्यवस्था से जुड़ी कथित बातचीत के संदर्भ में आया है। जांच एजेंसी ने देवेंद्र यादव और सूर्यकांत तिवारी की कथित WhatsApp चैट को आधार बनाया है।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि चार्जशीट में किसी व्यक्ति के नाम या उसके कार्यक्रम से संबंधित भुगतान का उल्लेख होना और उस व्यक्ति को कोल लेवी मामले में आरोपी माना जाना अलग-अलग बातें हैं। उपलब्ध जानकारी में कुमार विश्वास को इस मामले में आरोपी बनाए जाने की बात सामने नहीं आई है।
जांच में डिजिटल सबूतों की अहम भूमिका
कोल लेवी मामले की मौजूदा जांच में WhatsApp चैट और डिजिटल डिवाइस से मिले डेटा को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में देखा जा रहा है। EOW ने कथित बातचीत के स्क्रीनशॉट/रिकॉर्ड, डायरी की प्रविष्टियों और रकम से जुड़े बयानों को आपस में मिलाकर जांच करने की बात कही है।
यही वजह है कि अब 2022 के राजनीतिक कार्यक्रमों, चुनावी गतिविधियों और कथित नकद लेन-देन के बीच संबंधों की जांच भी इस मामले का हिस्सा बन गई है।
आगे क्या होगा?
चार्जशीट में दर्ज दावों की अंतिम पुष्टि अदालत में साक्ष्यों और आरोपों की न्यायिक जांच के बाद ही होगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि EOW जिन WhatsApp चैट, डायरी प्रविष्टियों और वित्तीय लेन-देन को आधार बना रही है, उन्हें अदालत में किस तरह प्रस्तुत करती है और संबंधित पक्ष इन आरोपों पर क्या जवाब देते हैं।
फिलहाल कुमार विश्वास के कार्यक्रम से जुड़ा 25 लाख रुपए की व्यवस्था का उल्लेख कोल लेवी मामले की छठी पूरक चार्जशीट से सामने आया एक नया पहलू है, जिसने वर्ष 2022 के खैरागढ़ उपचुनाव और उससे जुड़े राजनीतिक आयोजनों को भी जांच के दायरे में चर्चा का विषय बना दिया है।

