छत्तीसगढ़ कोल लेवी केस: नेताओं को ₹65 करोड़ और अफसरों को ₹36 करोड़ मिलने का दावा, EOW आज पेश करेगी अंतिम चार्जशीट

छत्तीसगढ़ के कथित कोल लेवी मामले में EOW की अंतिम चार्जशीट और आरोपियों की कोर्ट में पेशी
कथित कोल लेवी मामले में EOW की अंतिम चार्जशीट और 9 आरोपियों की विशेष अदालत में पेशी।

देवेंद्र यादव, चंद्रदेव राय समेत 9 आरोपियों को कोर्ट में पेश होने का आदेश; जांच में ₹170 करोड़ की कथित बेनामी संपत्ति का भी जिक्र

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित कोल लेवी मामले में सोमवार, 5 अक्टूबर को जांच का एक अहम चरण सामने आने वाला है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) रायपुर की विशेष अदालत में मामले की अंतिम चार्जशीट यानी अभियोग पत्र पेश करने की तैयारी में है। इसी सिलसिले में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय, कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल, IAS अधिकारी जयप्रकाश मौर्य और कारोबारी दीपेश टांक समेत कुल नौ आरोपियों को अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।

जांच एजेंसियों के दावों के अनुसार, यह मामला वर्ष 2020 से 2022 के बीच कोयला परिवहन से कथित अवैध वसूली के लिए बनाए गए नेटवर्क से जुड़ा है। अलग-अलग जांच और रिपोर्टों में कथित लेवी की रकम करीब ₹540 करोड़ से ₹570 करोड़ के बीच बताई गई है। ₹570 करोड़ का आंकड़ा मौजूदा EOW प्रकरण से जुड़ी रिपोर्टों में सामने आया है, जबकि प्रवर्तन निदेशालय की पूर्व जांच में करीब ₹540 करोड़ के कथित अपराध से अर्जित धन का उल्लेख किया गया था। यह आंकड़े जांच एजेंसियों के आरोप हैं, किसी अदालत का अंतिम निष्कर्ष नहीं।

नेताओं और अधिकारियों तक रकम पहुंचने का दावा

मामले की जांच में EOW और ED की ओर से कथित कोल लेवी की रकम के बंटवारे और उसके इस्तेमाल को लेकर कई दावे किए गए हैं। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, जांच एजेंसी का दावा है कि कथित वसूली की रकम में से करीब ₹65 करोड़ नेताओं और ₹36 करोड़ से अधिक अधिकारियों तक पहुंची।

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस कथित नेटवर्क में कोयला कारोबारियों और परिवहन से जुड़े लोगों से रकम वसूले जाने के बाद उसे अलग-अलग माध्यमों से आगे पहुंचाया जाता था। एजेंसियों ने कुछ रकम के चुनावी गतिविधियों, संपत्ति और अन्य निजी खर्चों में इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप लगाया है।

हालांकि, इन दावों को फिलहाल जांच एजेंसियों के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की न्यायिक जांच और अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया में होना बाकी है।

कथित कोल लेवी मामले में EOW की अंतिम चार्जशीट और आरोपियों की विशेष अदालत में पेशी।

देवेंद्र यादव पर ₹3 करोड़ लेने का आरोप

मामले की जांच में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव का नाम भी सामने आया है। एजेंसी के आरोपों के मुताबिक, उन्हें कथित तौर पर 11 अलग-अलग किश्तों में करीब ₹3 करोड़ मिले। जांच एजेंसी का दावा है कि इस रकम का इस्तेमाल खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से जुड़ी गतिविधियों में किया गया।

देवेंद्र यादव को EOW ने पहले भी पूछताछ के लिए बुलाया था। इसके बाद उन्हें 5 अक्टूबर को रायपुर की विशेष अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का नोटिस दिया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, यादव ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया है।

चंद्रदेव राय पर ₹46 लाख लेने का आरोप

पूर्व विधायक चंद्रदेव राय को लेकर जांच एजेंसी ने कथित तौर पर ₹46 लाख प्राप्त करने का आरोप लगाया है। एजेंसी के अनुसार, इसमें से करीब ₹42 लाख चुनावी गतिविधियों में इस्तेमाल किए गए, जबकि शेष रकम से सोने के आभूषण खरीदने का दावा किया गया है।

मामले से जुड़ी रिपोर्टों में 60 ग्राम सोने के हार की खरीद का भी उल्लेख है। हालांकि, यह भी जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत आरोप और साक्ष्यों का हिस्सा है, जिसका अंतिम मूल्यांकन अदालत करेगी।

₹170 करोड़ की बेनामी संपत्ति का भी दावा

जांच से जुड़े दस्तावेजों और एजेंसियों की कार्रवाई में करीब ₹170 करोड़ की कथित बेनामी संपत्ति का उल्लेख सामने आया है। इसमें संपत्ति, बैंक खातों और अन्य परिसंपत्तियों से जुड़े पहलुओं की जांच की गई है।

मामले में संपत्ति की कुर्की और जब्ती की कार्रवाई पहले भी हो चुकी है। हालांकि, अलग-अलग चरणों में एजेंसियों की ओर से जब्त या अटैच की गई संपत्तियों के आंकड़े अलग-अलग रहे हैं। इसलिए ₹170 करोड़ को मामले में सामने आए प्रमुख शुरुआती आंकड़ों में से एक के रूप में देखना अधिक उचित है।

कैसे सामने आया कथित कोल लेवी नेटवर्क?

जांच एजेंसियों के अनुसार, वर्ष 2020 में कोयला परिवहन से जुड़ी ऑनलाइन परमिट व्यवस्था में बदलाव के बाद कथित तौर पर एक ऐसा नेटवर्क तैयार हुआ, जिसमें कोयले के परिवहन पर अतिरिक्त रकम वसूली जाने लगी। एजेंसियों ने आरोप लगाया है कि यह रकम कोयला कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों से विभिन्न माध्यमों से एकत्र की जाती थी।

ED की पूर्व जांच में इस कथित व्यवस्था को कोयला परिवहन से जुड़े बड़े नेटवर्क के रूप में बताया गया था। EOW की जांच इसी मामले के आपराधिक और भ्रष्टाचार से जुड़े पहलुओं पर केंद्रित रही है।

9 आरोपियों की आज कोर्ट में पेशी

5 अक्टूबर की कार्यवाही में जिन नौ आरोपियों को अदालत में पेश होने के लिए कहा गया है, उनमें देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय, रामगोपाल अग्रवाल, IAS जयप्रकाश मौर्य और दीपेश टांक समेत अन्य आरोपी शामिल हैं। EOW अंतिम अभियोग पत्र के जरिए जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेज और साक्ष्य विशेष अदालत के सामने रखेगी। People’s Update

अंतिम चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत आरोपों, दस्तावेजों और जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय करेगी। चार्जशीट में किसी व्यक्ति का नाम होना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। आरोपों की सत्यता और आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगा।


Nagendra sahu
Nagendra sahu
नागेन्द्र साहू छत्तीसगढ़ के भिलाई से हैं। उन्होंने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक (BJMC) और वर्धा स्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (MJ) की शिक्षा प्राप्त की है। पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वीडियो एडिटिंग ( Ex- भिलाई Times Sr Editor ) और डिजिटल कंटेंट में भी विशेषज्ञता के साथ वर्तमान में रेखांकित न्यूज़ का संचालन कर रहे हैं।
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