
खुर्सीपार थाना क्षेत्र का मामला: तबीयत बिगड़ने और ब्लीडिंग के बाद परिवार को हुआ घटना का पता, शिकायत पर POCSO के तहत कार्रवाई
दुर्ग/भिलाई। खुर्सीपार थाना क्षेत्र में छह साल की बच्ची के साथ यौन अपराध का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप बच्ची के मकान मालिक पर है। घटना के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ने और ब्लीडिंग होने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। मेडिकल जांच के बाद परिवार को मामले की गंभीरता का पता चला, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक आरोपी की उम्र करीब 45 वर्ष है और घटना 2 अक्टूबर की बताई जा रही है।
2021 से उसी मकान में किराए पर रह रहा था परिवार
परिवार के मुताबिक, बच्ची अपने माता-पिता के साथ वर्ष 2021 से आरोपी के मकान में किराए पर रह रही थी। मकान का वह हिस्सा जहां परिवार रहता था, उसी परिसर में मकान मालिक का परिवार भी रहता था। इसी वजह से आरोपी और बच्ची के बीच परिचय था।
परिजनों का आरोप है कि आरोपी बच्ची को खेलने के बहाने अपने हिस्से में ले गया। आरोप के मुताबिक, वहां कमरे में बच्ची के साथ गलत हरकत की गई। परिवार ने पुलिस को दी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी पहले भी बच्ची के साथ गलत हरकत करने की कोशिश कर चुका था। इन पुराने आरोपों की भी पुलिस जांच कर रही है।

रात में घर पहुंचने के बाद बच्ची ने दर्द की शिकायत की
बच्ची के पिता ने बताया कि 2 अक्टूबर की रात करीब 10 से 10:30 बजे के बीच वह काम से घर लौटे। घर पहुंचने पर बच्ची ने पैर के पास दर्द होने की बात कही।
शुरुआत में परिवार को लगा कि शायद कोई सामान्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या है। लेकिन जब बच्ची के कपड़ों पर खून दिखाई दिया और सफाई के बाद भी ब्लीडिंग जारी रही, तो पिता को मामला गंभीर लगा। इसके बाद बच्ची को तत्काल चिकित्सकीय जांच के लिए ले जाया गया।
पिता के मुताबिक, उन्होंने बच्ची को पहले से ही गुड टच और बैड टच के बारे में समझा रखा था। बच्ची से बातचीत करने पर उसने एक व्यक्ति द्वारा गलत तरीके से छुए जाने की बात बताई।
बच्ची ने पिता को बताई आपबीती
पिता के अनुसार, बच्ची ने बताया कि एक अंकल ने उसे खेलने के लिए बुलाया था। बच्ची उनके साथ गई थी। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने उसका हाथ पकड़ा और उसके शरीर के निजी हिस्से को गलत तरीके से छुआ।
पिता ने बताया कि बच्ची वहां से निकलने की कोशिश कर रही थी, लेकिन आरोपी ने उसे रोक लिया। बच्ची के रोने पर वहां मौजूद कुछ महिलाओं ने उससे रोने की वजह पूछी, जिसके बाद बच्ची को वहां से जाने दिया गया।
बच्ची की बात सुनने के बाद परिवार को घटना का संदेह हुआ और उन्होंने तत्काल पुलिस से संपर्क किया।

पहले भी गलत हरकत की कोशिश का आरोप
परिवार ने आरोप लगाया है कि आरोपी की हरकतों को लेकर पहले भी उन्हें आपत्ति थी। पिता के मुताबिक, करीब दो-तीन साल पहले होली के दौरान भी आरोपी से जुड़ी एक घटना को लेकर विवाद हुआ था। हालांकि, उस समय परिवार ने मामले को गंभीरता से आगे नहीं बढ़ाया।
पिता का कहना है कि इस बार मामला उनकी छह साल की बेटी से जुड़ा है, इसलिए वे कानूनी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने कहा कि बच्ची KG-2 में पढ़ती है और घटना के बाद परिवार की प्राथमिकता उसका इलाज, सुरक्षा और उसे न्याय दिलाना है।
शिकायत के बाद पुलिस की कार्रवाई
बच्ची के परिजनों की शिकायत के बाद खुर्सीपार पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने 3 अक्टूबर को आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की। बच्ची और उसके परिजनों से भी जानकारी ली जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ आरोप अदालत में साबित होना बाकी है। बच्ची नाबालिग है, इसलिए उसकी पहचान से जुड़ी कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है।

पिता बोले- बेटी को न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटूंगा
बच्ची के पिता ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने तत्काल उसकी जांच कराई और फिर पुलिस में शिकायत की। उनका कहना है कि वे चाहते हैं कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो और दोष साबित होने पर आरोपी के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
यह मामला सिर्फ एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और उनके आसपास मौजूद लोगों के व्यवहार को लेकर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। फिलहाल पुलिस की जांच और मेडिकल व अन्य साक्ष्यों से सामने आने वाले तथ्यों पर मामले की अगली दिशा निर्भर करेगी।


