बैंक कर्मचारियों की 3 दिन की हड़ताल टली, IBA-UFBU की रात 9:30 बजे बैठक के बाद बनी सहमति

28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल स्थगित; 5-डे बैंकिंग पर बनेगी हाईलेवल कमेटी, PLI समेत लंबित मुद्दों पर भी होगी बातचीत

IBA और UFBU की 27 सितंबर की देर रात हुई बैठक के बाद 28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल स्थगित कर दी गई।
28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित बैंक हड़ताल स्थगित हो गई है। IBA-UFBU की रात 9:30 बजे बैठक के बाद 5-डे बैंकिंग पर हाईलेवल कमेटी बनाने और PLI समेत अन्य मुद्दों पर बातचीत जारी रखने पर सहमति बनी।

नई दिल्ली। बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी खबर है। 28 से 30 सितंबर 2026 तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल फिलहाल स्थगित कर दी गई है। रविवार रात भारतीय बैंक संघ (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच हुई अहम बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। दोनों पक्षों के बीच बैठक रात करीब 9:30 बजे हुई, जिसके बाद UFBU ने हड़ताल और प्रस्तावित आंदोलन को स्थगित करने की घोषणा की।

इसका मतलब है कि 28, 29 और 30 सितंबर को प्रस्तावित तीन दिवसीय बैंक हड़ताल फिलहाल नहीं होगी। हालांकि, इसे पूरी तरह से रद्द करना कहना सही नहीं होगा। UFBU ने इसे defer यानी स्थगित किया है। आगे की बातचीत और हाईलेवल कमेटी के निष्कर्ष के आधार पर अगला रुख तय होगा।

रात 9:30 बजे हुई बैठक में क्या हुआ?

हड़ताल शुरू होने से कुछ घंटे पहले IBA और UFBU के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। बैठक में बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों और अन्य लंबित मुद्दों पर चर्चा की गई।

बैठक के बाद दोनों पक्षों के बीच कुछ मुद्दों पर आगे बातचीत जारी रखने को लेकर सहमति बनी। इसके बाद UFBU ने प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल को स्थगित करने का फैसला किया।

5-डे बैंकिंग पर बनेगी हाईलेवल कमेटी

बैंक यूनियनों की सबसे प्रमुख मांग Five-Day Banking यानी सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग की रही है। फिलहाल बैंकों में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रहता है, जबकि बाकी शनिवार सामान्य बैंकिंग व्यवस्था का हिस्सा हैं।

बैठक के बाद तय हुआ कि IBA और UFBU के प्रतिनिधियों की एक हाईलेवल कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी बचे हुए शनिवारों को भी छुट्टी घोषित करने की मांग पर विचार करेगी।

कमेटी अलग-अलग विकल्पों पर चर्चा करेगी, संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श करेगी और ऐसा समाधान तलाशने की कोशिश करेगी जो बैंक, कर्मचारी और ग्राहकों—सभी के लिए स्वीकार्य हो।

अभी सभी शनिवार की छुट्टी लागू नहीं हुई

यहां एक बात साफ समझना जरूरी है। हाईलेवल कमेटी बनने का मतलब यह नहीं है कि अब से सभी शनिवार को बैंक बंद रहेंगे।

फिलहाल दूसरे और चौथे शनिवार को ही नियमित बैंक अवकाश की व्यवस्था है। पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने पर अभी विचार और बातचीत की प्रक्रिया बाकी है।

PLI को लेकर भी होगी बातचीत

बैठक में Performance Linked Incentive (PLI) योजना का मुद्दा भी सामने आया।

UFBU की ओर से खास तौर पर Scale IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए PLI योजना में बदलाव की मांग को लेकर आगे बातचीत पर सहमति बनी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार IBA इस योजना में बदलाव का प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखने पर विचार करेगी, ताकि यूनियनों की आपत्तियों को संबोधित किया जा सके।

इससे पहले केंद्र सरकार ने 21 सितंबर को कहा था कि PLI योजना को लेकर उसने इसे abeyance यानी फिलहाल रोककर रखने का निर्णय लिया है और यूनियनों के साथ बातचीत जारी है। सरकार ने पांच-दिवसीय बैंकिंग की मांग को लेकर भी संवाद का रास्ता अपनाने की बात कही थी।

आखिर क्यों बुलाई गई थी तीन दिन की हड़ताल?

UFBU ने 28 से 30 सितंबर तक राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था। इसकी प्रमुख मांगों में पांच-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था और PLI से जुड़े मुद्दे शामिल थे।

सरकार के मुताबिक, इससे पहले 11 सितंबर 2026 को एक दिन की बैंक हड़ताल भी हुई थी। इसके बाद 28 से 30 सितंबर की तीन दिवसीय हड़ताल प्रस्तावित थी। सरकार ने यह भी बताया था कि यदि मांगों पर समाधान नहीं निकलता है तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का प्रस्ताव भी रखा गया था।

अब 28-30 सितंबर वाली हड़ताल स्थगित होने के बाद आगे की रणनीति बातचीत और हाईलेवल कमेटी की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

रविवार को बैंक क्यों खोले गए थे?

हड़ताल से पहले बैंकिंग सेवाओं पर लगातार कई दिनों तक असर पड़ने की आशंका को देखते हुए सरकार ने 27 सितंबर, रविवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को सामान्य रूप से खोलने का निर्णय लिया था।

वित्त मंत्रालय ने 23 सितंबर को जारी बयान में बताया था कि 28-30 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल से पहले ग्राहकों को बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए यह विशेष व्यवस्था की गई। RBI की मंजूरी के बाद 27 सितंबर को बैंक शाखाओं, संबंधित कार्यालयों, ATM-linked branches और currency chests को चालू रखने की व्यवस्था की गई थी।

इसका उद्देश्य प्रस्तावित हड़ताल और उससे पहले के सप्ताहांत के कारण बैंकिंग सेवाओं में लगातार व्यवधान को कम करना था।

ग्राहकों के लिए इसका क्या मतलब है?

हड़ताल स्थगित होने का सीधा असर बैंक ग्राहकों पर पड़ेगा। 28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल के कारण होने वाला तीन दिन का व्यवधान फिलहाल टल गया है।

यानी ग्राहकों को इस प्रस्तावित हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं के तीन दिन बंद रहने की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, सामान्य बैंक अवकाश, स्थानीय छुट्टियां और संबंधित बैंक की अपनी व्यवस्था अलग हो सकती है।

हड़ताल टली, लेकिन कर्मचारियों की मांगें खत्म नहीं हुईं

बैठक के बाद बनी सहमति को बैंक कर्मचारियों की सभी मांगों का अंतिम समाधान नहीं माना जा सकता। हड़ताल स्थगित हुई है, लेकिन पांच-दिवसीय बैंकिंग, शनिवार की छुट्टियों और PLI जैसे मुद्दों पर बातचीत आगे जारी रहेगी।

अब हाईलेवल कमेटी की चर्चा और IBA-UFBU के बीच आगे होने वाली बातचीत यह तय करेगी कि इन मांगों पर क्या समाधान निकलता है।

फिलहाल बैंक ग्राहकों के लिए सबसे बड़ी राहत यही है कि 28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल स्थगित हो गई है।

Nagendra sahu
Nagendra sahu
नागेन्द्र साहू छत्तीसगढ़ के भिलाई से हैं। उन्होंने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक (BJMC) और वर्धा स्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (MJ) की शिक्षा प्राप्त की है। पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वीडियो एडिटिंग ( Ex- भिलाई Times Sr Editor ) और डिजिटल कंटेंट में भी विशेषज्ञता के साथ वर्तमान में रेखांकित न्यूज़ का संचालन कर रहे हैं।
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