
Rajpal Yadav News: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। सात चेक बाउंस मामलों में सोमवार, 5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें पिछली भुगतान संबंधी शर्त का पालन नहीं करने पर कड़ी फटकार लगाई। सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि “आपकी जगह जेल में है।”
सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि तत्काल उनकी याचिका खारिज नहीं की। कोर्ट ने उन्हें एक आखिरी मौका देते हुए मंगलवार तक भुगतान करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी और इसे उस दिन की सूची में सबसे ऊपर रखा जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
मामला अभिनेता राजपाल यादव और M/s Murali Projects Pvt Ltd के बीच वित्तीय विवाद से जुड़ा है। कंपनी के अनुसार, वर्ष 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए करीब 5 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद ली थी।
बाद में रकम लौटाने को लेकर विवाद हुआ।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, वर्ष 2013 में बकाया राशि के भुगतान के लिए राजपाल यादव की ओर से 1.05 करोड़ रुपये के सात चेक दिए गए, लेकिन ये चेक बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर बाउंस हो गए।
कंपनी का यह भी दावा है कि 2012 में हुए समझौते के तहत राजपाल यादव, उनकी पत्नी और उनकी कंपनी को ब्याज समेत करीब 11 करोड़ रुपये चुकाने थे।
5 करोड़ और 2 करोड़ को लेकर क्या है मामला?
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के अलग-अलग आदेशों के कारण भुगतान की रकम को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कहा था कि 5 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त पर उन्हें सरेंडर करने से छूट दी जाएगी। इसके बाद 15 सितंबर को कोर्ट ने उन्हें अंतिम मौका देते हुए दो सप्ताह के भीतर ठोस भुगतान योजना पेश करने और 2 करोड़ रुपये कोर्ट रजिस्ट्री में जमा करने का निर्देश दिया था।
5 अक्टूबर को सुनवाई हुई तो कोर्ट ने पाया कि 2 करोड़ रुपये जमा करने के निर्देश का पालन नहीं हुआ है।
कोर्ट में 50 लाख रुपये के ड्राफ्ट का जिक्र
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकील ने भुगतान के संबंध में 50-50 लाख रुपये के चार डिमांड ड्राफ्ट पेश किए और बताया कि इन्हें बैंक के जरिए प्रोसेस किया जा रहा है। इस पर पीठ ने ड्राफ्ट की वास्तविकता और भुगतान की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए।
शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत सिन्हा ने आरोप लगाया कि राजपाल यादव लगातार अदालत के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं।
‘आपकी जगह जेल में है’—जस्टिस बागची की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान जब राजपाल यादव के वकील ने शिकायतकर्ता कंपनी की आर्थिक स्थिति का उल्लेख किया, तो जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कड़ा रुख अपनाया।
उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता आर्थिक रूप से अधिक सक्षम हो सकता है, लेकिन कथित तौर पर जिस रकम का भुगतान नहीं किया गया, उसके कारण वह नुकसान में है। इसके बाद जस्टिस बागची ने टिप्पणी की कि “इस अहंकार को उसकी सही जगह पर रखना होगा… आपको पता होना चाहिए कि कब बोलना है। आपकी जगह जेल में है।”
हालांकि कोर्ट ने तुरंत याचिका खारिज करने के बजाय भुगतान का एक और अवसर दिया। अदालत ने कहा कि अपील खारिज करने से शिकायतकर्ता के लिए अपनी रकम की वसूली मुश्किल हो सकती है।
पहले भी हो चुकी है जेल की सजा
राजपाल यादव को इन चेक बाउंस मामलों में पहले भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। 10 जुलाई 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी दोषसिद्धि बरकरार रखते हुए तीन महीने की जेल की सजा सुनाई थी।
दिल्ली हाई कोर्ट ने सातों मामलों में शिकायतकर्ता को प्रत्येक मामले में एक करोड़ रुपये से अधिक भुगतान करने का निर्देश दिया था। अदालत ने यह भी बताया था कि राजपाल यादव द्वारा पहले से जमा करीब 2 करोड़ रुपये को समायोजित किया जाएगा।
इससे पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें छह महीने की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में घटाकर तीन महीने किया गया था।
अब 7 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राजपाल यादव को मंगलवार तक भुगतान करने का अंतिम मौका दिया है। इसके बाद मामले की सुनवाई बुधवार, 7 अक्टूबर को होगी और इसे दिन की पहली सुनवाई के तौर पर सूचीबद्ध किया गया है।
अब नजर इस बात पर है कि राजपाल यादव कोर्ट के ताजा निर्देश का पालन करते हैं या नहीं। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत का एक और मौका दिया है, लेकिन सोमवार की सुनवाई में अदालत के तेवर बेहद सख्त रहे।

