
छत्तीसगढ़ | किसान हित | सरकारी भुगतान
छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी किसान न्याय योजना की लंबित अंतिम किस्त के भुगतान का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। किसान नेता एवं जनपद सदस्य ढालेश साहू ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से किसानों की बकाया राशि तत्काल जारी करने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के किसानों का लगभग 1,700 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है और सरकार को इस संबंध में स्पष्ट स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए।
खाद, बीज और मजदूरी का खर्च बढ़ा, किसानों को भुगतान का इंतजार
ढालेश साहू ने कहा कि खेती-किसानी में खाद, बीज, कृषि दवाइयों, बिजली और मजदूरी पर लगातार खर्च बढ़ रहा है। ऐसे में किसानों की प्रोत्साहन राशि का लंबित रहना उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि किसानों को खेती की अगली तैयारी के साथ-साथ परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए भी पैसों की आवश्यकता होती है। इसलिए लंबित राशि का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
सरकार बकाया राशि और भुगतान की समय-सीमा बताए
ढालेश साहू ने राज्य सरकार से मांग की कि किसानों के लंबित भुगतान को लेकर पारदर्शिता बरती जाए। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि वास्तव में कितनी राशि बकाया है, भुगतान में देरी के क्या कारण हैं और किसानों को उनकी राशि कब तक मिलेगी।
उनके मुताबिक, भुगतान की समय-सीमा सार्वजनिक होने से किसानों को अनिश्चितता से राहत मिलेगी और वे अपनी कृषि संबंधी योजनाएं बेहतर तरीके से बना सकेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से तत्काल भुगतान की मांग
ढालेश साहू ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राजीव गांधी किसान न्याय योजना की लंबित अंतिम किस्त जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत और उनके आर्थिक हितों से जुड़े भुगतान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने राज्य सरकार से किसानों के हित में शीघ्र निर्णय लेकर बकाया राशि जारी करने की अपील की

