
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों और संस्थाओं के सरकारी धन से जुड़े करीब 504 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले की जांच में सीबीआई ने छह आईएएस अधिकारियों को आरोपी बनाया है। एजेंसी ने 2 सितंबर 2026 को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत में दाखिल तीसरी चार्जशीट में कुल 19 आरोपियों को नामजद किया है। इनमें छह आईएएस अधिकारी, IDFC First Bank के तीन अधिकारी, AU Small Finance Bank का एक अधिकारी और हरियाणा सरकार के नौ अन्य अधिकारी शामिल हैं।
चार्जशीट में साकेत कुमार, राम कुमार सिंह, पंकज अग्रवाल, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग और मोहम्मद शाइन के नाम शामिल हैं। सीबीआई का आरोप है कि सरकारी धन को निर्धारित प्रक्रिया और वित्तीय नियमों का पालन किए बिना निजी बैंकों में स्थानांतरित किया गया और कुछ मामलों में अधिकारियों को कथित तौर पर अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
महत्वपूर्ण: नीचे बताए गए नकद, उपहार, होटल और अन्य लाभ से जुड़े विवरण सीबीआई की चार्जशीट में लगाए गए आरोपों पर आधारित हैं। इन आरोपों का न्यायिक रूप से साबित होना अभी बाकी है।
छह IAS अधिकारियों के नाम चार्जशीट में
सीबीआई के मुताबिक मामले में नामजद छह आईएएस अधिकारी हैं:
- साकेत कुमार
- राम कुमार सिंह (आरके सिंह)
- पंकज अग्रवाल
- प्रदीप कुमार
- विनीत गर्ग
- मोहम्मद शाइन
एजेंसी का आरोप है कि इन अधिकारियों और बैंक अधिकारियों के बीच कथित मिलीभगत से हरियाणा सरकार के आठ विभागों और संस्थाओं की रकम चुनिंदा निजी बैंकों की शाखाओं में स्थानांतरित की गई। जांच में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी, साक्ष्य नष्ट करने, आपराधिक विश्वासघात और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप शामिल किए गए हैं।
पंकज अग्रवाल पर होटल और मनोरंजन की सुविधाएं लेने का आरोप
चार्जशीट में तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारी पंकज अग्रवाल के संबंध में निजी बैंक अधिकारी से कथित अनुचित लाभ लेने के आरोपों का उल्लेख है।
अमर उजाला के पास बताई गई चार्जशीट के विवरण के अनुसार, सीबीआई ने आरोप लगाया है कि IDFC First Bank के तत्कालीन अधिकारी रिभव ऋषि ने पंकज अग्रवाल के लिए होटल में ठहरने और मनोरंजन से जुड़ी व्यवस्थाएं कराईं।
जांच एजेंसी के अनुसार, नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच जीरकपुर के एक होटल में चार कथित पार्टियों की व्यवस्था की गई। चार्जशीट में डांस कलाकारों, भोजन और शराब के खर्च का भुगतान बैंक अधिकारी की ओर से किए जाने का दावा किया गया है।
चार्जशीट में दिसंबर 2025 में चंडीगढ़ के एक होटल में एक महिला को बुलाने और जनवरी 2026 में मोहाली के एक होटल में दूसरी महिला के लिए सुइट बुक किए जाने का भी उल्लेख है। एक मामले में 75 हजार रुपये के भुगतान का दावा किया गया है।
इसके अलावा दिल्ली के एयरोसिटी स्थित होटल की बुकिंग और पंकज अग्रवाल की पत्नी से संबंधित एक पार्टी के खर्च का भी जांच दस्तावेजों में उल्लेख होने की बात कही गई है।
इन सभी घटनाओं को लेकर अंतिम निष्कर्ष अदालत में साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगा।
साकेत कुमार पर बैंक खाते खुलवाने की प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी का आरोप
सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक साकेत कुमार जून 2025 से अप्रैल 2026 तक विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव थे। उनके पास HPGCL के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी था।
एजेंसी का आरोप है कि कुछ बैंक खातों को खोलने की प्रक्रिया में उन्होंने केवल ‘Seen’ लिखकर प्रस्ताव को आगे बढ़ाया, जबकि बैंक चयन का अधिकार दूसरे स्तर पर था।
सीबीआई के अनुसार, इस प्रक्रिया में जरूरी कोटेशन और वित्त विभाग की अनुमति से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया गया।
चार्जशीट में HPGCL के पेंशन फंड ट्रस्ट से 25 करोड़ रुपये निकालकर IDFC बैंक में जमा कराने की कथित योजना का भी उल्लेख है। जांच एजेंसी के मुताबिक साकेत कुमार बैंक अधिकारियों से जुड़े एक WhatsApp ग्रुप में भी शामिल थे।
आरके सिंह पर 50 लाख घर और बेटे को 2 करोड़ देने का आरोप
राम कुमार सिंह (आरके सिंह) को लेकर सीबीआई ने कथित नकद लेन-देन के आरोप लगाए हैं।
चार्जशीट के मुताबिक, 11 जनवरी 2026 को उनके घर पर 50 लाख रुपये पहुंचाए गए। इसके बाद 22 जनवरी को दिल्ली में उनके बेटे प्रशांत सिंह को तीन अलग-अलग किश्तों में कुल 2 करोड़ रुपये दिए जाने का दावा किया गया है।
जांच एजेंसी ने कथित रकम की पहचान से जुड़े कुछ विशिष्ट विवरणों और नोटों के नंबरों के मिलान का भी उल्लेख किया है।
आरके सिंह पर IDFC बैंक में अलग-अलग ब्याज दरों के बावजूद सरकारी रकम की FD कराने और बैंक चयन की प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी का आरोप भी है।
विनीत गर्ग के घर सोने के सिक्के पहुंचाने का दावा
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष विनीत गर्ग पर भी बैंक निवेश की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप हैं।
चार्जशीट के मुताबिक कुछ निवेश मामलों में IDFC First Bank को प्राथमिकता दी गई। एक मामले में 50 करोड़ रुपये की रकम को अलग-अलग बैंकों में निवेश करने के प्रस्ताव के बजाय पूरी रकम IDFC में लगाने का निर्णय लिया गया।
सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया है कि दीपावली से पहले बैंक अधिकारी रिभव ऋषि के माध्यम से विनीत गर्ग के घर 50-50 ग्राम के दो सोने के सिक्के पहुंचाए गए। एजेंसी ने इस दावे के समर्थन में कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों का हवाला दिया है।
मोहम्मद शाइन पर 108 करोड़ की FD समय से पहले तोड़ने का आरोप
मोहम्मद शाइन, जो HPGCL के तत्कालीन प्रबंध निदेशक थे, पर भी IDFC First Bank को कथित तौर पर लाभ पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं।
सीबीआई के मुताबिक नवंबर 2024 में HPGCL की इंडसइंड बैंक में करीब 108.46 करोड़ रुपये की FD समय से पहले तोड़ी गई। इसमें से 50 करोड़ रुपये IDFC बैंक में जमा कराने का आरोप है।
जांच एजेंसी का दावा है कि इस प्रक्रिया से HPGCL को करीब 1.66 करोड़ रुपये के ब्याज का नुकसान हुआ।
चार्जशीट में बैंक अधिकारी द्वारा होटल और रेस्तरां के करीब 1.67 लाख रुपये के बिल चुकाने और शाइन के घर कई बार जाने का भी उल्लेख किया गया है।
प्रदीप कुमार पर ब्याज दरों की तुलना में गड़बड़ी का आरोप
हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्कालीन सदस्य सचिव प्रदीप कुमार पर भी निवेश प्रक्रिया में कथित हेरफेर का आरोप लगाया गया है।
सीबीआई के अनुसार, IDFC बैंक में जमा की जा सकने वाली अधिकतम सीमा की जानकारी होने के बावजूद वहां जमा राशि बढ़कर 163.68 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
चार्जशीट में एक मामले में AU Small Finance Bank की 8.45% ब्याज दर को 8.25% दिखाए जाने का आरोप है। एजेंसी का दावा है कि इससे IDFC बैंक की दर तुलनात्मक रूप से अधिक दिखाई गई।
जांच में 140.87 करोड़ रुपये की दो HARCO FD के दोबारा निवेश नहीं किए जाने का भी उल्लेख है। सीबीआई ने इन कथित अनियमितताओं से बोर्ड को ब्याज सहित 159.86 करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप लगाया है।
आठ सरकारी विभागों का पैसा निजी बैंकों में भेजने का आरोप
सीबीआई के मुताबिक मामले में हरियाणा सरकार के आठ विभागों और संस्थाओं के फंड से जुड़ी अनियमितताओं की जांच की गई है। इनमें पंचायत विभाग, पंचकूला और कालका नगर निगम, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद, हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और HPGCL शामिल हैं।
एजेंसी का आरोप है कि सरकारी रकम को निर्धारित वित्तीय सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किए बिना चुनिंदा बैंक शाखाओं में स्थानांतरित किया गया। बाद में कुछ रकम कथित तौर पर तीसरे पक्ष के खातों में भेजी गई और कई खातों के जरिए घुमाए जाने के बाद नकदी में बदली गई।
सीबीआई ने इस मामले में अब तक कई तलाशी अभियान चलाए हैं। सितंबर में दाखिल तीसरी चार्जशीट के बाद इस मामले में चार्जशीट किए गए आरोपियों की संख्या 37 हो गई है।

आरोप साबित होना अभी बाकी
यह मामला फिलहाल जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। छह आईएएस अधिकारियों समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप सीबीआई की चार्जशीट में दर्ज दावे हैं, दोष सिद्धि नहीं। अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों और बचाव पक्ष के पक्ष को सुनने के बाद ही आरोपों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष आएगा।

