
दुर्ग | 16 अक्टूबर 2026
भिलाई के नेहरू नगर निवासी 57 वर्षीय व्यक्ति से डाटा एंट्री का काम दिलाने, करप्ट डाटा रिकवर करने और सॉफ्टवेयर टूल्स खरीदने के नाम पर कथित तौर पर 39 लाख 33 हजार 560 रुपये की धोखाधड़ी की गई। दुर्ग पुलिस के अनुसार, मामले में दो आरोपियों को उत्तराखंड के हल्द्वानी से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
पुलिस के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद थाना सुपेला की स्मृतिनगर चौकी में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। बैंक खातों और मोबाइल नंबरों से जुड़ी तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया गया। मामले में आरोपियों की भूमिका और कथित धोखाधड़ी से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच जारी है।
इंडिया मार्ट के जरिए संपर्क, नोएडा की कंपनी में काम देने का दावा
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भिलाई के नेहरू नगर निवासी राजेश कुमार चौरसिया ने 2 जुलाई 2026 को लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अक्टूबर 2025 में इंडिया मार्ट के माध्यम से मोबाइल नंबर पर संपर्क स्थापित किया गया था।
उन्हें ग्रीन रेस प्राइवेट लिमिटेड, नोएडा में डाटा एंट्री का काम दिलाने की बात कही गई। इसके बाद कंपनी के साथ एग्रीमेंट कर मेडिकल, स्टील कारोबार, कंस्ट्रक्शन और इंपोर्ट-एक्सपोर्ट से संबंधित डाटा एंट्री का काम शुरू कराया गया।
डाटा करप्ट होने का हवाला देकर मांगे रुपये
शिकायतकर्ता के अनुसार, काम के दौरान डाटा करप्ट होने की बात कही गई। डाटा को ठीक करने और रिकवर करने के लिए अलग-अलग सॉफ्टवेयर टूल्स खरीदने की जरूरत बताई गई।
इसके बाद विभिन्न बैंक खातों में रकम जमा कराई गई। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता के IDFC बैंक खाते से कुल ₹39,33,560 की राशि कथित तौर पर छलपूर्वक प्राप्त की गई। पुलिस अब इस मामले में आरोपियों की भूमिका और लेन-देन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
तकनीकी जांच के आधार पर हल्द्वानी पहुंची पुलिस
दुर्ग पुलिस के अनुसार, मामले की विवेचना के दौरान आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों से संबंधित तकनीकी जानकारी जुटाई गई। इसके आधार पर पुलिस टीम को उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी भेजा गया।
पुलिस ने वहां से दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद दोनों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
राम निवास (42 वर्ष): मूल निवासी ग्राम मजहुवा गंगापुर, जिला बरेली, उत्तर प्रदेश। वर्तमान पता कमलुआगांजा, हल्द्वानी, जिला नैनीताल, उत्तराखंड।
राहुल बिष्ट (23 वर्ष): निवासी सर्वोदय कॉलोनी, फेस-03, हिम्मतपुर तल्ला, भगवानपुर, हल्द्वानी, जिला नैनीताल, उत्तराखंड।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। प्रेस विज्ञप्ति में जब्त मोबाइल फोन के अतिरिक्त किसी अन्य सामग्री का उल्लेख नहीं किया गया है।
सुपेला थाने में दर्ज है मामला
इस मामले में थाना सुपेला की चौकी स्मृतिनगर में अपराध क्रमांक 935/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) में अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की गई और आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।
फिलहाल मामले में कथित धोखाधड़ी से जुड़े लेन-देन, आरोपियों की भूमिका और अन्य तथ्यों की विवेचना जारी है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।
ऑनलाइन जॉब के नाम पर ठगी से बचने की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि डाटा एंट्री जॉब, घर बैठे कमाई या ऑनलाइन काम दिलाने के नाम पर संपर्क करने वाले व्यक्ति और कंपनी की वैधता की जांच करें।
पुलिस ने खास तौर पर डाटा रिकवरी, सॉफ्टवेयर खरीदने या पेमेंट रिलीज कराने के नाम पर अनजान व्यक्तियों द्वारा मांगी गई रकम बिना सत्यापन के जमा नहीं करने की सलाह दी है।
यदि किसी के साथ साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तत्काल अपने बैंक को सूचित करें और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। इसके अलावा आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।

