
दुर्ग-भिलाई। छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला लेवी मामले से जुड़ी संपत्तियों पर आयकर विभाग की बेनामी संपत्ति इकाई ने भिलाई में कार्रवाई की है। रायपुर की बेनामी संपत्ति प्रभाग (BPU) की टीम ने कोहका स्थित सूर्या रेजिडेंसी के मकान नंबर A-1 का भौतिक कब्जा लेकर उसे सील कर दिया। उपलब्ध दस्तावेजी विवरण के अनुसार, यह कार्रवाई बेनामी संपत्ति लेन-देन निषेध अधिनियम के तहत जब्त संपत्ति का कब्जा लेने की प्रक्रिया का हिस्सा है।
कार्रवाई सोमवार देर शाम तक चली। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्रवाई से पहले आयकर विभाग की टीम ने मुनादी कराई और बाद में संपत्ति पर विभाग की ओर से सूचना बोर्ड लगाया गया।

A-1 मकान मनीष उपाध्याय के नाम से जुड़ा
आयकर विभाग से संबंधित दस्तावेजों और उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड के आधार पर A-1 संपत्ति का संबंध मनीष उपाध्याय से बताया गया है। जांच एजेंसियों के दावों के अनुसार, संपत्ति के वास्तविक स्वामित्व और उससे जुड़े धन के स्रोत को लेकर जांच में सूर्यकांत तिवारी से संबंध सामने आया था।
उपलब्ध विवरण में A-1 का पता सूर्या रेजिडेंसी, कोहका, भिलाई, जिला दुर्ग बताया गया है। संपत्ति का खसरा नंबर 2028/38 और क्षेत्रफल 0.02 हेक्टेयर यानी करीब 200 वर्गमीटर दर्ज है।
हालांकि, संपत्ति के वास्तविक लाभार्थी और उससे जुड़े आरोपों पर अंतिम कानूनी स्थिति संबंधित कार्यवाही के परिणाम पर निर्भर करेगी।


ढोल बजाकर कराई गई मुनादी
आयकर विभाग की टीम जब संपत्ति पर कार्रवाई के लिए पहुंची तो स्थानीय स्तर पर मुनादी भी कराई गई। रिपोर्टों के मुताबिक, ढोल बजाकर मौके पर कार्रवाई की जानकारी दी गई और संबंधित सूचना सार्वजनिक की गई। इसके बाद विभाग ने मकान का कब्जा अपने नियंत्रण में लेकर उसे सील कर दिया।
न्यायिक रिकॉर्ड में सूर्यकांत तिवारी से संबंध का उल्लेख
जांच एजेंसियों की ओर से न्यायिक रिकॉर्ड में A-1 संपत्ति को सूर्यकांत तिवारी से संबंधित बताए जाने का उल्लेख मिलता है। वहीं संपत्ति मनीष उपाध्याय के नाम से जुड़ी बताई गई है।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, जांच में मनीष उपाध्याय और सूर्यकांत तिवारी के बीच वित्तीय संबंधों तथा संपत्ति की खरीद में कथित धन के इस्तेमाल को लेकर भी जांच की गई थी। इन बिंदुओं पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष को जांच एवं संबंधित कानूनी कार्यवाही के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

A-22 मकान पर भी बेनामी संपत्ति का नोटिस
इसी सूर्या रेजिडेंसी परिसर के A-22 मकान पर भी आयकर विभाग के बेनामी संपत्ति प्रभाग की कार्रवाई सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, इस संपत्ति पर बेनामी संपत्ति कानून के तहत नोटिस चस्पा किया गया है।
इस संपत्ति का संबंध पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया और उनके परिजनों से जुड़े नामों से बताया गया है। इससे पहले भी सूर्या रेजिडेंसी के A-1 और A-22 से जुड़ी संपत्तियों पर आयकर विभाग की कार्रवाई की रिपोर्ट सामने आ चुकी है।
जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में इन संपत्तियों और कोयला लेवी मामले से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन के संबंध में आरोपों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन आरोपों को अंतिम दोषसिद्धि के रूप में नहीं देखा जा सकता; संबंधित संपत्तियों और व्यक्तियों की कानूनी स्थिति न्यायिक एवं वैधानिक प्रक्रिया के अधीन है।
बेनामी संपत्ति कानून के तहत कार्रवाई
A-1 पर की गई ताजा कार्रवाई बेनामी संपत्ति लेन-देन निषेध अधिनियम, 1988 के तहत जब्त संपत्ति का भौतिक कब्जा लेने से संबंधित बताई गई है। उपलब्ध दस्तावेजी विवरण में आयकर विभाग की बेनामी संपत्ति इकाई द्वारा संपत्ति को अपने नियंत्रण में लेने और सील करने की कार्रवाई दर्ज है।
इस कार्रवाई के बाद कोयला लेवी मामले से जुड़ी संपत्तियों पर आयकर विभाग की जांच और कानूनी प्रक्रिया एक बार फिर चर्चा में है।


